बीजेपी विधायक के बयान पर बवाल: IPS संघ ने जताई आपत्ति; की कार्रवाई की मांग
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी के कथित बयान पर भारतीय पुलिस सेवा संघ ने कड़ा ऐतराज जताया है और कार्रवाई की मांग की है। संघ ने इस बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं और प्रशासनिक गरिमा के खिलाफ बताते हुए इसे गंभीर मामला करार दिया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज
राजधानी भोपाल से जारी प्रेस नोट में संघ ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अभद्र या धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल न केवल अनुचित है, बल्कि इससे प्रशासनिक तंत्र का मनोबल भी प्रभावित होता है।
सड़क हादसे के बाद बढ़ा विवाद
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह पूरा विवाद शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे के बाद सामने आया।
बता दें कि, 17 अप्रैल 2026 को विधायक के बेटे दिनेश लोधी पर तेज रफ्तार में वाहन चलाते हुए तीन बाइक सवार युवकों और स्कूल जा रहे दो छात्रों को टक्कर मारने का आरोप है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद घायलों की मदद किए बिना वह मौके से फरार हो गया।
दबाव बनाने की कोशिश की
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पूछताछ के दौरान उसने खुद को विधायक का बेटा बताते हुए दबाव बनाने की कोशिश की। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में आक्रोश देखा गया और मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
पुलिस जांच से नाराज विधायक
बताया जा रहा है कि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई से नाराज विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने सार्वजनिक मंच से पुलिस अधिकारियों पर तीखी टिप्पणी की। आरोप है कि उन्होंने अभद्र और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
यही बयान अब विवाद का मुख्य कारण बन गया है और प्रशासनिक संगठनों ने इसे गंभीरता से लिया है।
आईपीएस एसोसिएशन का कड़ा रुख
भारतीय पुलिस सेवा संघ ने अपने बयान में स्पष्ट कहा कि किसी अधिकारी के खिलाफ इस प्रकार की भाषा स्वीकार्य नहीं है। संघ के अध्यक्ष एडीजी चंचल शेखर ने कहा कि यह मामला विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि यह घटना सिविल सेवा दिवस के आसपास सामने आई है।
संघ ने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियां न केवल व्यक्तिगत रूप से अधिकारियों को प्रभावित करती हैं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे के मनोबल पर असर डालती हैं।
एसडीओपी आयुष जाखड़ पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद
विवाद में डॉ. आयुष जाखड़ का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है, जो करैरा में एसडीओपी के पद पर पदस्थ हैं। संघ के अनुसार, एक नव नियुक्त अधिकारी और उनके परिवार के खिलाफ इस प्रकार की टिप्पणी पूरी तरह अनुचित है और इससे सेवा में कार्यरत अधिकारियों के सम्मान पर चोट पहुंचती है।
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