इंदौर बनेगा अंगदान का नेशनल हब प्रेरक को 25 हजार रुपए का सम्मान: एमवाय अस्पताल ने बोनमैरो ट्रांसप्लांट में रचा इतिहास; 140 मरीजों को मिला नया जीवन, प्रदेश में अव्वल बना शहर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
चिकित्सा सेवाओं में नित नए कीर्तिमान रच रहा इंदौर अब अंगदान के क्षेत्र में देश का रोल मॉडल बनने की ओर अग्रसर है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में आयोजित इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने क्रांतिकारी फैसला लिया।
अब डॉक्टरों के अलावा समाज का कोई भी व्यक्ति, जो ब्रेन डेड मरीज के परिजन को अंगदान के लिए प्रेरित कर इसे सफल बनाएगा, उसे सहायता संस्था द्वारा 25 हजार रुपये का नकद इंसेंटिव दिया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य इस मुहिम को केवल अस्पतालों तक सीमित न रखकर एक व्यापक सामाजिक अभियान में बदलना है।
शहर की चिकित्सा क्षमता का प्रमाण महाराजा यशवंतराव चिकित्सा संस्थान यानी एमवाय अस्पताल के आंकड़ों से मिलता है, जहां पिछले 6 वर्षों में 140 मरीजों का सफल बोनमैरो ट्रांसप्लांट किया गया। खास बात यह है कि मध्य प्रदेश के केवल इसी सरकारी अस्पताल में यह जटिल सुविधा उपलब्ध है, जो मुख्यमंत्री सहायता योजना और पीएम केयर फंड के जरिए निर्धनों को जीवनदान दे रही है।
अंगदान के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल 2019 में जहां 77 अनुमतियां जारी हुई थीं, वहीं साल 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 202 (181 किडनी व 21 लीवर) तक पहुँच गया है। आज इंदौर की साख ऐसी है कि पूरे भारत से रोगी प्रत्यारोपण के लिए यहां आ रहे हैं।
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