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आधी आबादी, पूरा हक: मोदी का नारी वंदन; विपक्ष की चिंता परिसीमन

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 अप्रैल 2026, 1:12 pm
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आधी आबादी, पूरा हक

महिला आरक्षण, लोकसभा-विधानसभा परिसीमन पर आज से संसद का विशेष सत्र

मोदी सरकार 2029 से महिला आरक्षण लागू करने के लिए हुई प्रतिबद्ध, विपक्ष में संशय

इंडिया गठबंधन सरकार की हड़बड़ी पर उठा रहा सवाल, विपक्ष 2026 की जनगणना पर अड़ा

3 दिन के संसद के विशेष सत्र में 3 अहम बिल आएंगे, महिला आरक्षण के साथ परिसीमन बिल महत्वपूर्ण

विपक्ष की दो टूक महिला आरक्षण का विरोध नहीं, परिसीमन जल्दबाजी में नहीं होने देंगे

मोदी के कहे मुताबिक आरती-पूजा कर विशेष सत्र के लिए विदा किए गए इंदौर के सांसद लालवानी

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
वैशाख कृष्ण पक्ष, गुरुवार की भोर हिंदुस्तान की आधी आबादी यानी मातृशक्ति के लिए एक नई सुबह लेकर आई है। ये सुप्रभात देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी लोकसभा-राज्यसभा में महिलाओं की भगीदारी को सम्मानजनक स्थान दिलाएगी।

ये सम्मान राज्यों की विधानसभा से होते हुए नगरीय निकायों व पंचायतों तक पहुंचेगा। केंद्र की मोदी सरकार इस भागीरथी काम के प्रति प्रतिबद्ध हो गई है। इसे लेकर संसद का तीन दिन का विशेष सत्र भी आज से शुरू हो रहा है।

इसके जरिए सरकार महिला आरक्षण को कानून के पन्नों से उतारकर जमीन पर लेकर आ रही है, अगर सरकार इसमें सफल होती है तो सत्ता में आधी आबादी को पूरा हक मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

स रकार ने विपक्ष से आस भी लगाई है और गुहार भी कि वह इस नारी शक्ति के अभिनंदन, वंदन के मामले में सर्वसम्मति प्रकट करे। विपक्ष ने भी साफ कर दिया है कि वह महिला आरक्षण का विरोध तो नहीं करेगा, लेकिन इसे लागू करने की सरकार की नीयत व टाइमिंग पर दो-दो हाथ सदन में करेगा।

संसद के इस 3 दिन के विशेष सत्र में सरकार 3 विशेष बिल ला रही है। इन बिलों को लेकर सरकार व विपक्ष में टकराव तय माना जा रहा है। सबसे ज्यादा विरोध परिसीमन बिल को लेकर सामने आ रहा है। इस बिल के जरिए सरकार लोकसभा व विधानसभा क्षेत्र का भूगोल पूरी तरह बदल जाएगा। लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 850 तक हो जाएंगी। इसी अनुपात में राज्यों की विधानसभाओं की सीटें भी बढ़ जाएंगी।

संसद व विधानसभाओं में 33 फीसदी महिला आरक्षण 2029 से लागू करने के लिए सरकार गुरुवार को लोकसभा में तीन अहम बिल पेश करेगी। खबर लिखे जाने तक संसद का विशेष सत्र शुरू हो गया था। इस सत्र सरकार जो बिल पेश कर रही है उनमें संविधान में 131वां संशोधन बिल, परिसीमन बिल 2026 व दिल्ली जम्मू-कश्मीर से पुडुचेरी में इसे लागू करने के लिए बिल शामिल हैं।

लोकसभा में इन पर 16, 17 अप्रैल को 18 घंटे चर्चा होगी। 18 अप्रैल को राज्यसभा में 10 घंटे चर्चा की जाएगी। महिला आरक्षण पर सरकार व विपक्ष सभी एकमत हैं, लेकिन परिसीमन व इसकी टाइमिंग पर घमासान की आशंका है।

संविधान संशोधन बिल के जरिये लोकसभा सीटें अधिकतम 850 तक बढ़ाने और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ किया जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुआई में बुधवार को विपक्षी दलों की बैठक हुई। इसमें इस मुद्दे पर रणनीति बनी। राहुल गांधी ने कहा जाति जनगणना के बिना ये संशोधन एससी, एसटी, ओबीसी के हक के हिस्सा की चोरी होगी।

भाजपा 2029 के लोकसभा चुनाव में फायदे के लिए सीटों के बंटवारे में अपने हिसाब से बदलाव चाहती है। हम 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने की मंजूरी नही देंगे। परिसीमन से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों कमजोर किए जा रहे हैं। इससे ताकत आयोग के हाथ में होगी, जिसकी नियुक्ति सरकार करेगी। उधर, सरकार ने आश्वस्त किया है कि परिसीमन से किसी राज्य की सीटें नहीं घटेंगी।

देश की सत्ता अब मातृ सत्ता से जुड़ेगी: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का नया दौर शुरू हो रहा है। 16 अप्रैल की तारीख इस दिशा में एक ऐतिहासिक दिन साबित होगा। सीएम ने कहा विधानसभा व लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू होने से लोकतंत्र अधिक समावेशी, सशक्त व संवेदनशील बनेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सीएम ने पीएम मोदी के इस कदम को देश को मातृ सत्ता से जोड़ने वाला बताया।

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