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एक बाप की औलाद हो तो बुलवाकर दिखाओ: किस पार्षद के इस बयान से गरमाया निगम का बजट सत्र; नारेबाजी के बीच अफरातफरी और हंगामा

KHULASA FIRST

संवाददाता

08 अप्रैल 2026, 4:34 pm
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एक बाप की औलाद हो तो बुलवाकर दिखाओ

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ‘वंदे मातरम’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जिसने पूरे सदन को हंगामे में बदल दिया। 8455 करोड़ रुपए के बजट पर चर्चा के बीच प्रश्नकाल लगातार शोर-शराबे की भेंट चढ़ता रहा और अंततः बहुमत के आधार पर बजट पारित करना पड़ा।

‘वंदे मातरम’ नहीं गाने पर भड़के पार्षद
बजट चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम द्वारा ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार करने पर भाजपा पार्षदों में नाराजगी फैल गई। कई पार्षद अपनी सीटों से उठकर सभापति के आसन के पास पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इससे सदन में अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई।

सभापति का हस्तक्षेप, पार्षद को बाहर किया
स्थिति बिगड़ती देख सभापति मुन्नालाल यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ को लेकर अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करना उचित नहीं है और इसी आधार पर फौजिया शेख अलीम को सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए।

खुद ही सदन के बाहर चली गई
हालांकि, फौजिया ने शुरुआत में इसका विरोध करते हुए सवाल उठाया कि किस कानून या एक्ट में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य बताया गया है। कुछ देर तक वे अपनी सीट पर डटी रहीं, लेकिन बाद में स्वयं ही सदन से बाहर चली गईं।

बाहर आकर दिया बयान, बढ़ा विवाद
सदन से बाहर आने के बाद मीडिया से चर्चा में फौजिया शेख अलीम ने कहा कि उनका धर्म इस्लाम उन्हें ‘वंदे मातरम’ गाने की अनुमति नहीं देता। वहीं कांग्रेस पार्षद रूबीना इकबाल खान के एक तीखे बयान-“एक बाप की औलाद हो तो बुलवाकर दिखाओ” ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया और राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया।

रूबीना ने लगाया गुंडागर्दी का आरोप
पार्षद रुबीना इकबाल खान ने मीडिया से कहा कि बीजेपी पार्षद यह कह रहे थे कि यहां रहना है तो ‘वंदे मातरम’ कहना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान गुंडागर्दी कर माहौल दबाव बनाने वाला था। उनके अनुसार कुरान ‘वंदे मातरम’ गाने की इजाजत नहीं देता है, इसलिए इसे लेकर जबरदस्ती करना गलत है।

अमेरिका ने खामेनेई को धोखे से शहीद किया
रुबीना इकबाल खान ने कहा कि अमेरिका ने खामेनेई को धोखे से शहीद किया। इस मुद्दे को लेकर भी उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। अगर विरोध किया जा रहा है, तो फिर ईरान से तेल और गैस क्यों ली जा रही है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में ही कुएं खोदकर यहीं से तेल-गैस निकाला जाना चाहिए।

सिर्फ मुस्लिमों को टारगेट कर कार्रवाई
रुबीना इकबाल खान ने आरोप लगाया कि सिर्फ मुस्लिमों को टारगेट कर कार्रवाई की जाती है । उनकी दुकानों को तोड़ा जाता है। इस पूरे मामले में अध्यक्ष चुप रहते हैं और कोई कार्रवाई नहीं करते।

विपक्ष का रुख- ‘व्यक्तिगत इच्छा का मामला’
इस पूरे विवाद पर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ गाना किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्रदेश नेतृत्व को दे दी गई है।


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