मोहन ने रचाई ऐसी लीला खिल उठे किसानों के चेहरे: चार गुना मुआवजे ने लौटाई उम्मीद
KHULASA FIRST
संवाददाता

भाई बनकर हुए प्रकट और बहा दी धन की गंगा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
|मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की लीलाएं अपरंपार हैं। उनके नाम के अनुरूप उन्हें लीलाधर कहा जा सकता है (प्रदेश की राजनीति में उनकी लीलाएं इसकी गवाह हैं)। कल उन्होंने ऐसी ही लीला रचाई कि लंबे संघर्ष से हताश-निराश चेहरे देखते ही देखते प्रसन्नता से खिल उठे और खाली हाथों में धन की गठरियां आ गईं।
रक्षाबंधन पर बहनों की तिजोरियां भर दीं तो वर्षों से आर्थिक संकट में जी रहे सुदूर क्षेत्र के वनवासी और किसान भाइयों को जीवनभर की आर्थिक सुरक्षा की गारंटी भी दे दी। बदले में मांगा केवल दाल-बाटी और मिठाई।
उनकी बेहद सहज-सरल बातचीत को लेकर किसान भाई-बहनों का कहना था उन्हें ऐसा लगा ही नहीं कि प्रदेश का मुखिया उनसे बात कर रहा है। झाबुआ, थांदला, आलीराजपुर और धार जिले के वनवासी बहुल क्षेत्र व अन्य सैकड़ों ग्रामीण कृषक-मजदूर अपनी पुश्तैनी धरोहर और जीवन का आधार उपजाऊ भूमि छिन जाने के डर से बेहद निराश और हताश होकर भविष्य के प्रति चिंतित थे।
कारण रहा उनकी उपजाऊ भूमि को नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा बनाए जा रहे टिमरवानी-बदनावर फोरलेन मार्ग के लिए अधिग्रहित किया जाना और बदले में ऊंट के मुंह में जीरे के समान दोगुना मुआवजा, वह भी बेहद कम गाइडलाइन पर। किसानों ने इसे लेने से ही इनकार कर दिया।
ऐसे विकट हालातों में प्रभावित भूमि स्वामी असुरक्षा की भावना और निराशा के अंधेरे से घिरे थे। वनवासियों सहित प्रभावित किसान जब सरकार के अधिकारियों की रीति-नीति से निर्धारित कौड़ियों के दाम मुआवजा राशि से वर्तमान और भविष्य की चिंता में डूबे थे ऐसे समय में नाउम्मीद असहाय ग्रामीण किसानों और मजदूरों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब अपने नाम के अनुरूप ‘मोहन’ अचानक प्रकट हुए और बतौर मुख्यमंत्री
मुआवजा राशि की गंगा बहा दी। यह कहते हुए कि आपका भाई हूं, चिंता मत करो। सभी को चार गुना मुआवजा देने की घोषणा करता हूं। इस तरह सुदूर आदिवासी अंचल झाबुआ, थांदला, धार, आलीराजपुर के प्रभावित किसानों का दु:ख मुख्यमंत्री ने हर लिया। अपने सहज, सरल और आत्मीय भाव से उन्होंने उक्त घोषणा कर दी, जिसका इंतजार झाबुआ सहित आदिवासी अंचल के सैकड़ों किसानों को था।
परेशानियों के बीच पांच दिन से आंदोलनरत थे किसान...किसान संघ ने पांच दिन तक पूरी ताकत और धैर्य के साथ गर्मी, बारिश, गंदगी व मच्छरों के प्रकोप के बीच चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन किया था।
हालांकि मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह विषय देर से लाया गया, लेकिन जैसे ही उन्हें मालूम हुआ, तत्काल उन्होंने अपना फैसला सुना दिया। किसान संघ के झाबुआ जिले के अध्यक्ष वरदराज पाटीदार, संभागीय अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष कमलसिंह आंजना, प्रांत संगठन मंत्री अतुल महेश्वरी, प्रांत अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पटेल, युवा वाहिनी संयोजक श्याम पवार आदि की भूमिका आंदोलन में प्रमुख रूप से रही।
घोषणा में विलंब होने से किसान संघ के इंदौर-उज्जैन संभाग के पदाधिकारी झाबुआ पहुंच गए थे और कल बैठक के बाद बड़े आंदोलन की घोषणा करने वाले थे।
