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शराब दुकानों की नीलामी अटकी: दूसरे दिन भी 8 दुकानों पर नहीं आया एक भी टेंडर; उम्मीद के मुताबिक प्रतिसाद नहीं

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 अप्रैल 2026, 12:40 pm
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शराब दुकानों की नीलामी अटकी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश में शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया लगातार सुस्त बनी हुई है। 14वें चरण में भी इंदौर की 8 दुकानों के लिए एक भी टेंडर नहीं आया, जिससे करोड़ों का मामला महज 10 करोड़ की खाई में अटका हुआ है।

उम्मीद के मुताबिक प्रतिसाद नहीं
प्रदेश में शराब दुकानों की नीलामी के 14वें चरण में भी उम्मीद के मुताबिक प्रतिसाद नहीं मिला। अब तक नहीं बिक पाई 420 से ज्यादा दुकानों के लिए टेंडर बुलाए गए थे, जिनमें इंदौर की 8 दुकानें भी शामिल थीं। हालांकि, पूरे प्रदेश में सिर्फ 21 दुकानों के लिए ही टेंडर आए, जबकि 400 से अधिक दुकानें अब भी बिना खरीदार के हैं।

20 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाई
सरकार ने इस साल 3553 दुकानों की नीलामी के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाई थी। लेकिन बढ़ी हुई दरों पर प्रतिसाद नहीं मिलने के कारण बाद में कीमतों में 30 प्रतिशत तक की कटौती करनी पड़ी। इसके बावजूद कई दुकानों के लिए खरीदार नहीं मिल रहे हैं।

10 करोड़ के अंतर में फंसी इंदौर की दुकानें
इंदौर की कुल 173 दुकानों में से 8 दुकानें अब भी नहीं बिक पाई हैं। 31 मार्च को जब सरकार ने न्यूनतम बोली की सीमा हटा दी थी, तब इन दुकानों के लिए 76 करोड़ रुपए के ऑफर मिले थे, जो तय कीमत से करीब 37 प्रतिशत कम थे। कम दरों के कारण सरकार ने इन ऑफर्स को स्वीकार नहीं किया और नीलामी प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी।

कुल कीमत 123 करोड़ से घटकर करीब 86 करोड़ रुपए
अब 30 प्रतिशत कटौती के बाद इन दुकानों की कुल कीमत 123 करोड़ से घटकर करीब 86 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। यानी सरकार जहां 86 करोड़ की उम्मीद कर रही है, वहीं बाजार से 76 करोड़ का ही ऑफर मिल रहा है। यही 10 करोड़ का अंतर इन दुकानों की नीलामी में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

आज 15वें चरण में फिर होगी कोशिश
बची हुई दुकानों की नीलामी के लिए आज 15वें चरण में फिर से टेंडर प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। शाम 5 बजे टेंडर खोले जाएंगे। विभाग को उम्मीद है कि इस बार कुछ और दुकानों की बोली लग सकती है। साथ ही, यदि दुकानें लगातार नहीं बिकती हैं, तो सरकार खुद निगम या मंडल बनाकर इनके संचालन पर भी विचार कर रही है।

लक्ष्य से आगे निकला इंदौर
दिलचस्प बात यह है कि 8 दुकानें नहीं बिकने के बावजूद इंदौर राजस्व लक्ष्य से आगे निकल चुका है। 173 दुकानों से 2102 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य था, लेकिन 165 दुकानों की नीलामी से ही 2105 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है। यानी लक्ष्य से 3 करोड़ रुपए अधिक हासिल हो चुके हैं और बची हुई दुकानों से मिलने वाली राशि अब पूरी तरह अतिरिक्त आय के रूप में जुड़ने वाली है।

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