आम जनता अपनी संपत्ति कैसे बचाए: जब नगर निगम ही 'भूमाफिया' बन जाए
KHULASA FIRST
संवाददाता

अभिषेक मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इं दौर नगर निगम का नामांतरण घोटाला एक सामान्य घटना नहीं है, ये उस भरोसे के टूटने की कहानी है जिस पर हर नागरिक अपनी पूरी जिंदगी की कमाई टिका देता है। घर और जमीन किसी के लिए महज संपत्ति नहीं होते, बल्कि पिता की उम्रभर की मेहनत, मां के गहनों की कुर्बानी, बैंक की लंबी ईएमआई, बच्चों के भविष्य और पूरे परिवार के सपनों का आधार होते हैं। आम आदमी जो कुछ हद तक भूमाफियाओं से इसलिए नहीं डरता, क्योंकि उसे विश्वास होता है कि सरकारी रिकॉर्ड उसके साथ हैं।
लेकिन जब वही सरकारी रिकॉर्ड उसकी जानकारी के बिना किसी और को उसकी संपत्ति का मालिक बना दें, तब सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि न्याय की उम्मीद आखिर किससे की जाए? नामांतरण घोटाले ने यही भय पैदा किया है।
यहां किसी ने रात के अंधेरे में दीवार नहीं फांदी, ताले नहीं तोड़े, न ही हथियारों के दम पर कब्जा किया। यहां कब्जा सरकारी फाइलों में हुआ, कंप्यूटर की स्क्रीन पर हुआ और सरकारी मुहर के साथ हुआ। यही कारण है कि यह मामला किसी साधारण भूमाफिया से भी अधिक खतरनाक दिखाई देता है।
भूमाफिया अवैध कब्जा करता है, लेकिन यहां तो सरकारी रिकॉर्ड ही बदल गए। जिन लोगों की संपत्तियां दूसरे के नाम हुईं, उन्हें इसकी खबर तक नहीं लगी, और जिनके नाम पर संपत्तियां चढ़ीं, उनमें से कई कह रहे हैं कि उन्हें भी नहीं पता यह सब कैसे हुआ।
यानी व्यवस्था का स्वरूप बेहद भयावह हो चला है, और यदि यह सच नहीं है तो उससे भी बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर इस खेल का सूत्रधार कौन है? जांच में ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां केवल नोटरी के आधार पर नामांतरण कर दिए गए, जबकि नियम इसकी अनुमति ही नहीं देते। स्पष्ट है कि यह किसी एक कर्मचारी की भूल नहीं हो सकती। कोई फाइल अकेले नहीं चलती, कोई नामांतरण एक व्यक्ति नहीं करता और कोई इतना बड़ा खेल बिना संरक्षण के संभव नहीं होता।
दुखद यह है कि हर बड़े घोटाले की तरह यहां भी कार्रवाई का दायरा छोटे कर्मचारियों तक सीमित दिखाई देता है, जबकि जनता जानना चाहती है कि आदेश किसने दिए, नियम किसने तोड़े, सिस्टम किसने खोला और आखिर इस पूरे खेल से लाभ किसे मिला।
यदि जवाबदेही केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित रही तो यह केवल अन्याय नहीं होगा, बल्कि भविष्य के भ्रष्टाचार को खुला निमंत्रण भी होगा। इंदौर जैसे जागरूक और व्यवस्थित शहर में ऐसा घोटाला सामने आना अपने आप में शर्मनाक है, लेकिन उससे भी अधिक शर्मनाक यह होगा कि जांच का अंत केवल कुछ छोटे निलंबनों और नोटिसों तक सिमट जाए।
मामला 354 नोटिसों या 60 जवाबों का नहीं, उन नागरिकों के विश्वास का है जो यह मानकर निश्चिंत हैं कि सरकारी रिकॉर्ड उनकी सुरक्षा हैं। यदि घोटाले की अंतिम कड़ी तक पहुंचकर जिम्मेदारों को कटघरे में नहीं खड़ा किया गया, तो हर संपत्ति मालिक के मन में एक ही डर रहेगा कि कहीं अगली बारी मेरी तो नहीं? और तब इतिहास शायद यह लिखे कि इंदौर में लोगों की संपत्तियां भूमाफियाओं ने नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की खामोशी ने छीनी थीं।
संबंधित समाचार

