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जमीन हड़पने का मामला: डिप्टी कलेक्टर सहित 5 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 अप्रैल 2026, 1:01 pm
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जमीन हड़पने का मामला

खुलासा फर्स्ट, पन्ना।
आदिवासी महिला की जमीन हड़पने के मामले में विशेष न्यायाधीश, एससी/एसटी (पीए) एक्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन तहसीलदार और वर्तमान डिप्टी कलेक्टर डॉ. बबीता राठौर सहित पांच आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती
न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि मामले में प्रथम दृष्टया गंभीर अपराध के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और यह प्रकरण अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत आता है, इसलिए धारा 438 के तहत अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती।

फर्जी लेनदेन से जमीन हड़पने का आरोप
जांच में सामने आया कि आरोपी श्रीकांत दीक्षित और अनुपम त्रिपाठी ने सुनियोजित तरीके से जमीन हड़पने की साजिश रची। मृतक जगोला की जमीन राजाराम के नाम ट्रांसफर कराई गई। राजाराम को कोई वास्तविक भुगतान नहीं किया गया।

केवल दिखावे के लिए बैंक खाता खुलवाकर रकम ट्रांसफर की गई। बाद में वही राशि सहयोगियों के खातों में वापस ले ली गई।

तहसीलदार की भूमिका पर सवाल
आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार डॉ. बबीता राठौर (वर्तमान डिप्टी कलेक्टर, नर्मदापुरम) ने बिना जरूरी दस्तावेजों की जांच किए नामांतरण कर दिया। मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं लिया गया। वंशावली (सिजरा) की पुष्टि नहीं की गई।

राजाराम को गलत तरीके से उत्तराधिकारी बना दिया गया। न्यायालय ने इसे एक संगठित और सुनियोजित प्रयास मानते हुए कहा कि पद पर रहते हुए किए गए ऐसे कृत्य अपराध की श्रेणी से बाहर नहीं हो सकते।

इन आरोपियों की भी जमानत खारिज
तत्कालीन तहसीलदार पन्ना, डॉक्टर बबीता राठौर वर्तमान पदस्थापना डिप्टी कलेक्टर नर्मदा पुरम के अलावा चार अन्य आरोपियों मुन्ना कुशवाहा पिता गया प्रसाद कुशवाहा निवासी वार्ड क्रमांक-27 पुरुषोत्तमपुर पन्ना।

धीरज तिवारी पिता रजनीकांत तिवारीनिवासी डायमंड चौक पन्ना, श्रीराम शर्मा पिता रामहेत शर्मा निवासी ग्राम हरदुआ कोतवाली, अजय पटैरिया पिता महेश प्रसाद पटेरिया निवासी बेनीसागर मोहल्ला पन्ना के भी अंग्रिम जमानत आवेदन को खारिज कर दिया।

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