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लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: अधिकारी 90 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार; भुगतान के बदले मांगा था कमीशन

KHULASA FIRST

संवाददाता

08 अप्रैल 2026, 11:35 am
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लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के दो अधिकारियों को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी ठेकेदार के लंबित भुगतान को जारी करने के एवज में कमीशन मांग रहे थे।

17 लाख के भुगतान के बदले मांगा गया कमीशन
लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता राघवेन्द्र सिंह गुर्जर (निवासी रामनगर आदर्शपुरम, ग्वालियर) सांई एसोसिएट फर्म में लायजनिंग मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी फर्म को सितंबर 2025 में राऊ से बामपुरा तक इलेक्ट्रिक सिटिंग का काम करीब 20 लाख रुपए में मिला था। यह काम तय समय में पूरा कर दिया गया, लेकिन जीएसटी सहित करीब 17 लाख रुपए का भुगतान विभाग में लंबित था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भुगतान जारी करने के बदले अधिकारियों ने कमीशन की मांग की।

दो अधिकारियों ने मिलकर तय किया ‘रेट’
बालकुमार जैन (सहायक यंत्री/प्रभारी कार्यपालन अधिकारी) ने 4% के हिसाब से 60 हजार रुपए मांगे।धीरेंद्र कुमार नीमा (सब इंजीनियर/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी) ने 2% के हिसाब से 30 हजार रुपए की मांग की। इस तरह दोनों ने मिलकर कुल 90 हजार रुपए की रिश्वत तय की।

लोकायुक्त ने बिछाया जाल, रंगे हाथ पकड़े गए
शिकायत मिलने के बाद मामला लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के संज्ञान में लाया गया। प्रारंभिक सत्यापन के बाद 7 अप्रैल को ट्रैप टीम गठित की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी बालकुमार जैन को 60 हजार रुपए और धीरेंद्र नीमा को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया।

भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। लोकायुक्त पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस तरह के और कितने मामलों में उन्होंने रिश्वत ली है।

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