नमाज पर नाराज हिंदू समाज: सकल हिंदू समाज के आह्वान पर जिले का चप्पा-चप्पा सुबह से बंद
KHULASA FIRST
संवाददाता

हिंदू संगठनों के आह्वान पर लालबाग में जुटे हजारों लोग, शहर की सड़क पर रैलियां, जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप
भोजशाला के बगल में नमाज के विरोध में आज धार जिला बंद, दुकानों के शटर गिरे
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033, खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश के धार जिले में प्रसिद्ध भोजशाला विवाद को लेकर माहौल एक बार फिर गरमा गया है। मसला भोजशाला के बगल में हर शुक्रवार को पढ़ी जा रही नमाज से जुड़ा है। इस मामले में सकल हिंदू समाज ने जिला प्रशासन पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरश: पालन न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए 25 अगस्त को धार जिला बंद का आह्वान किया है।
बंद के समर्थन में तैयार किए गए पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। ताजा मूवमेंट्स को आस्था और अधिकारों की लड़ाई करार दिया गया है। सकल हिंदू समाज के बैनर तले फिर से यह आंदोलन छेड़ा गया है। समाज प्रतिनिधियों का कहना है कि यह आंदोलन भोजशाला से जुड़ी आस्था, अस्मिता और हिंदू समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
समाज के पदाधिकारियों का आरोप है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा भोजशाला के संबंध में जारी किए गए दिशा-निर्देशों की जिला प्रशासन लगातार अनदेखी कर रहा है। प्रशासन की इस लापरवाही के कारण ही समाज को बंद जैसा कठोर कदम उठाने पर विवश होना पड़ा है।
विरोध प्रदर्शन के तहत 25 अगस्त को जिले के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान और बाजार बंद रखने की अपील की गई है। इसके साथ ही सकल हिंदू समाज के प्रतिनिधि जिला प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ एकजुट होकर प्रशासनिक अधिकारियों को सामूहिक ज्ञापन भी सौंपा। बंद के ऐलान के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
भोजशाला विवाद और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के विरोध में सकल हिंदू समाज द्वारा धार जिले में आज दोपहर तक बंद का आह्वान किया गया है। बंद का मुख्य कारण व नाराजगी की वजह ऐतिहासिक भोजशाला परिसर के पास सटी भूमि पर धार्मिक गतिविधियों और नमाज के लिए तय स्थान व रास्तों के असमंजस को लेकर हिंदू समाज में आपत्ति है।
इस मामले में जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि न्यायालयीन व सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का प्रशासन द्वारा सही ढंग से पालन नहीं कराया जा रहा है। नतीजतन आज सुबह से बाजारों में सन्नाटा है और आमजन सड़क पर हैं।
बंद के आह्वान के चलते धार शहर और पीथमपुर के प्रमुख बाजारों में व्यापारिक प्रतिष्ठान और दुकानें बंद रहीं, जिससे सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। आवश्यक सेवाएं फिलहाल मुक्त नजर आ रही हैं। आम जनता की सुविधा के लिए स्कूल-कॉलेज, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य जरूरी सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा है।
हिंदू समाजजन सुबह लालबाग परिसर में एकत्रित हुए और प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों तथा बाजारों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
एक ही रास्ता, नक्शा तय नहीं होने से बढ़ी उलझन...बता दें कि ताजा विवाद नमाज और पूजा के लिए हिंदू-मुस्लिम दोनों समाजों द्वारा एक ही रास्ते का उपयोग और संरक्षित स्मारक की सीमा तय नहीं होने से जुड़ा है। हिंदू पक्ष ने इस मामले में पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को घेरा, क्योंकि भोजशाला परिसर उसके अधीन है। अफसरों के रवैये से नाराज हिंदू संगठन ने धार बंद का ऐलान किया। माना जा रहा है कि यह विवाद फिर बढ़ता जाएगा।
हिंदू समाज का कहना है कि बंद के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। हिंदू समाज ने आम जनता से लेकर व्यापारियों तक सभी से धार बंद को सफल बनाने में सहयोग की अपील की। अपील में भोजशाला को आस्था, अस्मिता और अधिकारों से जुड़ा विषय बताते हुए लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए कहा।
हिंदू समाज की ओर से जारी पत्र में यह कहा गया कि भोजशाला की आस्था और अधिकारों के लिए पूर्वजों ने संघर्ष किया था। समाज से अपील की गई है कि भविष्य की पीढ़ियों को इस मुद्दे पर फिर संघर्ष की स्थिति का सामना न करना पड़े, इसलिए सभी लोग एकजुट होकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाएं।
सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद पढ़ी जुमे की नमाज
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद भोजशाला परिसर से सटी दरगाह की जमीन पर जुमे की नमाज पढ़ी गई। सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद जिला प्रशासन ने जुमे की नमाज के लिए दोपहर 1 से 3 बजे के बीच वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया है, जो कि भोजशाला से एकदम सटा हुआ है।
मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद भोजशाला के निकट सर्वे नंबर 612 को नमाज के लिए चुना गया था। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा मई में भोजशाला कमाल मौला परिसर को देवी सरस्वती का मंदिर घोषित किए जाने के बाद 31 जुलाई को पहली बार बड़ी संख्या में मुस्लिम जुमे की नमाज के लिए पहुंचे थे।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि मुस्लिम समुदाय को भोजशाला के पास ही नमाज पढ़ने की जगह दी जाए। तब से परिसर से सटे दरगाह परिसर में शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज अदा की जा रही है।
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