मैं जल्दी गुस्सा हो जाती हूं मुझे माफ करिए: बाप में दम का निकला दम
KHULASA FIRST
संवाददाता

राष्ट्रगीत वंदे मातरम् गाने के लिए चैलेंज देने वाली रुबीना की माफी आई सामने
वंदे मातरम् विवाद के 4 दिन बाद पार्षद रुबीना खान ने मांगी माफी, शहर कांग्रेस अब भी रुष्ट
रुबीना बोली- पता नहीं किसकी प्लानिंग का हिस्सा मैं हो गई, जिसने इनकार किया, वो तो चली गई
'भाड़ में जाए कांग्रेस' पर कांग्रेस की नाराजगी बरकरार, शहर अध्यक्ष बोले- पार्टी में ऐसे लोगों की जरूरत नहीं
वंदे मातरम् विवाद पर कांग्रेस की अंदरूनी कलह दिल्ली तक पहुंची, पटवारी, मिश्रा, चौकसे से जवाब तलब
साफगोई के लिए पहचानी जाने वाली पार्षद रुबीना ने विवाद पर भी बयान के जरिये शहर से की दिल से बात
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम परिषद की बैठक से उठे वंदे मातरम् गान के विवाद का रविवार को लगभग पटाक्षेप हो गया। अब मसला कांग्रेस-भाजपा द्वारा इस मुद्दे पर होने वाली संभावित कार्रवाई पर आकर टिक गया है। भाजपा की बात करें तो उस पर दबाव है कि वह इस मामले में दोनों मुस्लिम महिला पार्षदों पर न सिर्फ कानूनी कार्रवाई करे, बल्कि निगम परिषद से सदस्यता भी खत्म करे।
इस मसले पर भाजपा पार्षद व निगम सभापति के पुलिसिया बयान भी दर्ज हो गए हैं, लेकिन उसके बाद का पुलिस एक्शन बयान दर्ज होने के दो दिन बाद भी नजर नहीं आया। न इस मसले पर कोई कानूनी कार्रवाई की हलचल नगर निगम, भाजपा, राज्य सरकार व पुलिस के स्तर पर नजर आई है।
कांग्रेस का मामला इस मुद्दे पर थोड़ा हटकर भी है और कुछ शर्मसार करता भी है। वंदे मातरम् गाने से इनकार तो दोनों महिला पार्षद ने किया था, लेकिन पार्टी को भाड़ में एक ही पार्षद ने अपने बयान के जरिये भेजा था। लिहाजा माफी के बाद भी शहर कांग्रेस का गुस्सा खत्म नहीं हुआ है।
अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने विवाद के सामने आते ही इस मामले में गुरुवार को जो कड़ा रुख अख्तियार किया था, वह रविवार को भी कायम रहा। चौकसे का कहना है कि पार्टी में ऐसे लोगों की जरूरत नहीं। हमने पीसीसी को रुबीना खान के निष्कासन को लेकर पत्र लिख दिया है। निर्णय वहीं से होगा। ऐसे लोग, जो खुद को पार्टी से ऊपर समझते हैं, उनकी कांग्रेस में जरूरत नहीं है।
चौकसे की सख्ती के पीछे पार्टी की गुटीय राजनीति को भी जोड़ा जा रहा है। मसला फौजिया को ‘बख्श’ देने का भी है और फौजिया व उनके पति शेख अलीम के भाजपाई रिश्तों से भी जुड़ा है। कांग्रेस के ही पार्षद व कभी चौकसे के खास रहे राजू भदौरिया इस मुद्दे पर पहले दिन से बेबाकी से मुखर हैं।
उनका कहना है कि पूरा मामला एक ‘नूरा कुश्ती’ सा मिला-जुला है और इसमें एक पक्ष को नजरअंदाज किया जा रहा है। अब ये मामला इंदौर से भोपाल होता हुआ दिल्ली तक जा पहुंचा है। इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रवक्ता केके मिश्रा व शहर अध्यक्ष चौकसे से जवाबतलबी की बात सामने आई है।
वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव की मुखरता अब भी बरकरार है। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस व कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का रुख आपत्तिजनक है। दूसरी तरफ इस विवाद पर निजी परिवाद भी दायर कर दिया गया है।
50 से ज्यादा मीटिंग अटेंड की, कभी वंदे मातरम् का अनादर नहीं किया... पूरे मामले में पार्षद रुबीना खान ने खुलकर अपनी बात लिखित में रखी। उनका कहना है कि बाप में दम, पार्टी जाए भाड़ में... ये स्लोगन सब तरफ प्रमुखता से दिखे, लेकिन यह बोलने के पीछे कारण क्या था, ये शायद ही किसी ने दिखाया।
वहां भी क्रिया की ही प्रतिक्रिया हुई थी। जिसने इनकार किया, वो चली गई थी। फिर मुझ पर उकसाने वाले नारे लगाने का क्या औचित्य था। पता नहीं किसकी प्लानिंग का हिस्सा मैं बन गई। सब जानते थे मैं आसान टारगेट थी, क्योंकि जल्दी गुस्सा हो जाती हूं।
इसीलिए शायद मुझे टारगेट करना शुरू कर दिया। नारों का शोर और उस पर चिंटूजी के बयान ने आग में घी का काम किया। उसी उत्तेजना में ये दो अल्फाज मेरे मुंह से निकले, जो नहीं निकलने चाहिए थे। इसका खेद मुझे शायद जिंदगीभर रहेगा।
मैंने परिषद की 50 से ज्यादा मीटिंग अटेंड की है। कभी भी मैंने राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत का अनादर नहीं किया। 7 और 8 तारीख की भी रिकॉर्डिंग आप चेक करें तो मैं वहां अदब से खड़ी नजर आऊंगी।
यही कहूंगी- बरात कहीं और जा रही थी, उतर गई मेरे घर। मैंने सभी के सामने अपनी बात रखी, कहीं मुंह नहीं छिपाया। फर्ज ये भी था कि पूरा सच सुबूत के साथ दिखाया जाता।
आखिरकार उस दंभ का दम निकल ही गया, जो राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की गरिमा से जुड़ा था। गुरुवार को नगर निगम परिषद की बैठक में दिखाया गया दंभ तो रविवार तक बेदम हो ही गया था।
सोमवार की भोर ने इस पूरे मामले का दम ही निकाल दिया। उस मुस्लिम महिला पार्षद रुबीना खान ने पूरे विवाद पर खुले मन से माफी मांग ली, जो पूरे विवाद के केंद्र में ‘बैठे-ठाले’ आ गई थी।
मसला बिरादरी की एक अन्य पार्षद फौजिया शेख से जुड़ा था। फौजिया तो विवाद खड़ा कर मौके से रफा-दफा हो गई। ‘गिरफ्त’ में रुबीना आ गई। रुबीना की गिरफ्तारी में भी दो बड़े बोल अहम रहे।
पहला बड़बोलापन राष्ट्रगीत को लेकर आया कि किसके बाप में दम है, जो वंदे मातरम् गवाए हमसे। दूसरे बड़े बोल स्वयं की पार्टी को लेकर सामने आ गए कि भाड़ में जाए कांग्रेस।
दोनों ही बड़े बोल पर 4 दिन बाद रुबीना ने बड़े दिल से ये कहते हुए माफी मांग ली कि मैं जल्दी गुस्सा हो जाती हूं, मुझे माफ करें। जो अल्फाज मेरे मुंह से निकले, उसका खेद मुझे ताजिंदगी रहेगा।
जिसने वंदे मातरम् गाने से इनकार किया, वह तो चली गई। मैं न जाने किसकी साजिश का शिकार हो गई। रुबीना की इस माफी के बावजूद कांग्रेस की नाराजगी दूर नहीं हुई है।
विवाद का मुख्य कारण बनी पार्षद फौजिया शेख को लेकर कांग्रेस की नरमी भी कई सवाल खड़े कर रही है।
संबंधित समाचार

