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ऐसा भी होता है: विमान में था महिला का शव; इतने घंटे उड़ता रहा, पैसेंजरों की हो गई यह हालत

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 मार्च 2026, 3:19 pm
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ऐसा भी होता है

खुलासा फर्स्ट, लंदन।
हॉन्गकॉन्ग से लंदन जा रही ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट में एक महिला यात्री की टेकऑफ के करीब एक घंटे बाद मौत हो गई। इसके बाद करीब 13 घंटे तक उसका शव विमान में ही रखा रहा, जिससे पीछे बैठे यात्रियों को पूरी उड़ान के दौरान बदबू की समस्या झेलनी पड़ी।

पहले शव को टॉयलेट में रखने पर विचार किया
करीब 60 वर्षीय महिला की मौत के बाद क्रू मेंबर्स ने पहले शव को टॉयलेट में रखने पर विचार किया, लेकिन बाद में उसे कंबल में लपेटकर विमान के पिछले हिस्से की गैली में रख दिया गया। गैली वही जगह होती है जहां फ्लाइट स्टाफ खाना-पीना तैयार करता है। फर्श गर्म होने के कारण धीरे-धीरे बदबू फैलने लगी।

हर मेडिकल स्थिति को इमरजेंसी नहीं माना जाता
पायलट ने फ्लाइट को बीच में डायवर्ट करने के बजाय लंदन तक जारी रखने का फैसला किया। एविएशन नियमों के मुताबिक, हर मेडिकल स्थिति को इमरजेंसी नहीं माना जाता, इसलिए अक्सर ऐसे मामलों में फ्लाइट अपने गंतव्य तक जारी रहती है।

पुलिस और मेडिकल टीम विमान में पहुंची
लंदन पहुंचने के बाद पुलिस और मेडिकल टीम विमान में पहुंची और करीब 45 मिनट तक यात्रियों को सीट पर ही बैठाए रखा गया, जबकि जरूरी जांच की गई। एयरलाइन ब्रिटिश एयरवेज ने बयान जारी कर कहा कि सभी तय प्रोटोकॉल का पालन किया गया और वे मृतक महिला के परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करते हैं।

फ्लाइट में मौत होने पर क्या होता है?
हवाई यात्रा के दौरान किसी यात्री की मौत होने पर क्रू सबसे पहले उसे बचाने की कोशिश करता है, जिसमें CPR और डॉक्टर की मदद शामिल होती है। मौत की पुष्टि होने के बाद शव को कंबल या बॉडी बैग से ढंककर खाली सीट या गैली में रखा जाता है।

फ्लाइट को डायवर्ट करना है या नहीं
पायलट स्थिति का आकलन कर तय करता है कि फ्लाइट को डायवर्ट करना है या नहीं। ज्यादातर मामलों में उड़ान को गंतव्य तक जारी रखा जाता है। लैंडिंग से पहले एयरपोर्ट को सूचना दे दी जाती है, ताकि पुलिस और मेडिकल टीम तैयार रहे।

मुआवजे के नियम
ऐसे मामलों में एयरलाइन हर बार मुआवजा नहीं देती। अगर मौत प्राकृतिक कारणों से हुई हो और एयरलाइन ने सभी मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया हो, तो उसे जिम्मेदार नहीं माना जाता। लेकिन लापरवाही साबित होने पर मुआवजा देना पड़ सकता है।

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