‘छात्रों की गूंज’ के बाद यूथ कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान: पास और व्यवस्थाओं को लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष ने उठाए सवाल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस में संगठनात्मक व्यवस्थाओं को लेकर अंदरूनी नाराजगी सामने आई है।
युवा कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष स्वीटी पाटिल ने कार्यक्रम में पास वितरण और कार्यकर्ताओं के लिए की गई व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।
पास के लिए काफी देर तक किया इंतजार
स्वीटी पाटिल ने सोशल मीडिया पोस्ट और युवा कांग्रेस के आंतरिक वॉट्सऐप ग्रुप में अपनी नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम से पहले उन्होंने करीब 15 दिन तक इंदौर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों से संपर्क कर पंजीयन कराने का काम किया, लेकिन कार्यक्रम के दिन उन्हें खुद प्रवेश पास के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
‘सुबह से शाम तक पास के लिए भटकती रही’
स्वीटी पाटिल के अनुसार, उन्होंने कार्यक्रम से एक दिन पहले संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारियों से पास को लेकर जानकारी मांगी थी।
उनका कहना है कि तबीयत ठीक नहीं होने के बावजूद वे कार्यक्रम में पहुंचने की तैयारी में थीं, लेकिन उन्हें समय पर पास उपलब्ध नहीं कराया गया।
उन्होंने दावा किया कि शाम करीब 5 बजे तक पास की व्यवस्था नहीं हो सकी। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि एक व्यक्ति के पास पास हैं और उन्हें स्वयं वहां जाकर पास लेना पड़ा। उनके अनुसार, तब तक कार्यक्रम स्थल पर काफी भीड़ हो चुकी थी।
‘जिन्होंने मेहनत की, उन्हें ही पास नहीं मिले’
स्वीटी ने अपने संदेश में आरोप लगाया कि जिन कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की तैयारियों और छात्रों को जोड़ने में समय दिया, उन्हें पर्याप्त पास नहीं मिले।
वहीं, उनके अनुसार कुछ ऐसे लोगों को वीआईपी पास दिए गए जिनका संगठनात्मक गतिविधियों में योगदान नहीं था।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि संगठन में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और प्रभारी की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से कौन निभा रहा है।
हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए ‘अपराधियों और गलत लोगों’ को पास दिए जाने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। संबंधित लोगों का पक्ष सामने आने के बाद ही इस दावे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वॉट्सऐप ग्रुप में हुई तीखी बहस
कार्यक्रम के बाद युवा कांग्रेस के आंतरिक वॉट्सऐप ग्रुप में पास, प्रोटोकॉल और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर कई संदेश सामने आए।
कुछ कार्यकर्ताओं ने संगठन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने प्रदेश नेतृत्व का बचाव भी किया।
जावेद पटेल सहित कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के लिए दूर-दराज से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पर्याप्त जानकारी एवं पास नहीं मिलने की शिकायत की। वहीं, कुछ सदस्यों ने संगठन में संवाद और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।
‘कार्यक्रम राहुल गांधी का था, पास नहीं मिला तो यह मायने नहीं रखता’
विवाद के बीच युवा कांग्रेस की ओर से शिवी सिंह चौहान का एक संदेश भी सामने आया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी ने योगदान दिया और पास नहीं मिलना मुख्य मुद्दा नहीं है।
उनके मुताबिक, कार्यकर्ताओं ने पार्टी और अपने नेता के लिए मेहनत की है और आगे भी संगठन में काम करने के अवसर मिलेंगे। इस संदेश के जरिए उन्होंने कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम की सफलता को प्राथमिकता देने की अपील की।
प्रदेश अध्यक्ष बोले- मामले की जानकारी नहीं
प्रदेश उपाध्यक्ष के आरोपों पर युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया का कहना है कि उन्हें इस तरह के किसी मामले की जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसने क्या लिखा है, यह उनके संज्ञान में नहीं है। इससे विवाद को लेकर संगठन के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
ग्रुप की सेटिंग बदली, ‘सिर्फ एडमिन’ का विकल्प दिखा
विवाद के बाद सामने आए स्क्रीनशॉट में वॉट्सऐप ग्रुप की सेटिंग बदली हुई दिखाई दे रही है। बाद के संदेशों में ‘सिर्फ एडमिन ही संदेश भेज सकते हैं’ वाला विकल्प दिखाई देता है।
इससे पहले इसी ग्रुप में कार्यकर्ता पास, प्रोटोकॉल, जिम्मेदारी और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर खुलकर सवाल-जवाब कर रहे थे।
500 किलोमीटर दूर से आए कार्यकर्ता ने भी उठाई व्यवस्था पर आपत्ति
ग्रुप में एक सदस्य ने दावा किया कि वे करीब 500 किलोमीटर दूर से इंदौर आए थे, लेकिन कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर उन्हें उचित जानकारी नहीं मिली।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं से भीड़ जुटाने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन कार्यक्रम के दौरान उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया।
दूसरी ओर, कुछ कार्यकर्ताओं ने संगठन के प्रदेश नेतृत्व के प्रति समर्थन भी जताया और कहा कि सभी को एक साथ मिलकर कार्यक्रम की सफलता को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम के बाद सामने आया संगठनात्मक मतभेद
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित हुआ था, जिसमें छात्रों से शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया गया।
कार्यक्रम के बाद सामने आए वॉट्सऐप संदेशों और सोशल मीडिया पोस्ट से स्पष्ट है कि युवा कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों के बीच पास वितरण, प्रोटोकॉल और संगठनात्मक व्यवस्थाओं को लेकर असहमति है।
हालांकि, इन आरोपों से संगठन की पूरी व्यवस्था या सभी पदाधिकारियों की भूमिका पर निष्कर्ष निकालना फिलहाल उचित नहीं होगा।
संबंधित पक्षों के विस्तृत जवाब और संगठन की आधिकारिक जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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