कड़ी सुरक्षा में करीम खान को इंदौर लाए: हाई कोर्ट से मिली अनुमति; मराठी मोहल्ला और अहिल्या पल्टन बने पुलिस छावनी
KHULASA FIRST
संवाददाता

बेटी के निकाह के लिए भोपाल से आया पीएफआई का पूर्व अध्यक्ष
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व अध्यक्ष करीम खान को उसकी बेटी के निकाह में शामिल कराने के लिए भोपाल पुलिस का विशेष दस्ता कड़ी सुरक्षा के बीच इंदौर लेकर पहुंचा। इस दौरान कल शहर में हाई सिक्योरिटी मूवमेंट देखने को मिला। इस आरोपी को यह राहत हाई कोर्ट के आदेश के बाद गई थी। जैसे ही पुलिस टीम उसे लेकर शहर पहुंची, मराठी मोहल्ला और अहिल्या पल्टन इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
पूरा क्षेत्र कुछ समय के लिए पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, करीम खान को सिर्फ सीमित समय और निर्धारित शर्तों के साथ निकाह में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। उसे सीधे सुरक्षा घेरे में कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया और पूरे समय उस पर पुलिस की कड़ी नजर रही। कार्यक्रम समाप्त होते ही उसे दोबारा सुरक्षा घेराबंदी में लेकर वापस रवाना कर दिया गया। एसीपी मल्हारगंज विवेक चौहान ने पुष्टि की कि करीम खान का नाम पीएफआई से जुड़े मामलों में सामने आया था।
इलाके में सख्त बंदोबस्त, हर मूवमेंट पर नजर
करीम खान के इंदौर आगमन को लेकर पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार किया था। खासतौर पर मराठी मोहल्ला, अहिल्या पल्टन और आसपास के संवेदनशील हिस्सों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई और पूरे मूवमेंट को बेहद गोपनीय रखा गया।
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि आरोपी का शहर में प्रवास केवल न्यायालय से मिली अनुमति के दायरे तक ही सीमित रहे। निकाह की रस्म पूरी होने के बाद उसे फिर से कस्टडी में लेकर भोपाल रवाना कर दिया गया।
फंडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, करीम खान पर संगठन के लिए फंडिंग डिस्ट्रीब्यूशन का काम करने के आरोप हैं। उस पर यह संदेह जताया गया था कि वह देश और विदेश से आने वाले फंड को स्थानीय और सक्रिय सदस्यों तक पहुंचाने का काम करता था।
इसी आधार पर उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ इंदौर में भंवरकुआं और सराफा थाना क्षेत्र में भी मामले दर्ज हैं। एनआईए की कार्रवाई के बाद उसे भोपाल में कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया था।
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