सड़क चौड़ीकरण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इनकी याचिका खारिज; तथ्य छिपाने पर पेनल्टी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम की ओर से जारी तोड़फोड़ नोटिस को चुनौती देने वाले आनंद कुमार केडिया को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ से राहत नहीं मिली।
जस्टिस संदीप एन. भट्ट की पीठ ने उनकी याचिका खारिज करते हुए माना कि याचिकाकर्ता ने मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों और दस्तावेजों का पूरा खुलासा नहीं किया। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग की स्थिति माना और 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
जुर्माने की राशि सात दिन के भीतर मध्यप्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण, इंदौर में जमा करनी होगी। इसकी रसीद हाईकोर्ट रजिस्ट्री में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
11 अगस्त के निगम नोटिस को दी थी चुनौती
केडिया ने नगर निगम के भवन अधिकारी की ओर से 11 अगस्त 2026 को जारी नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने नोटिस निरस्त करने और अपनी संपत्ति पर सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई रोकने की मांग की थी।
याचिका में केडिया ने दावा किया था कि वे संपत्ति के वैध मालिक हैं और उन्होंने वर्ष 2017 में विक्रय विलेख के जरिए जमीन खरीदी थी। उनका यह भी कहना था कि बाद में राजस्व अधिकारियों द्वारा संपत्ति का सीमांकन किया गया था।
2019 की अनुमति और 2020 की भवन स्वीकृति का हवाला
केडिया की ओर से दलील दी गई कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने वर्ष 2019 में अनुमति दी थी, जबकि नगर निगम ने वर्ष 2020 में भवन निर्माण की मंजूरी दी।
इसके बावजूद इंदौर विकास योजना-2021 के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए उनकी संपत्ति के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
याचिकाकर्ता ने सड़क का संरेखण बदले जाने और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करने का आरोप भी लगाया था। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 300-ए के तहत मिले अधिकारों का हवाला देते हुए कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
निगम ने कहा- सरकारी जमीन पर कब्जा किया
नगर निगम ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि संयुक्त निरीक्षण में सरकारी जमीन पर कब्जे की स्थिति सामने आई थी। निगम के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई इंदौर विकास योजना-2021 के प्रावधानों के तहत की जा रही है।
निगम ने कोर्ट को बताया कि सिटी फॉरेस्ट के रास्ते बायपास रोड को लाइटहाउस प्रोजेक्ट और प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ने के लिए 20 मीटर चौड़ी सड़क का प्रावधान है।
निगम के अनुसार, विकास योजना को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित लोगों से आपत्तियां और सुझाव भी आमंत्रित किए गए थे।
संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट बनी अहम कड़ी
सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह तथ्य आया कि पूर्व में न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने और उसे याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
केडिया की ओर से कहा गया कि उन्हें रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। हालांकि, हाईकोर्ट ने पाया कि याचिका में इस पूरी स्थिति और पूर्व न्यायिक निर्देशों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का पर्याप्त उल्लेख नहीं किया गया था।
कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों के जवाब और रिकॉर्ड से मामले की जो तस्वीर सामने आई, वह याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत तथ्यों से अलग थी।
सरकारी जमीन को अपनी संपत्ति में शामिल करने का आरोप
हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि याचिका में यह तस्वीर पेश करने की कोशिश की गई कि प्रस्तावित सरकारी जमीन के दक्षिणी हिस्से पर किसी अन्य व्यक्ति का अवैध कब्जा है और सरकारी एजेंसियां केडिया को उनकी वैध संपत्ति से हटाने की कार्रवाई कर रही हैं।
वहीं, नगर निगम के जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड से यह सामने आया कि सरकारी जमीन को अपनी संपत्ति में शामिल करते हुए वहां दीवार बनाई गई थी।
कोर्ट बोला- दलीलें आकर्षक, लेकिन रिकॉर्ड पर ठोस आधार नहीं
हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश की गई दलीलें पहली नजर में आकर्षक जरूर लगती हैं, लेकिन रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर उन्हें राहत देने के लिए पर्याप्त ठोस आधार नहीं है।
कोर्ट ने महत्वपूर्ण तथ्यों और दस्तावेजों के पूरे खुलासे नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया और कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का इस्तेमाल करते समय याचिकाकर्ता को सभी प्रासंगिक तथ्यों को सामने रखना चाहिए।
याचिका खारिज, 20 हजार का जुर्माना
कोर्ट ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर नगर निगम की कार्रवाई में ऐसी स्पष्ट मनमानी या गैरकानूनी प्रक्रिया नहीं पाई, जिसके आधार पर याचिकाकर्ता को राहत दी जा सके।
हालांकि, केडिया की ओर से यह दलील दी गई कि उन्हें कुछ संबंधित तथ्यों की जानकारी नहीं थी। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने 20 हजार का जुर्माना लगाते हुए याचिका खारिज कर दी।
राशि सात दिन के भीतर मध्यप्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण, इंदौर में जमा कर उसकी रसीद हाईकोर्ट रजिस्ट्री में पेश करनी होगी।
संबंधित समाचार

