लॉरेंस गैंग के बिल्डर टारगेट प्लान का खुलासा: बड़े नाम लिस्ट में; 10 करोड़ की रंगदारी मॉडल पर काम
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे प्रदेश में अब संगठित तरीके से बड़े बिल्डरों को निशाना बनाने की रणनीति पर काम कर रहे थे। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों के नामी कारोबारियों की लिस्ट तैयार कर उन्हें टारगेट करने की साजिश रची जा रही थी। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा क्राइम ब्रांच की एसआईटी पूछताछ में हुआ है।
खरगोन जेल से रिमांड पर लाए गए गैंग के सदस्य राजपाल चंद्रावत उर्फ रत्नाखेड़ी ने कई अहम जानकारियां दी हैं, जिससे प्रदेश में फैले गैंग के नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं। डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक राजपाल से लगातार पूछताछ की जा रही है।
शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि गैंग का फोकस खास तौर पर बड़े बिल्डरों, प्रॉपर्टी डीलरों और हाई-प्रोफाइल कारोबारियों पर था। इनसे करोड़ों की रंगदारी वसूलने का प्लान तैयार किया गया था। इंदौर और आसपास के जिलों के कई नाम इस लिस्ट में शामिल बताए जा रहे हैं।
हैरी बॉक्सर के इशारे पर फायरिंग- पूछताछ में सामने आया कि गैंग के सक्रिय सदस्य हैरी बॉक्सर के इशारे पर इंदौर के बायो-कॉटन कारोबारी दिलीपसिंह राठौर के घर फायरिंग कराई गई थी। इस वारदात के जरिए 10 करोड़ रुपए की रंगदारी की मांग की गई थी। पुलिस को शक है कि इसी पैटर्न पर अन्य कारोबारियों को भी निशाना बनाने की तैयारी थी।
दोनों गुर्गे पहले से ही थे टारगेट में- राजपाल और उसका साथी योगेश भाटी पहले से ही एजेंसियों की रडार पर रहे हैं। दोनों से पंजाब के मोहाली स्थित इंटेलिजेंस ऑफिस पर रॉकेट हमले के मामले में भी पूछताछ हो चुकी है। इस हमले में गैंगस्टर दीपक रमदा का नाम सामने आया था, जिसे बाद में नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया था। वहीं योगेश भाटी का नाम पंजाबी सिंगर हत्याकांड की जांच के दौरान भी सामने आया था। एसआईटी को शक है कि राजपाल और योगेश दोनों मिलकर न सिर्फ रेकी का काम कर रहे थे, बल्कि हथियारों की सप्लाई में भी शामिल थे।
इन बिल्डरों की गतिविधियों पर थी नजर- इंदौर में जिन बिल्डरों के नाम सामने आए हैं, उनमें विवेक दम्मानी, चेतनसिंह पंवार और कुंवरसिंह भूरिया जैसे नाम शामिल हैं, जिनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि राजपाल अभी पूरी तरह से सहयोग नहीं कर रहा है और कई अहम सवालों के जवाब देने से बच रहा है। इसके बावजूद तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस जल्द ही योगेश भाटी को भी रिमांड पर लेने की तैयारी में है, जिससे और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
राजपाल ने अपने रिश्तेदारों की मदद से किया संपर्क
राजपाल ने खुलासा किया कि वह रिश्तेदार लोकेंद्र के जरिए हैरी बॉक्सर के संपर्क में आया था। कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश गया, जहां उसकी मुलाकात गैंग से जुड़े लोगों से करवाई। इसके बाद पंजाब में हैरी बॉक्सर से सीधी मुलाकात हुई। कॉल रिकॉर्डिंग से बचने के लिए दोनों फेसटाइम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि राजपाल का नेटवर्क सिर्फ मप्र तक सीमित नहीं था। उसका नाम महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुई एक घटना में भी सामने आया था, जहां हथियार उपलब्ध कराने की भूमिका में वह शामिल बताया गया था। इसी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उससे पूछताछ की थी।
अंतरराज्यीय गैंग से जुड़े तार
सूत्रों के मुताबिक गैंग का मकसद प्रदेश में ‘कॉर्पोरेट स्टाइल’ रंगदारी नेटवर्क खड़ा करना था, जहां पहले टारगेट की रेकी की जाती, फिर फायरिंग या धमकी के जरिए डर पैदा कर मोटी रकम वसूली जाती। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसी तरह के नेटवर्क सक्रिय हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक-दो घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरराज्यीय गैंग ऑपरेशन से जुड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे संभव हैं। फिलहाल इंदौर क्राइम ब्रांच इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में काम कर रही
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