25 करोड़ का 'ग्रीन' दांव: क्या केकेआर ने अनफिट घोड़े पर लगा दी अपनी दौलत; कैमरन ग्रीन की पीठ ने बिगाड़ा कोलकाता का खेल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, हेमंत उपाध्याय।
आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग के समंदर में जब 25.20 करोड़ रुपये की लहर उठती है, तो उम्मीदें हिमालय जितनी ऊंची हो जाती हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने जब ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन पर दांव लगाया, तो प्रशंसकों ने उनमें 'आंद्रे रसेल' की परछाई देखी थी, लेकिन आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहले ही मैच में जब ग्रीन की गेंद खामोश रही और बल्ला महज 18 रनों पर थम गया, तो कोलकाता के क्रिकेट गलियारों में सन्नाटा पसर गया।
अजिंक्य रहाणे का तीखा बयान- "क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से पूछिए"
हार के बाद ग्रीन पर सवाल पर कप्तान अजिंक्य रहाणे का तीखा बयान- "क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से पूछिए" ने इस सुनहरे निवेश के पीछे छिपे 'फिटनेस' के कड़वे सच को उजागर कर दिया है। मुंबई के वानखेड़े क्रिकेट स्टेडियम में केकेआर को मुंबई इंडियंस के खिलाफ 6 विकेट से करारी और कभी न भूलने वाली हार का सामना करना पड़ा।
कभी-कभी 'हीरा' समझकर खरीदा गया खिलाड़ी 'कांच' का टुकड़ा
इस खेल की तासीर जानने वालों का कहना है कि आईपीएल के बाजार में जब बोली लगती है, तो कभी-कभी 'हीरा' समझकर खरीदा गया खिलाड़ी 'कांच' का टुकड़ा निकल जाता है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने कैमरन ग्रीन पर 25.20 करोड़ रुपये क्या लुटाए, मानों टीम ने अपनी आधी किस्मत ही दांव पर लगा दी। वानखेड़े की बाउंड्री पर जब ग्रीन केवल फील्डिंग करते दिखे, तो हर किसी के मन में एक ही सवाल था- "क्या 25 करोड़ सिर्फ एक फील्डर के लिए दिए गए हैं?"
रहाणे की खीझ और 'हाफ-फिट' खिलाड़ी का सच
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान अजिंक्य रहाणे का पारा चढ़ा हुआ था। जब ग्रीन की गेंदबाजी पर सवाल हुआ, तो उन्होंने गेंद सीधे 'क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया' के पाले में डाल दी। रहाणे का यह रूखा अंदाज बता रहा है कि टीम का बैलेंस बुरी तरह बिगड़ चुका है। असल में, ग्रीन अपनी पुरानी 'बैक इंजरी' (पीठ की चोट) को ढो रहे हैं। अब अगले 10-12 दिन तक वह सिर्फ बल्ला घुमा पाएंगे, गेंद नहीं।
12 महीने तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में गेंदबाजी नहीं
उल्लेखनीय है कि ग्रीन ने सितंबर 2024 से अक्तूबर 2025 तक 12 महीने तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में गेंदबाजी नहीं की है। इसकी वजह उनकी पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर की सर्जरी है। ग्रीन ने जो पिछले आठ मुकाबले खेले हैं, उसमें उन्होंने केवल 7.1 ओवर ही गेंदबाजी की है। आईपीएल में उतरने से पहले ग्रीन वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की ओर से शेफील्ड शील्ड में खेले थे, लेकिन वहाँ भी उन्होंने गेंदबाजी नहीं की। हालांकि रहाणे ने यह भी जोड़ा- दुर्भाग्य से ग्रीन अभी गेंदबाजी नहीं कर सकते, लेकिन वे जब वह गेंदबाजी शुरू करेंगे, तो संयोजन अलग होगा। अभी हमारे लिए छठा गेंदबाज होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि हम अपने स्पिनरों पर अधिक दबाव नहीं डालना चाहते।
नीलामी की मेज पर बड़ी चूक?
सबसे बड़ा खुलासा तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने किया। उसका दावा है कि नीलामी से पहले ही केकेआर को बता दिया गया था कि ग्रीन कब गेंदबाजी करेंगे और कब नहीं। अगर यह सच है, तो सवाल टीम मैनेजमेंट की नीयत पर है। क्या रसेल के संन्यास के बाद पैदा हुए खालीपन को भरने की इतनी जल्दी थी कि एक 'अनफिट' खिलाड़ी पर खजाना लुटा दिया गया? फिलहाल, हर्षित राणा और आकाशदीप जैसे गेंदबाजों की गैरमौजूदगी ने केकेआर की हालत 'बिना पतवार की नाव' जैसी कर दी है।
कद बड़ा, पर क्या इरादे भी?
6 फीट 6 इंच के कैमरन ग्रीन को दुनिया 'जनरेशनल टैलेंट' कहती है। उनकी लंबाई उन्हें वह उछाल देती है जो अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों के हेलमेट की ग्रिल चटका दे। रिकी पोंटिंग जैसे दिग्गज उनकी तुलना महान ऑलराउंडरों से करते नहीं थकते। लेकिन मैदान पर लंबाई नहीं, 'लचीलापन' काम आता है। 145 किमी की रफ्तार वाला यह गेंदबाज फिलहाल अपनी पीठ सहला रहा है, जो टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता है।
सहायक कोच शेन वॉटसन अब भी ग्रीन के बचाव में
सहायक कोच शेन वॉटसन हालांकि अब भी ग्रीन के बचाव में खड़े हैं। उनका कहना है कि ग्रीन पर 'प्राइस टैग' का कोई दबाव नहीं है। वह नेट्स पर आग उगलती गेंदों का सामना कर रहे हैं, लेकिन नेट्स की प्रैक्टिस और मैच के दबाव में जमीन-आसमान का फर्क होता है। वॉटसन भले ही उन्हें 'स्वतंत्र' खिलाड़ी कहें, पर 25 करोड़ की कीमत अपने साथ जवाबदेही का पहाड़ लेकर आती है।
साख दांव पर
कोलकाता के लिए अगले दो हफ्ते किसी 'दुःस्वप्न' से कम नहीं हैं। टीम का पूरा गणित इस बात पर टिका है कि ग्रीन कब अपनी पूरी क्षमता के साथ मैदान में लौटते हैं। अगर वह जल्दी फिट नहीं हुए, तो यह आईपीएल इतिहास का सबसे महंगा और फ्लॉप सौदा साबित हो सकता है।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!