रिटायर्ड अफसर को दे रहा खुदकुशी की धमकी: हरकतबाजी पर उतरा गौरव जैन…
KHULASA FIRST
संवाददाता
बीमारी के बीच धमकी से डरे अफसर आए तनाव में, शिकायत करने की तैयारी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लसूड़िया थाने के पुलिसकर्मियों को शिकायत कर निलंबित करवाने वाला गौरव जैन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इसका खुलासा इस बात से होता है कि अब वह अपने खिलाफ ग्वालियर कोर्ट में चेक बाउंस का केस लगाने वाले रिटायर्ड सीएसपी राकेश कुमार गुप्ता को धमकियां दे रहा है।
हालांकि, पिछली बार की तरह उसने उन्हें गालियां नहीं दी, बल्कि खुद जान देने की बात कहते हुए मानसिक प्रताड़ना दी हैं। जैन की बातों से इन दिनों बीमार चल रहे रिटायर्ड सीएसपी घबरा गए हैं। वे आला पुलिस अधिकारियों से इसकी शिकायत करने की तैयारी में हैं।
उल्लेखनीय है कि इंदौर के विजय नगर थाने से रिटायर्ड सीएसपी राकेश कुमार गुप्ता (आरके गुप्ता) का गौरव जैन से लाखों रुपए का लेनदेन है। इसके भुगतान के एवज में जैन ने जो चेक दिए थे। वो बाउंस हो गए थे। इसी का केस उन्होंने ग्वालियर कोर्ट में जैन के खिलाफ लगा रखा है।
कई बार तारीख पर नहीं जाने के चलते ग्वालियर कोर्ट से उसकी गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ था। इसी की तामीली के लिए लसूड़िया थाने के एसआई संजय विश्नोई, हेड कांस्टेबल राकेश शर्मा, प्रणित भदौरिया, रवींद्र कुशवाह, आरक्षक दिनेश गुर्जर और दीपेंद्र मिश्रा उसके महालक्ष्मी नगर स्थित घर गए थे और उसकी गिरफ्तारी ली थी।
कार्रवाई का वीडियो भी बनाया गया था। हालांकि, पूरा घटनाक्रम जैन के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुआ था। बावजूद इसके जैन ने जमानत पर छूटने के बाद फुटेज से छेड़छाड़ करते हुए गंभीर आरोप लगाते हुए सभी पुलिसकर्मियों की शिकायत आला अफसरों से कर दी थी।
नतीजा ये हुआ कि डीसीपी जोन-2 कुमार प्रतीक ने सभी को निलंबित कर दिया। इस पूरे मामले को शहर के सभी प्रमुख अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। हालांकि, इसके बाद मीडिया को जैन के आपराधिक प्रवृत्ति के होने और उस पर कई केस दर्ज होने के साथ उसके द्वारा कई लोगों से करोड़ों रुपए की टोपीबाजी की जानकारी हाथ लगी।
साथ ही जैन जिस फ्लैट में रह रहा है, उससे जुड़ी कुछ ऐसी बातें सामने आईं, जो कि वह नहीं चाहता था कि वह जगजाहिर हो। हालांकि अखबारों ने भी गंभीरता और जिम्मेदारी दिखाते हुए महिला सबंधी मामला होने के चलते पूरी तरह से खबर को प्रकाशित नहीं किया।
बावजूद इसके जैन ने पूरी मामले का ठीकरा रिटायर्ड सीएसपी गुप्ता पर फोड़ दिया। कल सुबह उसने गुप्ता को फोन किया और खुदकुशी की धमकी देने लगा। खास बात यह कि दोनों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग खुलासा फर्स्ट के हाथ लगी है। पेश है दोनों के बीच हुई बातचीत के अंश…।
आरके गुप्ता : कौन बोल रहा है भिया।
गौरव जैन : मैं गौरव जैन बोल रहा था साहब।
आरके गुप्ता : गौरव फोन क्यों लगा रहे थे मुझे, क्या बात है?
गौरव जैन : मैं इसलिए फोन कर रहा हूं।
आरके गुप्ता : बताओ क्या बात है।
गौरव जैन : जो बात है वो आपको पता है। आपको इतनी सी अकल नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के हिसाब से किसी लड़की का नाम रिविल नहीं किया जा सकता।
आरके गुप्ता : अरे मैंने क्या किया है। मेरी तो कोई बात ही नहीं हुई। मैं तो बाहर हूं। मैं तो बीमार हूं। मेरी क्या किसी से कोई बात थोड़ी ना ही हुई।
गौरव जैन : अरे आप बीमार हो तो पुलिस कहां से बोल रही है सर।
आरके गुप्ता : मेरी बात सुनो।
गौरव जैन : बताओ-बताओ।
आरके गुप्ता : तुम क्या चाहते हो मुझसे। लड़ना चाहते हो।
गौरव जैन : मेरी बात सुनो... आपने मेरे जीवन की (गाली देते हुए) करके रख दी है। कोई बात नहीं (किसी राणा का नाम लेते हुए) उन सबको छोड़ो। मैं कुछ भी नहीं बोल रहा हूं।
आरके गुप्ता : अरे तू ये बता कि इसमें मेरा क्या है भाई, तुम जानो। तुमने पुलिस वाले सस्पेंड कराए, क्यों कराए, मुझे कोई मतलब नहीं है।
गौरव जैन :अरे आप ये जानकारियां जो... आपकी गाइड लाइन के हिसाब से...।
आरके गुप्ता : अरे मैं किसको दे रहा हूं गाइड लाइन।
गौरव जैन : अरे ये पुलिस वाले बोल रहे हैं। अखबार वाले बोल रहे हैं कि आप दे रहे हो।
आरके गुप्ता : अरे अखबार वाले कुछ भी छाप दे। मेरे कहने से अखबार चलता है क्या?
गौरव जैन :अरे आप जानकारी दे रहे हैं। इसके ऊपर ये केस है।
आरके गुप्ता : अरे मैं क्यों दूंगा। अरे एक बात बता बेटा, मैं क्यों दूंगा किसी को जानकारी।
गौरव जैन :सर मैं मर जाऊंगा। आप समझ जाओ प्लीज।
आरके गुप्ता : अरे तू मेरे को धमकी मत दे कि मैं मर जाऊंगा।
गौरव जैन :सर मैं मर जाऊंगा।
आरके गुप्ता : अरे भाई मेरे तू कुछ भी कर, मुझे धमकी मत दे। मेरा निवेदन है कि तू मेरे को फोन मत लगा। मैंने तेरे को ब्लॉक पर डाल रखा है।
गौरव जैन :अनब्लॉक पर डाला।
आरके गुप्ता : तू मेरे को जो है ना, पुलिस को… (फोन कट जाता है।)
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!