वास्तविक मूल्य से कम मुआवजे को लेकर थे आंदोलनरत...टिमरवानी-बदनावर फोरलेन के निर्माण के लिए किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। झाबुआ, थांदला, आलीराजपुर और धार जिले के वनवासी बहुल इलाकों के किसानों की शिकायत यह थी कि उन्हें जमीन के बदले मिलने वाला मुआवजा वास्तविक मूल्य और भविष्य की जरूरतों की तुलना में बेहद कम है। इसके चलते कई वर्षों से अपनी पुश्तैनी खेती की जमीन और जीवन के सबसे बड़े आधार को खोने की आशंका से चिंतित थे।
जमीन के साथ भविष्य की सुरक्षा की उम्मीद...आदिवासी अंचल के किसानों के लिए जमीन केवल संपत्ति नहीं है। वह परिवार की आजीविका, सामाजिक पहचान और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार है। ऐसे में चार गुना मुआवजे की घोषणा का महत्व केवल मुआवजे की रकम बढ़ाने तक सीमित नहीं है। किसानों को उम्मीद है कि इससे जमीन जाने के बाद परिवार के पुनर्वास, बच्चों की शिक्षा, रोजगार और भविष्य की आर्थिक जरूरतों को संभालने में मदद मिलेगी।
भाजपाई मंत्री, सांसद और विधायक रात्रिभोज पर आमंत्रित... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ भोपाल में प्रदेश के मंत्री विजय शाह, निर्मला भूरिया, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, सांसद अनीता चौहान और इलाके के विधायक मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कल भोपाल में जनजातीय भाजपा के मंत्री, सांसदों और विधायकों को बैठक के साथ रात्रिभोज पर आमंत्रित किया था। बैठक के दौरान ही उन्होंने दोपहर बाद झाबुआ में वर्चुअल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आंदोलनकारियों से बातचीत की थी। इसके बाद भारतीय किसान संघ ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
किसान संघ ने बताया प्रशासन और शासन स्तर पर प्रमुख अधिकारियों का उन्हें महत्वपूर्ण सहयोग मिला। मुख्यमंत्री के निजी सचिव डॉ. सुदाम खाड़े ने इस मामले में सजगता और संवेदनशीलता के साथ कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री को वास्तविक स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया, वहीं कलेक्टर झाबुआ ने मुआवजा बढ़ाने के पूरे प्रयास किए।
आज का दिन त्योहार जैसा
मुख्यमंत्री का संबोधन केवल सरकारी घोषणा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने किसानों से बेहद सहज अंदाज में संवाद किया। चार गुना मुआवजे की घोषणा के बाद उन्होंने कहा कि आज का दिन त्योहार के जैसा, रक्षाबंधन जैसा है। साथ ही आत्मीयतापूर्वक कहा कि मिठाई खिलाना। बातचीत के दौरान उन्होंने किसानों के साथ दाल-बाटी खाने की इच्छा भी जाहिर की।
निराशा के बीच आया मुख्यमंत्री का संदेश
लंबे आंदोलन के बाद जब किसान अपनी मांग को लेकर सरकार तक आवाज पहुंचाने में जुटे थे, उसी दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनसे संवाद किया। किसानों को आश्वस्त करते हुए साफ शब्दों में कहा ‘मैं किसान बहनों-भाइयों का भाई हूं।’
उन्होंने झाबुआ की धरती पर क्रांतिकारी टंट्या मामा को याद करते हुए कहा कि यहां के किसानों के साथ न्याय होगा। इसके बाद उन्होंने घोषणा की कि टिमरवानी-बदनावर फोरलेन के लिए अधिग्रहित की जा रही कृषि भूमि के बदले किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
अब आदेश और भुगतान का इंतजार
हालांकि किसानों की खुशी के साथ अब अगली चुनौती भी सामने है। मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करने के लिए औपचारिक आदेश, मुआवजा निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
किसानों की निगाह अब इस बात पर रहेगी कि चार गुना मुआवजे का लाभ प्रत्येक प्रभावित किसान तक किस प्रक्रिया और किस समय सीमा में पहुंचता है। बहरहाल, इतना जरूर है कि जिस आंदोलन की शुरुआत जमीन और भविष्य की चिंता से हुई थी, उसमें मुख्यमंत्री की चार गुना मुआवजे की घोषणा ने एक नया मोड़ ला दिया है।
संबंधित समाचार

