खबर
Top News

प्रॉपर्टी विवाद निपटाने के कानूनी दांव-पेंच: मौजूदा संपत्ति को पाने व बिक चुकी संपत्ति को बचाने के हथकंडे

KHULASA FIRST

संवाददाता

06 अप्रैल 2026, 3:33 pm
शेयर करें:
प्रॉपर्टी विवाद निपटाने के कानूनी दांव-पेंच

5 साल के अध्ययन में 10 हजार फैसलों से निकाला सार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रॉपर्टी विवाद अब घर-घर की कहानी बन चुके हैं। किसी को बिक चुकी संपत्ति बचाने की कवायदें करनी पड़ती हैं तो किसी को मौजूदा संपत्ति के बंटवारे की दरकार है। कहीं नामांतरण नहीं हो पा रहा तो कहीं कब्जे का विवाद और कहीं मालिकी का मसला प्रकरणों के निपटारे में अड़ंगा डाल देता है। इन्हीं सब के मद्देनजर इंदौर के एक वकील ने इन्हें निपटाने के लिए दांव-पेंचों से भरी किताब ही लिख डाली।

पिछले 20 साल में आए प्रॉपर्टी के भावों में उछाल के बाद अब प्रॉपर्टी के झगड़े आम बात हो गई है। गांवों में तो तहसीलों में सैकड़ों प्रकरण रोजाना लगते ही हैं, इंदौर जैसे बड़े शहर भी अछूते नहीं हैं। कहीं जमीन बंट नहीं पा रही तो कहीं विवादित जमीन की रजिस्ट्री हो गई या फिर कभी-कभी एक ही जमीन की दो रजिस्ट्री जैसे हालात भी बन जाते हैं।

कहीं रजिस्ट्री कैंसिल कराने की जद्दोजहद है तो कहीं नामांतरण, बंटवारे-नपती के झगड़े मुंह उठाये खड़े हैं। वहीं मालिकी, किराएदारी व इकरारनामे के विवाद भी कम नहीं हैं। आलम यह है कि मप्र में राजस्व न्यायालयों में करीब 10 लाख केस लंबित हैं, वहीं सिविल कोर्ट में भी जमीन-जायदाद के लाखों प्रकरणों की भरमार है।

इनकी तादाद कम होने के आसार इसलिए भी कम हैं कि केस को लंबा खींचने-खिंचवाने के हथकंडों से एवं जागरूकता के अभाव में सालों तक निपटने का नाम नहीं लेते हैं।

वहीं इन विषयों की गहरी जानकारी और इस विधा के जानकारों का अभाव प्रकरणों की संख्या में इजाफा कर देता है और निपटारे की प्रक्रिया को भी पेचीदा कर देता है, जबकि एक केस निपटने की तुलना में कई गुना नए केस पैदा हो जाते हैं।

ऐसे में इंदौर के वकील राजेंद्र कचोलिया ने इस गंभीर मसले को आसानी से सुलझाने के लिए पिछले 5 साल तक काफी अध्ययन किया और सुप्रीम कोर्ट से लेकर छोटी अदालतों तक के करीब 10 हजार फैसलों का सार निकालकर जमीन के दांव-पेंच नाम से एक किताब लिखी है।

ये उनकी पहली किताब है, जो ए-फोर साइज के 248 पेज में है। सिविल प्रकरणों के जानकार एडवोकेट राजेंद्र कचोलिया बताते हैं कि जमीन-जायदाद के प्रकरणों के लंबे समय तक खिंचने के पीछे एक बड़ा कारण उससे जुड़े कानूनों की जटिलता, कठिन भाषा और काफी महीन बिंदु हैं, जिनके चलते कई केस, जो महज एक पॉइंट पर निपट सकते हैं, वे सालोसाल अदालतों में चलते रहते हैं।

मुवक्किल, यानी पक्षकार तो इनसे अंजान रहता ही है, कानूनों की अधिकता व सामनेवाले वकील की चालाकी से सिविल, यानी दीवानी प्रकरणों के वकील भी कई मर्तबा कन्फ्यूज हो जाते हैं कि अब कौन-सा पैंतरा चलें, क्योंकि सिविल मामलों में फंसने और बचने के 10 गलियारे होते हैं, जबकि इसके विपरीत क्रिमिनल, यानी लड़ाई-झगड़ों के मामले में कानून तय है और सामान्यत: एक ही रास्ता रहता है।

उदाहरण के लिए- जैसे हत्या का मामला है, तो सबूत व गवाही के बाद फैसला होता है।

यदि किसी के द्वारा हत्या करना साबित हो जाए तो उम्रकैद या फांसी तय है, लेकिन जमीन के अपराधों में ऐसा नहीं है। मसलन एक कब्जा गैरकानूनी भी हो तो एक मियाद के बाद मालिकी का हक दे देता है और ऐसा ही कब्जा खेती की जमीन पर हो तो उसका केस रोजाना चलाया जाकर निपटाने तक का कानून में प्रावधान है, किंतु हकीकत में संबंधित लोगों में जागरूकता की कमी व अपने पक्ष को सही ढंग से, निडरतापूर्वक नहीं रख पाने से उस पर अमल नहीं हो पाता।

