थाने में पिटाई पर हाईकोर्ट सख्त: इस पुलिस थाने पर 10 हजार का जुर्माना; इतने समय में बॉडी वॉर्न कैमरे लगाने के आदेश
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में पुलिस कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लसुड़िया थाने में कथित मारपीट के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने यह राशि याचिकाकर्ता को देने के निर्देश दिए हैं, साथ ही शहर के प्रमुख थानों में बॉडी वॉर्न कैमरे लगाने के आदेश भी जारी किए हैं।
थाने में मारपीट और रिश्वत के आरोप
यह मामला 29 दिसंबर 2025 को लसुड़िया थाने में हुई कथित पिटाई से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि पुलिसकर्मियों ने मारपीट की, वीडियो साक्ष्य को डिलीट किया और बाद में रिश्वत लेकर छोड़ने की कोशिश की। मामले को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की।
सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था पर सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने थानों में सीसीटीवी व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर भी नाराजगी जताई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र मजबूत होना जरूरी है।
9 माह में बॉडी वॉर्न कैमरे लगाने के निर्देश
अदालत ने इंदौर के पांच बड़े थानों में अगले 9 महीनों के भीतर बॉडी वॉर्न कैमरे लगाने के आदेश दिए हैं, ताकि पुलिस कार्रवाई की रिकॉर्डिंग हो सके और जवाबदेही तय की जा सके।
पहले भी विवादों में रहा है थाना
लसूड़िया थाना पहले भी विवादों में रहा है। हाल ही में सोना चोरी के एक मामले में एक एसआई समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। अब मारपीट और रिश्वत के आरोपों के बीच आए इस फैसले ने पुलिस की छवि पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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