सोमवार को शिव पूजा का महत्व: आस्था के साथ जुड़ी सुख-शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सप्ताह का पहला दिन सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। देशभर के शिव मंदिरों में इस दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। मान्यता है कि सोमवार को विधि-विधान से शिव पूजा और व्रत करने से जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और अक्षत अर्पित करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक कर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हैं। विशेष रूप से अविवाहित युवक-युवतियां अच्छे जीवनसाथी की कामना के लिए सोमवार का व्रत रखते हैं, जबकि विवाहित लोग दांपत्य जीवन में सुख-शांति के लिए पूजा करते हैं।
मान्यता यह भी है कि सोमवार को शिव उपासना करने से चंद्र दोष शांत होता है, जिससे मानसिक तनाव कम होता है और मन में स्थिरता आती है। ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा मन का कारक है और भगवान शिव को प्रसन्न करने से मन की चंचलता कम होकर सकारात्मकता बढ़ती है।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि नियमित रूप से सोमवार का व्रत और पूजा करने से आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं, स्वास्थ्य में सुधार आता है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है। सावन माह के सोमवारों में इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है, जब भक्त कांवड़ यात्रा कर पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।
इस तरह सोमवार की शिव पूजा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और जीवन में संतुलन बनाए रखने का माध्यम भी मानी जाती है।
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