कानून की अधिकांश किताबों में सिर्फ ‘कानून’ लिखा है, लेकिन ‘जमीन के दांव-पेंच’ में उन बातों का भी समावेश किया गया है, जो प्रैक्टिकली भी होती हैं और इनसे निपटने के तरीके भी लिखे हैं, ताकि कोई केस लंबा नहीं खिंचे और उनका शीघ्रता से निपटारा कराया जा सकें।

इस किताब को सुविधा के हिसाब से बंटवारे, कब्जा, नपती, वसीयत, रजिस्ट्री रद्द कराने, रास्ता विवाद, स्टे, धोखाधड़ी जैसे कई शीर्षकों में बांटकर लिखा गया है, ताकि किसी को भी अपने विषय विशेष की जानकारी छांटने के लिए पन्ने पलटाने नहीं पड़ें और वे पहली नजर में ही अनुक्रमणिका देखकर संबंधित विषय से जुड़े तथ्य, कानूनी नजीरें, प्रावधान व दलीलें पढ़-देख सकें।

ऐसे में वकील इन्हें देखकर विषय विशेष के हिसाब से किसी मुद्दे पर समय नहीं लेकर तत्काल बहस भी कर सकते हैं, जिससे प्रकरण का निपटारा कम समय में हो सकता है और तारीख पर तारीख लेने की नौबत भी नहीं आएगी।

ये किताब इस मायने में भी खास है कि आमतौर पर कानून की किताबें काफी मोटी व कठिन भाषा में होती हैं, जबकि इस किताब में भाषा समझने योग्य व बोलचाल की भाषा में कानूनी भाषा के साथ है। इसके लेखक

राजेंद्र कचोलिया सिविल व राजस्व न्यायालयों में तेजी से प्रकरण निपटाने के लिए पहचाने जाते हैं।

वकीलों के साथ आमजन तक के लिए भी उपयोगी
आमतौर पर प्रॉपर्टी, यानी संपत्ति के मामले सिविल प्रक्रिया संहिता 1908, यानी सीपीसी के तहत संचालित होते हैं। कृषि भूमि होने पर मप्र भू-राजस्व संहिता 1959 के प्रावधान लागू होते हैं, लेकिन जहां इस भू-राजस्व संहिता में कोई प्रावधान नहीं हो या अस्पष्ट हो तो वहां सीपीसी लागू होती है।

ये दोनों विषय बहुत ही नीरस तो हैं ही, इनकी भाषा भी काफी कठिन है, इसलिए अधिकांश वकीलों का रुझान क्रिमिनल, क्लेम व फैमिली विवाद में रहता है, क्योंकि उनमें कम समय में फीस अच्छी मिलती है, जबकि सिविल, यानी दीवानी मामलों में समय लगता है और संयम भी रखना पड़ता है।

ये किताब वकीलों से लेकर आमजन के लिए भी अपने मामले को समझने व उससे निपटने के लिए उपयोगी है। इसमें दावा लगाने से लेकर जवाब दावे देने तक का उल्लेख है और उनकी बारीकियों को भी बताया गया है। साथ ही कोर्ट फीस कितनी व किसे देना होगी, इसकी भी जानकारी दी गई है।

बच्चे की संपत्ति बेच नहीं सकते मां-बाप, बेटी के हक सहित हैं कई फंडे
इस किताब में नाबालिग की संपत्ति जैसे गंभीर विषयों को भी उठाया गया है। आमतौर पर किसी बालक की संपत्ति उसके माता-पिता या अभिभावक बेच देते हैं, जबकि इस संबंध में कानून स्पष्ट है कि बिना कोर्ट की इजाजत के कोई भी बच्चे की संपत्ति नहीं बेच सकता।

इस पुस्तक में इस गंभीर विषय पर भी प्रकाश डाला गया है और अहम न्यायदृष्टांत (नजीरें) भी बताया गया है, जिससे बच्चे की संपत्ति को बिकने या बंटने से बचाया जा सकता है। इसी तरह पुत्र भी पिता या दादा के जीते-जी संपत्ति में हिस्सा नहीं मांग सकता।

बेटी के बराबरी के हक को भी बताया गया है। इसके अलावा किताब में कई समस्याओं के फंडे और दलीलें भी हैं, जिनसे अपने प्रकरणों में जीत हासिल की जा सकती है।

संबंधित समाचार

आधी रात को पीएम मोदी का बड़ा संदेश
Top News

आधी रात को पीएम मोदी का बड़ा संदेश:बोले- पेपर लीक पर अब और होगी सख्ती; शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में होंगे बड़े फैसले

about 4 hours ago
प्रधानमंत्री  मोदी के ऐलान पर बड़ा एक्शन
Top News

प्रधानमंत्री मोदी के ऐलान पर बड़ा एक्शन:पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्पेशल जज नियुक्त; दोषियों पर होगी त्वरित कार्रवाई

about 4 hours ago
नीट विवाद पर बन सकती है सहमति
Top News

नीट विवाद पर बन सकती है सहमति:सरकार से बातचीत को तैयार हुई सीजेपी; आज मंत्रियों से होगी अहम बैठक

about 4 hours ago
छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला
Top News

छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला:उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी हटाए गए; नरेश पाल गंगवार को मिली जिम्मेदारी

about 5 hours ago
पुलिस में बंपर भर्ती
Top News

पुलिस में बंपर भर्ती:इतने पदों को मिली मंजूरी; जल्द होगी भर्ती प्रक्रिया शुरू

about 5 hours ago
उपचुनाव में भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत
Top News

उपचुनाव में भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत:छह मंत्री डटे; 25 जुलाई से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संभालेंगे मोर्चा

about 5 hours ago
कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का महासैलाब
Top News

कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का महासैलाब:कथा शुरू होने से पहले ही पंडाल हाउसफुल, लाखों श्रद्धालु पहुंचे

about 5 hours ago
तीन सगी बहनों ने एक ही युवक से की शादी
Top News

तीन सगी बहनों ने एक ही युवक से की शादी:वायरल वीडियो पर आया नया मोड़; बोले- 'यह रील नहीं, हकीकत है'

about 5 hours ago
जिला अस्पताल में बड़ा खेल
Top News

जिला अस्पताल में बड़ा खेल:सलाइन की जगह मिनरल वाटर की ड्रिप चढ़ाई, सीएमएचओ ने कलेक्टर को सौंपी जांच रिपोर्ट

about 6 hours ago
70 करोड़ के एमडी ड्रग्स रैकेट पर ईडी की बड़ी कार्रवाई
Top News

70 करोड़ के एमडी ड्रग्स रैकेट पर ईडी की बड़ी कार्रवाई:मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार

about 6 hours ago
देखिये वीडियो, ओंकारेश्वर मंदिर में हंगामा
Top News

देखिये वीडियो, ओंकारेश्वर मंदिर में हंगामा:गर्भगृह में श्रद्धालुओं से बदसलूकी और मारपीट का आरोप

about 7 hours ago
पेपर लीक के विरोध में राहुल गांधी का मार्च
Top News

पेपर लीक के विरोध में राहुल गांधी का मार्च:विपक्षी दलों संग गांधी स्मृति तक निकाली पदयात्रा; छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ जताया विरोध

about 7 hours ago
एयरपोर्ट पर 20 मिनट की 'सियासी गुफ्तगू'
Top News

एयरपोर्ट पर 20 मिनट की 'सियासी गुफ्तगू':सीएम मोहन से दिग्विजय की कानाफूसी; बोले- 'तुलसी का टिकट कटेगा'

about 7 hours ago
15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास
Top News

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास:टी-20 के सबसे युवा हाफ सेंचुरियन बने; भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया

about 8 hours ago
समस्याओं को प्रखरता से उठाता है खुलासा फर्स्ट
Top News

समस्याओं को प्रखरता से उठाता है खुलासा फर्स्ट

about 8 hours ago
मन्नत से लौट रहे परिवार पर हमला
Top News

मन्नत से लौट रहे परिवार पर हमला:साइड देने को कहा तो भड़के कार सवार; भाजपा नेता के रिश्तेदारों पर एफआईआर, फॉर्च्यूनर जब्त

about 8 hours ago
शहीद जवान, अक्षुण्ण आस्था अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में सेंध
Top News

शहीद जवान, अक्षुण्ण आस्था अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में सेंध:आतंकी साया ड्यूटी पर तैनात J&K पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या, विदेशी TRF आतंकी पर शक...

about 8 hours ago
राहुल के 'सड़क से संसद' वाले आक्रामक तेवरों के क्या निहितार्थ
Top News

राहुल के 'सड़क से संसद' वाले आक्रामक तेवरों के क्या निहितार्थ:छात्र असंतोष का राजनीतिकरण, अवसर का लाभ, हाईजैक का खतरा या व्यवस्था परिवर्तन की छटपटाहट

about 8 hours ago
लड़कों को रात 10 बजे तक एंट्री, हमें 8 बजे क्यों
Top News

लड़कों को रात 10 बजे तक एंट्री, हमें 8 बजे क्यों:गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने सीएम हेल्पलाइन पर की भेदभाव की शिकायत

about 8 hours ago
कनक स्मार्ट सिटी के भ्रष्ट कॉलोनाइजर ने पार्षद से मिलकर तुड़वा दी 40 दुकानें
Top News

कनक स्मार्ट सिटी के भ्रष्ट कॉलोनाइजर ने पार्षद से मिलकर तुड़वा दी 40 दुकानें:एक दिन पूर्व रात्रि में नोटिस दिया, अगले दिन कार्रवाई

about 8 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!