खबर
Top News

पुलिस-प्रशासन और निगम के साथ प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई: इतने रो-हाउस से कब्जा हटाया; अनेक मकानों में किरायेदार और अवैध कब्जे

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 अप्रैल 2026, 3:31 pm
160 views
शेयर करें:

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मूसाखेड़ी रिंग रोड स्थित योजना-94, सेक्टर एच में इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा 16 वर्ष पूर्व निम्न एवं गरीब परिवारों के लिए 550 रो-हाउस बनाए गए थे। समय के साथ कई आवंटन निरस्त हुए और कई मकानों में किरायेदारी व अवैध कब्जे बढ़ते चले गए। इन्हीं खाली और कब्जे वाले रो-हाउसों पर लंबे समय से अनाधिकृत रूप से परिवार रह रहे थे।

10 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कराई गई मुक्त
प्राधिकरण ने पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम के साथ अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान लगभग 45 रो-हाउसों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। अधिकारियों के अनुसार यह संपत्ति करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य की है, जिसे वर्षों से अनधिकृत रूप से उपयोग किया जा रहा था।

ब्लॉक-वार चलाया गया अभियान
यह कार्रवाई योजना के कुल 8 ब्लॉकों में से ई, एफ, जी और एच ब्लॉकों में केंद्रित रही। प्राधिकरण के अनुसार अब ए, बी, सी और डी ब्लॉकों में भी इसी तरह का अभियान चलाकर शेष अवैध कब्जों को हटाया जाएगा।

16 साल पहले बने थे 550 प्रकोष्ठ
इस योजना के तहत लगभग 550 रो-हाउस बनाए गए थे और अधिकांश का आवंटन भी हुआ था। लेकिन किश्तों का भुगतान न होने और अन्य कारणों से कई आवंटन निरस्त हो गए। इसके बाद खाली पड़े मकानों पर धीरे-धीरे अवैध कब्जे होते चले गए।

आगे 80 प्रकोष्ठों की रिकवरी की संभावना
प्राधिकरण के अनुसार कार्रवाई पूरी होने पर लगभग 80 रो-हाउस पुनः नियंत्रण में आ सकते हैं। इनका उपयोग या तो बिक्री के लिए किया जाएगा या फिर व्यवस्थापन योजना के तहत पात्र परिवारों को आवंटित किया जाएगा।

अगले चरण में विस्थापन की चुनौती
प्राधिकरण के सामने अब एमआर-11 और एमआर-12 क्षेत्रों में बाधक बस्तियों के विस्थापन की चुनौती है। इन परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इसमें समय लग सकता है।

सीईओ का बयान
प्राधिकरण के सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े ने बताया कि सर्वेक्षण और चिन्हांकन के बाद यह कार्रवाई की गई है और भविष्य में इस तरह के अवैध कब्जों को रोकने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!