आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट: केकेआर के 'गॉड प्लान' में नया मोड़; अजिंक्य रहाणे के 'दाहिने हाथ' बनेंगे रिंकू सिंह
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, हेमंत उपाध्याय।
क्रिकेट की अनिश्चितताओं के बीच कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं जो सीधा दिल पर दस्तक देती हैं। अलीगढ़ की तंग गलियों से निकला वह लड़का, जिसने कभी अभावों में बल्ला थामा था अब भारतीय क्रिकेट का बड़ा 'पोस्टर बॉय' बन चुका है।
रिंकू सिंह के जीवन में एक और स्वर्णिम उपलब्धि उस समय दर्ज हुई जब आईपीएल 2026 के आगाज से चंद दिन पहले कोलकाता नाइट राइडर्स यानी केकेआर (KKR) ने उन्हें टीम का उप-कप्तान नियुक्त कर न केवल उनका कद बढ़ाया है, बल्कि भविष्य के लिए एक बड़ा संकेत भी दे दिया है।
80 लाख से 13 करोड़ का 'रिटेंशन' यानी संघर्ष की भट्टी में तपा कुंदन
रिंकू सिंह की कहानी केवल रनों की नहीं, बल्कि उस धैर्य की है जो हर विपरीत परिस्थिति में अडिग रहा। साल 2018 में जब केकेआर ने उन्हें पहली बार 80 लाख रुपये में चुना था, तब वे एक 'प्रामिसिंग' खिलाड़ी मात्र थे। 2022 की नीलामी में उनकी कीमत गिरकर 55 लाख रह गई, लेकिन रिंकू का हौसला नहीं डगमगाया।
यश दयाल के ओवर में लगाए गए उन 'ऐतिहासिक पांच छक्कों' ने न केवल मैच का पासा पलटा, बल्कि उनकी तकदीर की लकीरें ही बदल दीं। आज आईपीएल 2026 के लिए वे 13 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि के साथ टीम का हिस्सा हैं, जो इस 'फिनिशर' के प्रति फ्रेंचाइजी के अटूट भरोसे की तस्दीक करता है।
चरम पर था प्रशंसकों का उत्साह
मंगलवार को कोलकाता में आयोजित इवेंट के दौरान जब केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने रिंकू को आधिकारिक तौर पर उप-कप्तान घोषित किया, तो पूरा ईडन गार्डन्स 'रिंकू-रिंकू' के नारों से गूंज उठा। वर्तमान कप्तान अजिंक्य रहाणे की मौजूदगी में जब रिंकू को स्टेज पर बुलाया गया, तो प्रशंसकों का उत्साह चरम पर था।
कई प्रशंसकों ने तो "कैप्टन कोरे दो रिंकू" (रिंकू को कप्तान बनाओ) के नारे लगाकर यह साफ कर दिया कि उनकी नजर में रिंकू ही भविष्य के असली उत्तराधिकारी हैं। रहाणे के अनुभव और रिंकू की ऊर्जा का यह तालमेल केकेआर के लिए इस सीजन का सबसे बड़ा 'एक्स-फैक्टर' साबित हो सकता है।
कोच अभिषेक नायर का भरोसा, कप्तान के सहयोगी की नई भूमिका
हेड कोच अभिषेक नायर, जो रिंकू के साथ उनके शुरुआती संघर्ष के दिनों से काम कर रहे हैं, इस फैसले को एक 'सही समय पर लिया गया कदम' मानते हैं। नायर ने स्पष्ट किया कि रिंकू केवल मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से ही प्रभावित नहीं करते, बल्कि ड्रेसिंग रूम में भी वे एक ऐसे ऊर्जावान खिलाड़ी हैं जिनकी ओर पूरी टीम उम्मीद के साथ देखती है।
नायर के अनुसार- "मैंने उन्हें एक मैच-विजेता से एक परिपक्व खिलाड़ी बनते देखा है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सफलता के बाद, उन्हें कप्तान रहाणे के सहयोगी के रूप में इस ग्रुप का हिस्सा बनाना टीम के हित में लिया गया फैसला है।"
राजकीय सम्मान, अब यूपी के 'क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी' भी बने रिंकू
मैदान के भीतर मिली इस नई जिम्मेदारी के साथ-साथ रिंकू के लिए एक और बड़ी उपलब्धि उत्तर प्रदेश से आई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन में रिंकू सिंह को क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी पद का नियुक्ति पत्र सौंपा।
यह खेल जगत के लिए एक बड़ा संदेश है कि मैदान पर पसीना बहाने वाले नायकों को सरकार अब प्रशासनिक जिम्मेदारी से भी नवाज रही है। अब रिंकू न केवल मैदान पर छक्के लगाएंगे, बल्कि खेल अधिकारी के रूप में नई प्रतिभाओं को तराशने का काम भी करेंगे।
आंकड़ों की गवाही, भरोसे का दूसरा नाम रिंकू
आंकड़ों पर गौर करें तो रिंकू सिंह ने अब तक आईपीएल के 59 मैचों में करीब 145.84 की स्ट्राइक रेट से 1099 रन बनाए हैं। उनका औसत 30.52 का रहा है, लेकिन आंकड़ों से ज्यादा अहम है उनका 'इम्पैक्ट'।
दबाव की घड़ी में शांत रहकर मैच को फिनिश करने की उनकी कला ही उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग कतार में खड़ा करती है। केकेआर ने उन्हें उप-कप्तान बनाकर यह सुनिश्चित कर दिया है कि वे केवल एक 'पावर-हिटर' नहीं, बल्कि टीम की रणनीति बनाने वाली कोर-कमेटी के सक्रिय सदस्य हैं।
'गॉड प्लान' का अगला पड़ाव
केकेआर ने अपने सोशल मीडिया पर इसे 'गॉड प्लान का नया चैप्टर' करार दिया है। रिंकू सिंह का यह उदय साबित करता है कि अगर संकल्प और नीयत साफ हो, तो गैस सिलेंडर ढोने वाले का बेटा भी करोड़ों युवाओं का रोल मॉडल बन सकता है।
28 मार्च को जब आईपीएल 2026 का आगाज होगा, तो दुनिया सिर्फ एक 'फिनिशर' को नहीं, बल्कि अजिंक्य रहाणे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर टीम की नैया पार लगाने वाले एक विश्वसनीय सहायक को देखेगी।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!