ड्रग्स का हुआ गोवा: सावधान! संभालें अपने बच्चों को; पार्टियों पर नजर रखें
KHULASA FIRST
संवाददाता

सख़्त व नियमित कार्रवाई के बाद भी इंदौर में ड्रग्स का ख़तरा बरकरार
इंदौरी युवा की मौत ने एक बार फिर खड़े किए गोवा टूरिज्म पर सवाल
ड्रग्स का शौक, युवाओं को ले जा रहा गोवा, बेरोकटोक माहौल से मौत का मातम
धनाढ्य वर्ग के युवाओं की गोवा में बैचलर पार्टियों का बना चलन
इंदौर में सख्ती के बाद युवा पकड़ रहे गोवा की राह, ड्रग्स के ओवरडोज से जा रही जान
टूरिज्म इंडस्ट्री पर असर से बचने के लिए गोवा मंजूर नहीं करता ड्रग्स से मौत
ऐसा कोई दिन नहीं, जब गोवा में ड्रग्स के ओवरडोज से दम नहीं तोड़ते युवा
ड्रग्स से होने वाली मौत को साइलेंट अटैक के नाम से छिपाने की कोशिशें, पालक हों सावधान
इंदौर में ड्रग्स के कारोबार, उपयोग, वितरण पर सख्ती के बावजूद बाज नहीं आ रहे पैडलर्स
बदनामी के डर से सरकार नहीं स्वीकारती ड्रग्स से हुई मौत
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गोवा सरकार युवाओं की इन मौतों को राज्य की बदनामी के डर के चलते ड्रग्स से नहीं जोड़ती। टूरिज्म इंडस्ट्री ही इस छोटे राज्य की आय का मुख्य आधार है। ऐसे में सरकार ड्रग्स व उसके चलन पर कार्रवाई तो करती है, लेकिन इससे होने वाली मौत को सीधे स्वीकार नहीं करती।
ड्रग्स के नशे की बुराई के खिलाफ लड़ रहे गोवा के ही एनजीओ से जुड़े लोगों का कहना है कि ड्रग्स का ओवरडोज आए दिन युवाओं को मौत के मुहाने पर ले आता है, लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद भी इसे स्वीकारा नहीं जाता। अधिकांश मामले साइलेंट अटैक से जोड़ दिए जाते हैं और ड्रग्स से निरंतर हो रही मौत व उसकी असल वजह भी साइलेंट मोड पर चली जाती है।
ड्रग्स के ओवरडोज से मौत गोवा में कोई नई बात नहीं
इंदौरी युवा की मौत जिन परिस्थितियों में हुई, यह गोवा के लिए कोई नई व अनूठी बात नहीं। वहां के बाशिंदों के मुताबिक ऐसी मौत यहां आए दिन होती है। गोवा आने वाले युवा बेरोकटोक माहौल में हदें पार कर जाते हैं। ड्रग्स की सहज उपलब्धता इस माहौल में एक तरह से मातम का काम कर रही है।
युवा ड्रग्स का शराब के साथ कॉकटेल बना रहे हैं। ज्यादा नशे के लिए इस कॉकटेल में ड्रग्स की अधिकता भी युवा देह सहन नहीं कर पाती और अच्छी खासी हंसती-खेलती जिंदगियां काल के गाल में समा रही हैं।
बाहर से आने वाले युवाओं की जिंदगी से गोवा का ड्रग्स माफिया खेलता है और ज्यादातर ड्रग्स मिलावटी बिकने की जानकारी सामने आती है। इंदौरी युवा की मौत में भी मिलावटी ड्रग्स की बात जांच में सामने आई है।
इंदौर में कल ही ओसामा पकड़ाया है। इस ओसामा ने शहर के पांच अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में ड्रग्स का धंधा, पैडलर्स का नेटवर्क बना रखा था। एक ड्रग्स बेचने वाले को पुलिस प्रतापगढ़ से टांगाटोली कर इंदौर ले आई। ड्रग्स के खिलाफ इंदौर में निरंतर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
