ग्रीनबेल्ट की जमीन पर माफिया राज
KHULASA FIRST
संवाददाता

फर्जी रजिस्ट्रियों से 1000 करोड़ रुपए का घोटाला विभागों की मिलीभगत के आरोप, 5000 से अधिक प्लॉट बेच दिए, 2000 और फर्जी जोड़कर किया बड़ा खेल
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली ग्रीनबेल्ट जमीन पर अब तक के सबसे बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। विदुर नगर एवं झूलेलाल नगर आवासीय संस्था संचालकों पर आरोप है उन्होंने सहकारिता विभाग, कलेक्टर कार्यालय और अन्य संबंधित विभागों की मिलीभगत से सरकारी जमीन को योजनाबद्ध तरीके से हड़पा।
आरोपों के मुताबिक फर्जी शपथ पत्र, अपात्र सदस्यों का पंजीयन, कूटरचित नामांतरण और रजिस्ट्री शुल्क में अवैध छूट लेकर शासन को करोड़ों का चूना लगाया गया। रजिस्ट्रेशन क्रमांक 2584 और 2585 (14 सितंबर 1995) के आधार पर 135.69 एकड़ ग्रीनबेल्ट जमीन को कब्जे में लेकर 5000 से अधिक फर्जी प्लॉटों का विक्रय कर दिया गया।
दूसरी संस्था बनाकर फिर रचा नया खेल...मामला यहीं नहीं थमा। इसी जमीन में से 28.33 एकड़ हड़पने के लिए फर्जी झूलेलाल नगर संस्था खड़ी कर दी गई। रजिस्ट्रेशन क्रमांक 4829 और 4830 (24 मार्च 1998) के जरिए इस जमीन को कृषि भूमि बताकर बेच दिया गया। आरोप है यहां 2000 से ज्यादा अतिरिक्त फर्जी प्लॉट बेचे गए और रजिस्ट्री शुल्क में भारी गड़बड़ी की गई।
कलेक्टर के फैसले को भी किया नजरअंदाज... 29 अप्रैल 1999 को कलेक्टर ने 196.69 एकड़ ग्रीन-बेल्ट जमीन को लेकर स्पष्ट निर्णय दिया था कि उक्त जमीन की असली मालिक महारानी उषाराजे होलकर हैं। इसके बावजूद निर्णय से पहले की गई चार फर्जी रजिस्ट्रियों को जानबूझकर छुपाया गया जबकि आदेश में इन्हें साफ तौर पर अवैध माना गया था।
1,772 फर्जी रजिस्ट्रियां और हजार करोड़ का घोटाला... शुक्ला परिवार की 61.2 एकड़ जमीन पर ही 1772 फर्जी रजिस्ट्रियां कर दी गईं। रजिस्ट्री शुल्क में भी अवैध छूट लेकर राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया। कुल मिलाकर 135 एकड़ से ज्यादा जमीन के अवैध सौदों से करीब 1000 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला सामने आया है।
10 साल तक दबा रहा मामला... 3 नवंबर 2015 को संबंधित कार्यालय द्वारा जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन पूरा मामला ‘कचरे के डिब्बे’ में डालकर वर्षों तक दबाए रखा गया। 27 जनवरी की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कर एफआईआर, अवैध जमीन की वापसी और रजिस्ट्री शुल्क रिकवरी की मांग उठाई गई है।
सवाल, जिनके जवाब बाकी
आखिर इतने बड़े घोटाले में कौन-कौन अधिकारी शामिल हैं?
वर्षों तक जांच क्यों दबाई गई?
क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में जाएगा?
जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग के अधिकारी जांच का हवाला देते रहे हैं, लेकिन वह अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंच रही है। सालों से जांच में कई अधिकारी बदल गए। दोषी तय नहीं हो पाए और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्लॉट की खरीदी-बिक्री जारी है।
बड़े नाम भी घेरे में... शिकायत में शहर के कुछ चर्चित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नाम भी सामने आए हैं, जिन पर इस घोटाले में संलिप्तता के आरोप हैं। इनमें शिरोमणि ज्वेलर्स (सराफा बाजार), आरती स्वीट्स (टावर चौराहा), गुलमोहर मार्केटिंग और आर्य कन्फेक्शनरी (पोलो ग्राउंड) शामिल बताए जा रहे हैं।
संबंधित समाचार

आधी रात को पीएम मोदी का बड़ा संदेश:बोले- पेपर लीक पर अब और होगी सख्ती; शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में होंगे बड़े फैसले

प्रधानमंत्री मोदी के ऐलान पर बड़ा एक्शन:पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्पेशल जज नियुक्त; दोषियों पर होगी त्वरित कार्रवाई

नीट विवाद पर बन सकती है सहमति:सरकार से बातचीत को तैयार हुई सीजेपी; आज मंत्रियों से होगी अहम बैठक

छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला:उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी हटाए गए; नरेश पाल गंगवार को मिली जिम्मेदारी

पुलिस में बंपर भर्ती:इतने पदों को मिली मंजूरी; जल्द होगी भर्ती प्रक्रिया शुरू

उपचुनाव में भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत:छह मंत्री डटे; 25 जुलाई से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संभालेंगे मोर्चा

कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का महासैलाब:कथा शुरू होने से पहले ही पंडाल हाउसफुल, लाखों श्रद्धालु पहुंचे

तीन सगी बहनों ने एक ही युवक से की शादी:वायरल वीडियो पर आया नया मोड़; बोले- 'यह रील नहीं, हकीकत है'

जिला अस्पताल में बड़ा खेल:सलाइन की जगह मिनरल वाटर की ड्रिप चढ़ाई, सीएमएचओ ने कलेक्टर को सौंपी जांच रिपोर्ट

70 करोड़ के एमडी ड्रग्स रैकेट पर ईडी की बड़ी कार्रवाई:मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार

देखिये वीडियो, ओंकारेश्वर मंदिर में हंगामा:गर्भगृह में श्रद्धालुओं से बदसलूकी और मारपीट का आरोप

पेपर लीक के विरोध में राहुल गांधी का मार्च:विपक्षी दलों संग गांधी स्मृति तक निकाली पदयात्रा; छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ जताया विरोध

एयरपोर्ट पर 20 मिनट की 'सियासी गुफ्तगू':सीएम मोहन से दिग्विजय की कानाफूसी; बोले- 'तुलसी का टिकट कटेगा'

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास:टी-20 के सबसे युवा हाफ सेंचुरियन बने; भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया

समस्याओं को प्रखरता से उठाता है खुलासा फर्स्ट

मन्नत से लौट रहे परिवार पर हमला:साइड देने को कहा तो भड़के कार सवार; भाजपा नेता के रिश्तेदारों पर एफआईआर, फॉर्च्यूनर जब्त

शहीद जवान, अक्षुण्ण आस्था अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में सेंध:आतंकी साया ड्यूटी पर तैनात J&K पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या, विदेशी TRF आतंकी पर शक...

राहुल के 'सड़क से संसद' वाले आक्रामक तेवरों के क्या निहितार्थ:छात्र असंतोष का राजनीतिकरण, अवसर का लाभ, हाईजैक का खतरा या व्यवस्था परिवर्तन की छटपटाहट

लड़कों को रात 10 बजे तक एंट्री, हमें 8 बजे क्यों:गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने सीएम हेल्पलाइन पर की भेदभाव की शिकायत

कनक स्मार्ट सिटी के भ्रष्ट कॉलोनाइजर ने पार्षद से मिलकर तुड़वा दी 40 दुकानें:एक दिन पूर्व रात्रि में नोटिस दिया, अगले दिन कार्रवाई
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!