हरि बोल से गूंजा इंदौर: अध्यात्म और संगीत का अविस्मरणीय संगम; राधिका दास के दिल से निकले हरि बोल पर थिरके इंदौरवासियों के कदम
KHULASA FIRST
संवाददाता

मन की शांति के साथ अध्यात्म के उत्सव का साक्षी बना फीनिक्स सिटाडेल मॉल, प्रबल प्रताप सिंह तोमर के नेतृत्व में राधिका दास के इस कृष्ण उत्सव को कभी नहीं भूल पाएगा इंदौर
आशीष अस्टोनकर 94259-01264 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हर बार लाइव कंसर्ट की धुनों पर थिरकने वाले इंदौरवासियों को पहली बार अंतरराष्ट्रीय कीर्तनकार राधिका दास के भजनों पर कृष्ण भक्ति में थिरकने का मौका दिया। जहां मन में आत्मिक शांति का भाव था, वहीं कृष्ण भक्ति में युवा से लेकर हर उम्र के लोगों के थिरकते कदम पहली बार किसी आध्यात्मिक उत्सव के साक्षी इंदौर में बने।
कीर्तनकार राधिका दास का यह भव्य कीर्तन कार्यक्रम न केवल भक्ति का उत्सव बना, बल्कि इसने लोगों को जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मकता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी। प्रबल प्रताप सिंह तोमर के नेतृत्व में हुआ यह आयोजन इंदौरवासियों के लिए एक ऐसी स्मृति बन गया, जो लंबे समय तक उनके दिलों में जीवित रहेगी।
अध्यात्म, संगीत और भक्ति का अद्भुत संगम 3 अप्रैल की शाम इंदौर में देखने को मिला, जब अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कीर्तनकार राधिका दास ने अपने बहुप्रतीक्षित ‘साइलेंस इन साउंड’ कीर्तन टूर के तहत फिनिक्स सिटाडेल मॉल में भव्य प्रस्तुति दी। रात 8 बजे शुरू हुआ यह आयोजन धीरे-धीरे भक्ति के महासागर में परिवर्तित हो गया, जहां हजारों श्रद्धालु ‘हरे कृष्ण’ और ‘हरि बोल’ के जयकारों के साथ दिव्य ऊर्जा में डूबते नजर आए।
का र्यक्रम की शुरुआत शांत और ध्यानमय वातावरण में हुई, जिसमें राधिका दास के मधुर मंत्रोच्चार ने उपस्थित जनसमूह को आत्मिक शांति का अनुभव कराया। जैसे-जैसे कीर्तन आगे बढ़ा, पूरा परिसर ‘राधे राधे’ और ‘गोविंदा’ के नाम से गूंज उठा। लोग न केवल श्रोता रहे, बल्कि वे इस आध्यात्मिक यात्रा के सक्रिय सहभागी बन गए।
3 अप्रैल की यह शाम इंदौर के इतिहास में एक विशेष स्थान रखेगी। इस भव्य आयोजन का संचालन प्रबल प्रताप सिंह तोमर के मार्गदर्शन में ‘ड्रॉप लाइव’ और ‘ईवा लाइव जीतो यूथ’ द्वारा, मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथियों में विधायक उषा ठाकुर, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, वरिष्ठ नेता सुदर्शन गुप्ता ,जीतू जिराती और आयोजन के प्रमुख मार्गदर्शक प्रबल प्रताप सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
हर व्यक्ति को किया भक्ति में सराबोर... राधिका दास के कीर्तन की विशेषता उनके भजनों का चयन और प्रस्तुति शैली है। उन्होंने अपने लोकप्रिय भजनों-‘राधे राधे गोविंद’, ‘गोविंदा जया जया’, ‘हरे कृष्ण महामंत्र’, ‘जय श्री वृंदावन धाम’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के माध्यम से ऐसा वातावरण निर्मित किया, जिसने हर व्यक्ति को भक्ति में सराबोर कर दिया। ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र के सामूहिक जप ने पूरे माहौल को दिव्य ऊर्जा से भर दिया, जबकि ‘हरि बोल’ ने श्रद्धा और शांति का भाव उत्पन्न किया।
‘राधे राधे गोविंद’ के दौरान श्रद्धालु झूम उठे, वहीं ‘गोविंदा जया जया’ ने वृंदावन की भक्ति परंपरा की अनुभूति कराई। ‘ओम नमः शिवाय’ के जप ने शिव भक्ति का अद्भुत रंग भर दिया। हर भजन के साथ राधिका दास ने आध्यात्मिक संदेश भी दिया, जिससे कार्यक्रम केवल संगीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक गहन आत्मिक अनुभव बन गया।
इस कार्यक्रम की एक खास झलक इस्कॉन मंदिर से जुड़े भक्तों की उपस्थिति रही। उनके समूह नृत्य और उत्साहपूर्ण कीर्तन ने पूरे वातावरण को वृंदावन की भक्ति में रंग दिया। पूरा मॉल एक भव्य आध्यात्मिक स्थल में परिवर्तित हो गया, जहां हर व्यक्ति कृष्ण भक्ति में लीन दिखाई दिया।
युवा पूरे उत्साह के साथ भक्ति में डूबे नजर आए... आज की तेज रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली में जहां मानसिक शांति की कमी महसूस होती है, वहां इस तरह के कीर्तन कार्यक्रम लोगों को आत्मिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।
यही कारण है कि इस आयोजन में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। युवा पूरे उत्साह के साथ भक्ति में डूबे नजर आए और हर कीर्तन पर झूमते दिखाई दिए।
कीर्तन में पारंपरिक भक्ति संगीत और आधुनिक धुनों का अनूठा मिश्रण... राधिका दास, जो मूल रूप से पश्चिमी देश से संबंध रखते हैं, ने भारतीय वैदिक संस्कृति और भक्ति योग को अपनाकर उसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।
उनके कीर्तन में पारंपरिक भक्ति संगीत और आधुनिक धुनों का अनूठा मिश्रण होता है, जो हर वर्ग के लोगों को आकर्षित करता है। सोशल मीडिया पर उनके भजन लाखों लोगों द्वारा देखे और सराहे जाते हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
इंदौर में आयोजित यह कार्यक्रम उनके भारत टूर का हिस्सा था, जिसमें वे देश के विभिन्न शहरों में जाकर भक्ति, ध्यान और आत्म-खोज का संदेश दे रहे हैं। इस टूर की शुरुआत इंदौर से होना शहर के लिए गर्व का विषय रहा।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में जब पूरा परिसर एक स्वर में ‘हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे’ का जाप कर रहा था, तब वह दृश्य हर किसी के लिए अविस्मरणीय बन गया। यह केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं था, बल्कि आत्मा को छू लेने वाला अनुभव था, जिसने हर व्यक्ति को भीतर तक प्रभावित किया।
राधिका दास कीर्तन से युवाओं तक सनातन संस्कृति का संदेश पहुंचा रहे: सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि ‘इस प्रकार के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को नई दिशा देते हैं। राधिका दास जैसे कलाकार अपने कीर्तन के माध्यम से युवाओं तक सनातन संस्कृति का संदेश पहुंचा रहे हैं, जो अत्यंत सराहनीय है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को उससे जोड़ने का कार्य करते हैं।’
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