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गौराकुंड पर लटकेंगे खट्टू-निखट्टू: रंगों की फुलझड़ियां राजनीति के संग; बुरा न मानो होली है

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 मार्च 2026, 4:42 pm
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गौराकुंड पर लटकेंगे खट्टू-निखट्टू

नेता, विधायक से लेकर मंत्री-संतरी तक के बने कार्टून, साथ में तीखे कटाक्ष भी

पुराने इंदौर में आज भी निभाई जा रही है होली की पुरानी रिवायत

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पहले ये काम दीवार पर नील से लिखकर किया जाता था। बाकायदा पेंटर बुलवाकर इलाके के नामचीनों को उपाधि दी जाती थी। अब फ्लैक्स-पोस्टर का जमाना है। लिहाजा गौराकुंड चौराहा पर ये कार्टून प्रदर्शनी लग रही है, जिसमें शहर के बड़े नेता, विधायक, सांसद, मंत्री से लेकर संतरी तक शामिल किए गए हैं। इस पोस्टर प्रदर्शनी को नाम दिया है- ‘शहर के खट्टू-निखट्टू’। कार्टून प्रदर्शनी का शुभारंभ शनिवार दोपहर शहर के सबसे बड़े हुरियारे और हम सबके गुरु पंडित सत्यनारायण सत्तन करेंगे।

साथ में होंगे भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा। इस प्रदर्शनी को हर बार गोरकुण्ड निवासी सत्तू पहलवान तैयार करते हैं। वे बताते हैं कि आज तो फोटो आसानी से मिल जाते हैं। कभी फोटो के लिए अखबारों और मैग्जीन से कतरन काटी जाती थी। सत्तू पहलवान ने इसके लिए 3 गुणा 2 फीट आकार के पोस्टर बनाए हैं, जिनमें ताई से लेकर भाई और भौजाई तक को शामिल किया गया है।

‘खुलासा फर्स्ट’ आपके लिए ये सब लेकर आया है। अब वो भी इस परंपरा का हिस्सा बन गया है। आखिर मामला इंदौर और इंदौरियों की भरपल्ले मस्ती से जुड़ा हुआ जो है। इसलिए बुरा न मानो होली है के संग आप भी देखिए इस रंगारंग और गुदगुदाती इंदौर की पुरानी परंपरा को, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सुमित्रा महाजन, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, सुमित मिश्रा सहित शहर की सभी राजनीतिक हस्तियों को नई नई उपाधि से नवाजा गया है।

होली की मस्ती पुराने इंदौर में हर बरस सिर चढ़कर बोलती है। होली से रंगपंचमी तक ये इलाका हंसी-ठिठोली का केंद्र रहता है। आज भी इस इलाके में होली की पुरानी रिवायत निभाई जाती है। इसमें टेपा-टेपी सम्मेलन, बजरबट्टुओं की बरात, कवि सम्मेलन जैसे मजमे लगते ही हैं।

पिछले बार बजरबट्टू सम्मेलन भी हुआ था। इस बार भागीरथपूरा ‘ जलकाण्ड ‘ के कारण बजरबट्टू सम्मेलन निरस्त हो गया, लेकिन दीवार लेखन के लिए कोई अड़चन नही हैं। लिहाजा एक बार फिर इस बरस गौराकुंड चौराहा पर होली की वो पुरानी परंपरा निभाई जा रही है, जिसमें ‘बुरा न मानो होली है’ के आग्रह के संग शहर की नामचीन हस्तियों को होली पर चुटीले स्लोगन के संग चुटकी ली जाएगी।

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