वीडियो देखिये, दुर्गा पूजा पंडाल में ऐसे मची भगदड़:बारिश के बीच पंडाल में घुसी सैकड़ों लोगों की भीड़, संकरे रास्ते में फंसे लोग, 19 की मौत, 25 घायल, सात गिरफ्तार

छेड़छाड़ की दो घटनाएं:गरबा खेल रही नाबालिग से बदसलूकी; घर में घुसकर महिला से अश्लील हरकत का आरोप

वीडियो देखिये, सनातन धर्म को हिंदुत्व से जोड़कर देखना उचित नहीं:जनता को जागरूक करेंगे: दिग्विजय सिंह; सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा से पहले उज्जैन पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री

वीडियो देखिये, ग्वालियर ट्रक हादसे पर सिंधिया सख्त:बोले- जिम्मेदारों पर हो कड़ी कार्रवाई; घायलों से अस्पताल में मिले केंद्रीय मंत्री

22 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या:फांसी लगाकर दी जान; गरबा देखकर लौटी मां और भाई ने देखा

पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा में दिखा शक्ति प्रदर्शन:राजनीतिक विरोधाभास भी आया नजर; मुख्यमंत्री पहुंचे तो मंच से गायब हुए मंत्री

भीषण सड़क हादसा:टाटा पंच और बाइक की आमने-सामने टक्कर; राइडर की मौके पर मौत, दो घायल

वीडियो देखिये, शहर के अनेक इलाकों में बारिश:मौसम हुआ सुहाना, गर्मी से मिली राहत

गरबे संग उठी भक्ति की तरंग:गुजराती गीतों पर मां की आराधना में थिरके कदम

मन की निर्मलता ही सच्ची साधना, सादगी, क्षमा और आत्मचिंतन का पर्व:शारदीय नवरात्रि; अष्टम दिवस; मां महागौरी का संदेश

वीडियो देखिये, नवरात्रि का पर्व देता है समाज में एकता और सद्भाव का संदेश:विशाल चुनरी यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री; प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

पूर्व मुख्यमंत्री ने RSS के आयोजन पर जताई आपत्ति:केंद्रीय मंत्री से पूछा- अपने स्कूल में क्यों नहीं करवाते

सुबह 9 बजे तक भक्तों ने ग्रहण की महाप्रसादी:नवरात्रि महापर्व के पावन अवसर पर 10 दिवसीय महोत्सव; हजारों भक्तों ने लिया महाकाल और माता का आशीर्वाद

शारदीय नवरात्रि:एक ही सूर्य चक्र में मिलेंगी दो महाशक्तियां

अवैध गांजे की खेती पर पुलिस की कार्रवाई:कपास-मक्का की फसल के बीच उगाया गांजा; 880 पौधे किए जब्त

वीडियो देखिये, शीतला माता मंदिर हादसा मामले में ट्रक चालक और मालिक हिरासत में:ब्रेक फेल होने से दुर्घटना की आशंका; प्रतिबंधित मार्ग पर पहुंचने के कारणों की जांच

मीडिया कवरेज की अस्वस्थ होड़ और बढ़ती अव्यवस्था:इंदौर की घटना का आईना; क्या ‘शोर’ और ‘रील संस्कृति’ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को खोखला कर रही है

ट्रक ने बच्चे का सिर धड़ से अलग किया

बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला 14 की मौत:मृतकों में महिलाएं, बच्चे-बुजुर्ग शीतला माता के दर्शन करने पहुंचे थे

नवरात्रि में सुरक्षा के लिए 15 शक्ति मोबाइल सक्रिय:गरबा पंडालों से मेलों तक पुलिस की निगरानी; ड्रोन से नजर, संदिग्धों पर कार्रवाई; बीमार बालिका और सड़क हादसों में घायलों को पहुंचाया अस्पताल
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!