एमवाय अस्पताल मरीज की बेबसी और सिस्टम की बेरुखी
KHULASA FIRST
संवाददाता

प्रबंधन ने खंगाले सीसीटीवी कैमरे, जांच के फेर में उलझी इंसानियत
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
संवेदनाओं के शहर में एक बेबस मरीज को बीच सड़क पर स्ट्रेचर पर ढोना सिस्टम की संवेदनहीनता की एक और स्याह तस्वीर पेश कर गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस झकझोर देने वाले वीडियो ने एमवाय अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस पूरे मामले में जहां मानवता शर्मसार हुई, वहीं अस्पताल प्रबंधन अब तकनीकी बारीकियों के पीछे अपनी जवाबदेही तलाश रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन अफसोस कि इन कैमरों की नजर में वह दर्द नजर नहीं आया, जो उस लाचार मरीज ने सड़क के बीचोबीच भोगा।
विडंबना यह कि जब एक जिंदगी एम्बुलेंस के इंतजार में सड़क पर नुमाइश बन रही थी, तब सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाला तंत्र कहीं सोया हुआ था। प्रबंधन का यह तर्क कि वह स्ट्रेचर अस्पताल का नहीं लग रहा या मरीज इमरजेंसी तक पहुंचा ही नहीं,
उन जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, जो एक गरीब परिवार ने उस वक्त महसूस किए होंगे। जांच जारी है, गार्डों से पूछताछ हो रही है, मगर सवाल वही कायम है क्या सिस्टम की फाइलों में दर्ज ये स्पष्टीकरण उस बेबस मरीज की पीड़ा का अंत कर पाएंगे?
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