अंसाफ की बेइंसाफी पर हाई कोर्ट की रोक: किराएदार से खाली करवाने के लिए तुड़वाया था मकान
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पार्षद सुनेहरा अंसारी के पति अंसाफ (पूर्व पार्षद) अंसारी को हाई कोर्ट में मुंह की खानी पड़ी है। 10/3 दौलतगंज स्थित मकान के एक भाग के ग्राउंड फ्लोर पर मोहम्मद भाई गौस वाले और वाजिदभाई पलंगवाले किराएदार थे, जबकि दूसरे भाग में तीन किराएदार हैं।
यहां ऊपर के मकान में सरफराज, जाकिर व मां मुश्तरी बी 30 सालों से रह रहे हैं। इस दूसरे भाग में उन्होंने निगम से नोटिस दिलवाया और ताबड़तोड़ तुड़वा भी दिया, जबकि इससे लगे असगर अली के मकान को तुड़वाना चाहा, लेकिन वो कोर्ट चले गए, जहां से उन्हें स्टे मिल गया।
पूरा मामला ये है कि दौलतगंज में जहां अंसाफ अंसारी का निवास है उसके सामने 10/3 दौलतगंज में एक मकान है, जिसके दो हिस्से हैं। एक में ग्राउंड फ्लोर पर मोहम्मदभाई गौस वाले व वाजिदभाई पलंग वाला किराएदार हैं और प्रथम तल पर सरफराज, जाकिर और उनकी मां मुश्तरी बी निवासरत हैं।
कलेक्टर शिवम वर्मा को दी गई शिकायत में मुश्तरी बी का कहना है कि 10/3, दौलतगंज स्थित मकान में नीचे दुकान और ऊपर 30 वर्षों से किराएदार हैं। वार्ड क्र. 60 की पार्षद सुनेहरा अंसारी के पति अंसाफ व देवर इम्तियाज उन्हें धमकाते हैं कि ये मकान हमने खरीद लिया है, जबकि मकान मालिक अशफाक अहमद ने मकान बेचने की कोई जानकारी नहीं दी है।
अंसाफ अंसारी और उसके भाई इम्तियाज ने उन्हें कई बार धमकियां दीं और फिर 22 जून 2023 को सुबह निगम का बुलडोजर बुलवाकर मकान तुड़वा दिया। इस दौरान खुद अंसाफ ने हमारा सामान बाहर निकाला और सड़क पर पटक दिया। यही नहीं, उन्होंने धमकाया कि यदि हमारे खिलाफ कोई कार्रवाई की तो तुम्हें जान से मार देंगे।
13 बाय 22 पर रजिस्ट्री करवा ली: सरफराज ने बताया कि 10/3 दौलतगंज स्थित मकान का मूल साइज 36 बाय 10 है। इसमें से 16 बाय 10 पर असगर अली के पास है और शेष की मालिक पार्षद सुनेहरा अंसारी हैं। इसमें करीब 86 स्क्वेयर फीट सरकारी जमीन पर भी उन्होंने कब्जा जमा रखा है। उसने 13 बाय 22 पर रजिस्ट्री करवा ली।
इसकी शिकायत आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो, लोकायुक्त और रजिस्ट्री शून्य कराने की शिकायत रजिस्ट्रार को की है। मकान तोड़ने की कार्रवाई के बाद उन्होंने सप्तम व्यवहार न्यायाधीश के समक्ष दीवानी केस 666/ए/2023 लगाया।
अभी इस केस की सुनवाई चल रही है, लेकिन अंसाफ अंसारी ने पड़ोसी असगर अली मुल्ला के पक्के मकान को जर्जर बताकर तुड़वाने का नोटिस जारी करवा दिया। इसके लिए मकान की पहली मंजिल का प्लास्टर उखड़ा दिखाया। 15 नवम्बर 2025 को मकान ढहाने का नोटिस दिलवाया, जिसके बाद असगर अली हाई कोर्ट चले गए।
हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि निगम की कार्रवाई अनुचित है और उस पर रोक लगाते हुए आदेश दिया कि अधिकारी असगर अली का पक्ष सुनें और कानून सम्मत निर्णय लें। तब तक मकान पर कोई कार्रवाई न की जाए।
अधिकारियों के निरीक्षण के बाद असगर अली के मकान को तोड़ने की कार्रवाई स्थगित हो गई। इस तरह, पार्षद अंसाफ अंसारी को मकान लेने की कोशिशों में मुंह की खानी पड़ी। दूसरी ओर, मकान तुड़वाने के विरोध में सरफराज-जाकिर और मां मुश्तरी बी भी कोर्ट पहुंच चुकी हैं, जिसकी सुनवाई चल रही है।
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