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मेट्रोपॉलिटन एरिया का सर्वे पूरा: इतने हजार वर्ग किमी क्षेत्र का जल्द होगा नोटिफिकेशन; क्षेत्रीय विकास योजना को औपचारिक रूप मिलेगा

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 अप्रैल 2026, 1:34 pm
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मेट्रोपॉलिटन एरिया का सर्वे पूरा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन का दायरा एक बार फिर बढ़ा दिया गया है। चौथी बार किए गए इस विस्तार के बाद अब कुल क्षेत्रफल करीब 16 हजार वर्ग किलोमीटर हो गया है। इसमें इंदौर के साथ उज्जैन, देवास, शाजापुर और रतलाम जिलों की कई तहसीलें शामिल की गई हैं।

सर्वे लगभग पूरा, जल्द जारी होगा नोटिफिकेशन
इस पूरे मेट्रोपॉलिटन रीजन का सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग जल्द ही इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करेगा। इससे क्षेत्रीय विकास योजना को औपचारिक रूप मिल जाएगा।

भोपाल मेट्रो रीजन का भी विस्तार
इसी तरह भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का भी विस्तार किया गया है, जिसमें सीहोर, राजगढ़, विदिशा और नर्मदापुरम जिलों की तहसीलों को शामिल किया गया है। भोपाल का नोटिफिकेशन पहले ही जारी किया जा चुका है और क्षेत्रफल लगभग 1295 वर्ग किलोमीटर निर्धारित किया गया है।

नया एक्ट लागू, मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी करेगी काम
राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 को मंजूरी दे दी है। इसी कानून के तहत इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी काम करेंगी और क्षेत्रीय विकास की योजना तैयार करेंगी।

इंदौर विकास प्राधिकरण को मिली जिम्मेदारी
इंदौर विकास प्राधिकरण को पूरे मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले इस क्षेत्र का दायरा करीब 9989 वर्ग किलोमीटर था, लेकिन लगातार तीन बार विस्तार के बाद यह बढ़कर अब 16 हजार वर्ग किलोमीटर तक पहुंच गया है।

35 तहसीलें शामिल, बड़े प्रोजेक्ट्स को भी जोड़ा गया
नए विस्तार में रतलाम और शाजापुर की अतिरिक्त तहसीलें, उज्जैन की माकड़ोन तहसील, देवास की दो तहसीलें और धार की एक तहसील शामिल की गई हैं। अब कुल 35 तहसीलें इस मेट्रोपॉलिटन रीजन का हिस्सा हैं।पीएम मित्र पार्क और दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाओं को भी इस योजना में शामिल किया गया है, ताकि औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
नोटिफिकेशन जारी होने के बाद इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति और तेज होने की उम्मीद है। यह योजना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के समन्वित विकास के लिए अहम मानी जा रही है।

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