इन्फ्लुएंसर्स सोशल मीडिया वॉलेंटियर बनें: कमिश्नर संतोष सिंह ने 120 से ज्यादा कंटेंट क्रिटर्स के साथ किया संवाद
KHULASA FIRST
संवाददाता

फेक-भड़काऊ कंटेंट पर दी चेतावनी, बोले- जिम्मेदारी से करें पोस्ट
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सोशल मीडिया पर बढ़ती अफवाहों और भ्रामक कंटेंट को लेकर पुलिस अब सीधे एक्शन मोड में आ गई है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और इसके दुरुपयोग को देखते हुए इंदौर पुलिस ने बुधवार को खास पहल की। पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शहर के प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के साथ विशेष कार्यशाला एवं संवाद सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में 120 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स शामिल हुए, जिन्हें जिम्मेदार कंटेंट क्रिएशन के साथ कानूनी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स को बुलाकर न सिर्फ नियम समझाए गए, बल्कि चेतावनी दी गई कि गलत कंटेंट पर कानूनी कार्रवाई तय है।
जानकारी के मुताबिक कार्यशाला के दौरान इन्फ्लुएंसर्स को बताया गया कि किसी भी वीडियो, पोस्ट या खबर को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। पुलिस ने चेताया कि भ्रामक, आपत्तिजनक या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कंटेंट पर आईटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
प्रजेंटेशन के माध्यम से उन्हें यह भी समझाया गया कि लाइक्स और फॉलोअर्स के चक्कर में गलत या भड़काऊ सामग्री पोस्ट करना उन्हें कानूनी मुसीबत में डाल सकता है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने इन्फ्लुएंसर्स को संबोधित करते हुए कहा कि इंदौर जागरूक नागरिकों का शहर है और सोशल मीडिया क्रिएटर्स इस जागरूकता की अहम कड़ी हैं।
उन्होंने कहा आपकी पहुंच लाखों लोगों तक है, ऐसे में आपकी जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है। हम आपकी रचनात्मकता का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका उपयोग समाज में सकारात्मकता फैलाने के लिए होना चाहिए, न कि झूठी प्रसिद्धि के लिए नकारात्मकता फैलाने में।
उन्होंने सभी से अपील की कि वे सोशल मीडिया वॉलिंटियर बनकर पुलिस के जनजागरूकता अभियानों से जुड़ें और ट्रैफिक नियम, साइबर सुरक्षा व महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लोगों को जागरूक करें। वहीं संवाद सत्र के दौरान इन्फ्लुएंसर्स ने सोशल मीडिया से जुड़े कई सवाल उठाए, जिनमें कंटेंट की वैधता, कॉपीराइट, ट्रोलिंग और फेक न्यूज से निपटने जैसे मुद्दे शामिल रहे।
अधिकारियों ने सभी सवालों के स्पष्ट जवाब देकर उनकी शंकाएं दूर कीं और कानूनी सीमाओं को समझाया। कार्यक्रम के अंत में इन्फ्लुएंसर्स ने इंदौर पुलिस की इस पहल की सराहना की और भरोसा दिलाया कि वे आगे से सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मकता और जनजागरूकता के लिए करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अफवाहों से दूर रहकर सत्य और प्रमाणिक जानकारी ही साझा करेंगे।
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