विवाह सहायता योजना में करोड़ों का घोटाला:पूर्व मंत्री का रिश्तेदार गिरफ्तार; 5923 मामलों में गड़बड़ी का आरोप

इतने पावर प्लांट में कोयले का संकट:इतने दिन का ही स्टॉक बचा; जरूरत का सिर्फ 48% भंडार

देखिए वीडियो:शिक्षक दिवस पर बोले सीएम डॉ. मोहन यादव; बोर्ड मेरिट में आधे से ज्यादा छात्र सरकारी स्कूलों के, TET अब ऑफलाइन

भीषण सड़क हादसा:3 महिलाओं को ट्रक ने कुचला; कृष्ण जन्मोत्सव देखकर लौट रहीं थी, मौके पर मौत

बारिश के बीच जमीन धंसने से दहशत:कई कारें दबीं; सड़क में आई दरारें, बिल्डिंगों पर मंडराया खतरा

मॉल के स्मोकिंग जोन में तुलसी के पौधे लगाने पर विवाद:संगठन ने जताई आपत्ति; हटाने की मांग

सेनेटरी व्यापारी से 27 लाख की ठगी:फर्जी ईमेल से दिया झांसा; असली कंपनी से संपर्क करने पर हुआ खुलासा

मौसम ने बिगाड़ा शेड्यूल:कई उड़ानें लेट; खराब मौसम और ऑपरेशनल कारणों से सैकड़ों यात्री परेशान

सरकार को घेरने के लिए अब संगठन का दांव:सॉफ्टवेयर वही, वर्जन नया

स्ट्रीट लाइट के नीचे जुआ खेलते 4 धराए:2100 रुपए और ताश जब्त

म्यूल अकाउंट के चेन सिस्टम का खुलासा:चार आरोपी गिरफ्तार

मूर्तिकार की गोली मारकर हत्या:बाइक से आए बदमाशों ने किया हमला; पुरानी रंजिश की आशंका

इंदौर की सफाई ने खींचा इटली का ध्यान:काउंसल जनरल पहुंचे; महापौर से तकनीक और निवेश पर मंथन

मध्यप्रदेश में फिर शुरू हुआ झमाझम बारिश का दौर:इन जिलों में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट; 7 जिलों में स्कूल बंद

मस्जिद पर चला बुलडोजर:कोर्ट के आदेश के बाद तड़के कार्रवाई; सांसद हाउस अरेस्ट, भारी पुलिस बल और RAF तैनात

पत्नी के निधन के बाद बदली जिंदगी की राह:रिटायर्ड बैंक मैनेजर ने संभाली 500 बच्चों की जिम्मेदारी; शिक्षा को बनाया मिशन

करोड़ों के हाईवे की रिटेनिंग वॉल धंसी:टूटे हिस्से को छुपाने सीमेंट-कांक्रीट का ‘सहारा’; निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर पुलिस सख्त:21 वाहन चालकों पर हुई FIR; यातायात नियम तोड़ने वालों को चेतावनी

देखिए वीडियो:अकेले युवक ने बदल दी अजनार नदी की तस्वीर; ‘बिट्टू तबाही’ की मुहिम बनी मिसाल, सीएम ने की प्रशंसा

रिसोर्ट में पार्टी पर पुलिस की दबिश:नशे में झूमते मिले 200 युवक-युवतियां; संचालक पर केस दर्ज
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!