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बर्फ की चादर के बीच खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट: ऐसे बनाया गया स्नो कॉरिडोर; यात्रा के लिए अब तक इतने पंजीयन, इस दिन से शुरू होंगे दर्शन

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 अप्रैल 2026, 12:49 pm
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बर्फ की चादर के बीच खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
उत्तराखंड में इस साल चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। इसके तीन दिन बाद, 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बार खास बात यह है कि मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर भारी बर्फबारी के बीच दर्शन होंगे।

विशेष “स्नो कॉरिडोर” तैयार किया
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने ग्लेशियर काटकर एक विशेष “स्नो कॉरिडोर” तैयार किया है। इस रास्ते से गुजरते हुए भक्त दोनों ओर ऊंची-ऊंची बर्फ की दीवारों के बीच से होकर बाबा केदार के दर्शन तक पहुंच सकेंगे, जो अपने आप में एक अनोखा अनुभव होगा।

रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन, पहले दिन से ही भारी उत्साह
यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। पहले दिन 42,405 रजिस्ट्रेशन हुए थे, जो 15 अप्रैल तक बढ़कर 5,96,100 से अधिक हो चुके हैं। यह आंकड़ा यात्रा के प्रति बढ़ती आस्था और उत्साह को दर्शाता है।

2–3 फीट बर्फ अब भी मौजूद, पहले थी 5 फीट तक
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के अनुसार, केदारनाथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अभी भी 2 से 3 फीट तक बर्फ जमी हुई है। कुछ दिन पहले यह बर्फ 4 से 5 फीट तक थी, जो अब धीरे-धीरे पिघल रही है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर कई जगह ग्लेशियर टूटकर गिर गए थे। प्रशासन ने ऐसे 3–4 प्रमुख ग्लेशियर पॉइंट चिन्हित किए हैं, जहां विशेष सावधानी बरती जा रही है।

थारू और चोराबारी ग्लेशियर काटकर बनाया गया रास्ता
चोराबारी ग्लेशियर और थारू ग्लेशियर के हिस्सों के रास्ते में आने से बड़ी चुनौती पैदा हो गई थी। कई जगह बर्फ की ऊंचाई 8 से 10 फीट तक पहुंच गई थी। 100 से ज्यादा मजदूरों ने दिन-रात मेहनत करके इन बर्फ की मोटी परतों को काटा और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार किया। अब जब यात्री इस मार्ग से गुजरेंगे, तो उनके दोनों ओर 8–9 फीट ऊंची बर्फ की दीवारें नजर आएंगी।

कपाट खुलने से पहले अंतिम चरण में तैयारियां
प्रशासन के अनुसार, मुख्य यात्रा मार्ग पूरी तरह साफ किया जा चुका है। अब मंदिर परिसर और परिक्रमा स्थल से बर्फ हटाने का काम अंतिम चरण में है। बाबा केदार की पंचमुखी डोली के पहुंचने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी। क्यू मैनेजमेंट, सुरक्षा, और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं
भारी बर्फबारी के बावजूद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। साथ ही, बर्फबारी से प्रभावित बिजली और पानी की लाइनों की मरम्मत पूरी कर ली गई है, और अब धाम में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।

हेलीकॉप्टर सेवा भी रहेगी चालू
हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है। केदारनाथ हेलीपैड से बर्फ पूरी तरह हटा दी गई है, जिससे हेलीकॉप्टर सेवाएं बिना किसी बाधा के संचालित हो सकेंगी।

परंपराएं और शेड्यूल जस के तस
भारी बर्फबारी के बावजूद मंदिर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कपाट खुलने का समय और सभी धार्मिक प्रक्रियाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी।

पिछले साल से 10 दिन पहले शुरू होगी यात्रा
इस साल केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। यह तारीख महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के दिन पारंपरिक गणना के बाद तय की गई थी। पिछले साल 2025 में कपाट 2 मई को खुले थे। यानी इस बार श्रद्धालुओं को 10 दिन पहले ही बाबा केदार के दर्शन का अवसर मिलेगा।

2023 के बाद फिर दिखेगा बर्फीला नजारा
आमतौर पर अप्रैल के अंत तक केदारनाथ में बर्फ काफी हद तक पिघल जाती है, लेकिन इस बार मौसम अलग है। 2023 के बाद पहली बार कपाट खुलने के समय इतना भारी बर्फीला दृश्य देखने को मिलेगा। ऐसे में श्रद्धालुओं को बर्फ से ढके हिमालय के बीच बाबा केदार के दर्शन का दुर्लभ और यादगार अनुभव मिलने वाला है।

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