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ब्लैकलिस्टेड कंपनी पर की मेहरबानी: बीवीजी कंपनी को किया करोड़ों का भुगतान

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 फ़रवरी 2026, 4:25 pm
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ब्लैकलिस्टेड कंपनी पर की मेहरबानी

दो महीने से कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दिया गया

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा यशवंतराव (एमवायएच) की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था सीधे तौर पर अंधेर नगरी-चौपट राजा की तर्ज पर चल रही है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हैं क्योंकि जिस बीवीजी कंपनी को प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों से गंभीर लापरवाहियों के चलते ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है, उसे ही एमवाय जैसे संवेदनशील अस्पताल की जिम्मेदारी सौंप दी गई। ताज्जुब है इस विवादित कंपनी को प्रति माह लगभग 1.50 करोड़ रुपए भुगतान किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर न सफाई है न सुरक्षा।

सूत्रों से मिली जानकारी ने इस मामले में और सनसनी फैला दी है। खबर है अस्पताल की सुरक्षा में तैनात बाउंसरों और अन्य कर्मचारियों को बीते दो महीनों से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक शोषण का शिकार कर्मचारी अब काम छोड़ने की कगार पर हैं, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था किसी भी वक्त पूरी तरह ध्वस्त हो सकती है। वहीं, बीते तीन दिनों में स्वास्थ्य विभाग प्रशासन ने खानापूर्ति कर कंपनी पर 25 हजार और 50 हजार रुपए के दो जुर्माने ठोंके हैं, लेकिन करोड़ों के टेंडर वाली कंपनी के लिए यह कार्रवाई ऊंट के मुंह में जीरे जैसी साबित हो रही है।

प्रशासनिक स्तर पर इस मेहरबानी के पीछे साठगांठ साफ नजर आती है। डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन भोपाल ने दिसंबर में स्पष्ट निर्देश दिए थे बीवीजी को 2018-19 के दागदार रिकॉर्ड के कारण विदिशा, दतिया, शहडोल, सागर और ग्वालियर से हटाया जा चुका है, अतः दोबारा नियुक्त न किया जाए।

इसके बावजूद भोपाल के जिम्मेदारों ने इस निर्देश को रद्दी की टोकरी में डालकर कंपनी को दोबारा काम सौंप दिया। वर्तमान में अस्पताल परिसर में कचरे के ढेर लगे हैं और कई सुरक्षाकर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन तक नहीं है।

सवाल है क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या हड़ताल का इंतजार कर रहा है या इस ब्लैकलिस्टेड कंपनी को मिल रहे संरक्षण की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी?

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