खजराना गणेश को बांधी जाएगी प्रदेश की सबसे बड़ी राखी:वंदे मातरम् थीम में दिखेगी Gen-Z की झलक

राहगीरों से झपटते थे मोबाइल:तेजाजी नगर पुलिस ने 12 घंटे में दबोचे गिरोह के चार नशेड़ी लुटेरे

भीषण सड़क हादसा:ट्रक में घुसी कार; मां-बेटी की मौत

इंडिगो फ्लाइट में बिगड़ी यात्री की तबीयत:अचानक पड़ा मिर्गी का दौरा; प्राथमिक उपचार के बाद किया अस्पताल रेफर

हाईवे पर चलती बस में लगी आग:खिड़कियां तोड़कर कूदे यात्री; बाल-बाल बची कई जानें

बड़ी इंजीनियरिंग चूक:सड़क की जगह खेत में उतर रहा पुल; 30 डिग्री बिगड़ा अलाइनमेंट

हेरिटेज ट्रेन को लेकर यात्रियों में जबरदस्त उत्साह:इतनी अवधि तक सीटें फुल; नॉन-एसी में भी वेटिंग

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत:करोड़ों की लागत से बनेगा ब्रिज; सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने का लक्ष्य

सनपाल के काले कारनामों का खुलासा:भगोड़ा सतीश फरार तो किसने किए हस्ताक्षर?

अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड रैकेट पकड़ाया:लाखों के ट्रांजैक्शन का खुलासा; 4 आरोपी गिरफ्तार

ट्रैफिक में फंसी जनता:अंतिम श्रावण सोमवार पर सड़कों का निकला दम सुपर कॉरिडोर से एमआर-10 तक जाम

देखिए वीडियो:प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन छोड़ी; छात्र का सिर फटा, छात्रा बेहोश, TRE-4 में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन

त्योहारों से पहले सड़कों पर भारी पुलिस बल:असामाजिक तत्वों को हिदायत- कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

गड्ढों में वीआईपी रोड... पाइप लाइन बिछाने के बाद मिट्टी-गिट्टी डालकर छोड़ी सड़क:निगम बोला-बारिश में मिट्टी बैठने के बाद करेंगे पक्का सुधार

भेरूघाट टनल में अनधिकृत आवाजाही पर रोक की मांग:900 करोड़ से ज्यादा की परियोजना; संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन

नमाज पर नाराज हिंदू समाज:सकल हिंदू समाज के आह्वान पर जिले का चप्पा-चप्पा सुबह से बंद

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला:3400 करोड़ के बालाघाट-सिवनी फोरलेन हाईवे को मंजूरी

बकरियां चराने के विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष:बाप-बेटे की कुल्हाड़ी मारकर हत्या; दूसरे पक्ष की मां-बेटी घायल

रिटायर्ड बैंक प्रबंधक से मामा-भानजे ने की जमीन दिलाने के नाम पर जालसाजी:डीसीपी रावत ने मामला गंभीरता से लिया और करवा दी एफआईआर

भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने पर रोक:हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ संबंधित वकील ही देख सकेंगे
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!