इसी सख्ती का असर है कि ड्रग्स का सेवन करने वाले मुफीद ठिकाना तलाशते हैं। ऐसा स्थान, जहां ड्रग्स बेरोकटोक मिल जाए और उसका सेवन भी बेखौफ कर सकें। शायद इसी कारण आजकल इंदौर से गोवा जाने का चलन बढ़ गया है। यहां तक कि शादी पूर्व की बैचलर पार्टियां भी अब गोवा में हो रही हैं।
पेरेंट्स पूछते तक नहीं बच्चों से कि गोवा ही क्यों? वे तो पार्टियों पर भी नजर नहीं रखते। ड्रग्स नशे की ये महंगी बुराई धनाढ्य व नवधनाढ्य वर्ग में ज्यादा घर कर रही है, लेकिन घर वाले हैं कि सावधान होते ही नहीं। पेरेंट्स की इस नजरअंदाजी की कीमत भी माता-पिता के साथ पूरा कुल-कुटुंब उठाता है, जब सिर्फ जीवनभर खून के आंसू बहाने के कुछ बचता नहीं।
जवान बच्चों व बच्चियों की मौत वक्त से पहले मां-बाप को बूढ़ा कर देती हैं। इस सच्चाई के बाद भी ड्रग्स की बुराई के प्रति परिजन की अनदेखी हैरतभरी है। सब कुछ क्या पुलिस ही करेगी या पालक भी जागरूक होंगे? इंदौर के एक और युवा की गोवा से आई डेड बॉडी के बाद अब तो सावधान हो जाएं हम सब..!
दूर-दूर तक फैला नीला साफ समंदर, मीलों लंबा समुद्री तट, तेज हवा के साथ लहरें, समुद्र किनारे बनी हट्स, लहरों की मस्ती पर झूमते युवा और संगीत की स्वरलहरियों की गूंज। गोवा का ये दृश्य देश के इस समुद्र तटीय राज्य की तरफ युवाओं को लुभाता है।
लंबे समय तक पुर्तगाल के अधीन रहने से यहां की संस्कृति का खुलापन भी युवाओं को गोवा खींच लाता है। लेकिन अब गोवा का सत्य खूबसूरत समुद्री तट व कुदरत की सुंदरता की जगह नशे की कुरूपता से जुड़ता जा रहा है। शराब-शबाब-कबाब का चलन तो यहां अरसे से रहा, लेकिन अब इस छोटे-से राज्य में ड्रग्स के नशे ने भी अपनी जड़ें जमा ली हैं।
ये नशा ही आजकल उन युवाओं को गोवा की धरती पर ले जा रहा है, जो ड्रग्स के आदी होते जा रहे हैं। गोवा के बेरोकटोक माहौल में ड्रग्स के ओवरडोज के चलते युवा दम तोड़ रहे हैं। ड्रग्स से हुई मौत साइलेंट अटैक से जोड़ दी जा रही है। ड्रग्स की समस्या अपनी जगह यथावत है।
गोवा सरकार ड्रग्स के ओवरडोज से होने वाली मौत को सीधे-सीधे नहीं स्वीकारती। मसला सरकार की टूरिज्म इंडस्ट्री से जो जुड़ा होता है। सावधान तो हमें होना होगा। खासकर उन पेरेंट्स को, जिनके बच्चे आए दिन पार्टियों में शिरकत करते हैं। अन्यथा सिवाय खून के आंसू रोने के कुछ शेष बचता नहीं। वह भी जिंदगीभर।
गोवा की धरती से इंदौर की धरा पर आई एक 21 साल के नौजवान की पार्थिव देह ने एक बार फिर अहिल्या नगरी को झकझोर दिया है। यह युवा अपने कुछ मित्रों के संग गोवा घूमने गया था। दोस्तों के साथ पार्टी एंजॉय करते हुए धड़ाम से ऐसा गिरा कि फिर उठ नहीं पाया, सीधे इस दुनिया से ही उठ गया।
दोस्त अस्पताल-अस्पताल लेकर भागे, लेकिन महज 21 साल के इस नौनिहाल ने आंखें नहीं खोलीं। परिजन को बताया गया कि यह खामोश हार्टअटैक का मसला है, लेकिन जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौत ड्रग्स के ओवरडोज व शराब के साथ कॉकटेल से हुई। ड्रग्स भी मिलावटी। अब सोचिए, उस परिवार पर हुए वज्रपात के विषय में, जिसका बेटा पार्टी मनाने, घूमने गोवा गया था।
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