केमिकल कंपनी में भीषण आग पर 12 घंटे बाद पाया काबू: धमाकों से दहला औद्योगिक क्षेत्र; कई किलोमीटर दूर तक धुएं का घना गुबार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पीथमपुर के सेक्टर-3 स्थित हजारगो इंडस्ट्रियल वेस्ट डिस्पोजल कंपनी में लगी भीषण आग पर करीब 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया। आग इतनी भयावह थी कि केमिकल ड्रमों में लगातार धमाके होते रहे और कई किलोमीटर दूर तक धुएं का घना गुबार दिखाई देता रहा।
रात 9:45 बजे लगी आग, तेजी से फैली लपटें
मंगलवार रात करीब 9:45 बजे वेस्ट मैनेजमेंट और केमिकल कचरे के निस्तारण करने वाली इस यूनिट में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और लपटें आसपास की अन्य फैक्ट्रियों तक पहुंच गईं। स्थिति बिगड़ती देख एहतियातन कई यूनिटों को खाली कराना पड़ा।
केमिकल ड्रमों में धमाकों से मचा हड़कंप
आग लगने के कुछ ही मिनटों बाद केमिकल ड्रमों में विस्फोट शुरू हो गए, जिससे पूरा औद्योगिक क्षेत्र दहशत में आ गया। धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। घटना के समय फैक्ट्री में करीब 10 मजदूर मौजूद थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया जिससे बड़ा हादसा टल गया।
12 दमकल और रोबोट की मदद से बुझी आग
आग बुझाने के लिए पीथमपुर, इंदौर, धार, धामनोद और धरमपुरी से कुल 12 दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही दो फायर फाइटिंग रोबोट भी तैनात किए गए, जिन्होंने लगातार आग पर काबू पाने में मदद की। 200 से अधिक पानी के टैंकर इस्तेमाल किए गए। इंदौर नगर निगम से फोम एक्सटिंग्विशर मंगाए गए। कई घंटों तक लगातार ऑपरेशन चला।
प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी और एसपी मयंक अवस्थी ने खुद मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य की निगरानी की।
भारी नुकसान, मशीनें जलकर खाक
भीषण आग की चपेट में आकर फैक्ट्री में खड़ी जेसीबी मशीन और हाइड्रा क्रेन पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। फिलहाल नुकसान का सटीक आकलन नहीं हो सका है।
आग के कारणों की जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में औद्योगिक कचरे के निस्तारण के दौरान आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
कई किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि इसका धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। इससे आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे आग के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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