आधी रात को पीएम मोदी का बड़ा संदेश:बोले- पेपर लीक पर अब और होगी सख्ती; शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में होंगे बड़े फैसले

प्रधानमंत्री मोदी के ऐलान पर बड़ा एक्शन:पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्पेशल जज नियुक्त; दोषियों पर होगी त्वरित कार्रवाई

नीट विवाद पर बन सकती है सहमति:सरकार से बातचीत को तैयार हुई सीजेपी; आज मंत्रियों से होगी अहम बैठक

छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला:उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी हटाए गए; नरेश पाल गंगवार को मिली जिम्मेदारी

पुलिस में बंपर भर्ती:इतने पदों को मिली मंजूरी; जल्द होगी भर्ती प्रक्रिया शुरू

उपचुनाव में भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत:छह मंत्री डटे; 25 जुलाई से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संभालेंगे मोर्चा

कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का महासैलाब:कथा शुरू होने से पहले ही पंडाल हाउसफुल, लाखों श्रद्धालु पहुंचे

तीन सगी बहनों ने एक ही युवक से की शादी:वायरल वीडियो पर आया नया मोड़; बोले- 'यह रील नहीं, हकीकत है'

जिला अस्पताल में बड़ा खेल:सलाइन की जगह मिनरल वाटर की ड्रिप चढ़ाई, सीएमएचओ ने कलेक्टर को सौंपी जांच रिपोर्ट

70 करोड़ के एमडी ड्रग्स रैकेट पर ईडी की बड़ी कार्रवाई:मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार

देखिये वीडियो, ओंकारेश्वर मंदिर में हंगामा:गर्भगृह में श्रद्धालुओं से बदसलूकी और मारपीट का आरोप

पेपर लीक के विरोध में राहुल गांधी का मार्च:विपक्षी दलों संग गांधी स्मृति तक निकाली पदयात्रा; छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ जताया विरोध

एयरपोर्ट पर 20 मिनट की 'सियासी गुफ्तगू':सीएम मोहन से दिग्विजय की कानाफूसी; बोले- 'तुलसी का टिकट कटेगा'

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास:टी-20 के सबसे युवा हाफ सेंचुरियन बने; भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया

समस्याओं को प्रखरता से उठाता है खुलासा फर्स्ट

मन्नत से लौट रहे परिवार पर हमला:साइड देने को कहा तो भड़के कार सवार; भाजपा नेता के रिश्तेदारों पर एफआईआर, फॉर्च्यूनर जब्त

शहीद जवान, अक्षुण्ण आस्था अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में सेंध:आतंकी साया ड्यूटी पर तैनात J&K पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या, विदेशी TRF आतंकी पर शक...

राहुल के 'सड़क से संसद' वाले आक्रामक तेवरों के क्या निहितार्थ:छात्र असंतोष का राजनीतिकरण, अवसर का लाभ, हाईजैक का खतरा या व्यवस्था परिवर्तन की छटपटाहट

लड़कों को रात 10 बजे तक एंट्री, हमें 8 बजे क्यों:गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने सीएम हेल्पलाइन पर की भेदभाव की शिकायत

कनक स्मार्ट सिटी के भ्रष्ट कॉलोनाइजर ने पार्षद से मिलकर तुड़वा दी 40 दुकानें:एक दिन पूर्व रात्रि में नोटिस दिया, अगले दिन कार्रवाई
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!