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गौरव और उसकी पत्नी विजेता हैं ब्लैकमेलर: अब जांच के घेरे में जैन दंपति

KHULASA FIRST

संवाददाता

24 अप्रैल 2026, 3:16 pm
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गौरव और उसकी पत्नी विजेता हैं ब्लैकमेलर

22.50 तोला सोना लूट मामला, सस्पेंड पुलिसकर्मियों और पूर्व सीएसपी को नोटिस जारी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में 22.50 तोला सोना लूट प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में निलंबित पांच पुलिसकर्मियों के साथ अब सेवानिवृत्त सीएसपी राकेश गुप्ता भी जांच के दायरे में आ गए हैं। विजय नगर एसीपी पराग सैनी ने राकेश गुप्ता को नोटिस जारी कर बयान के लिए तलब किया है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है और हर पहलू को खंगाला जा रहा है।

प्रकरण की शुरुआत हरिदर्शन अपार्टमेंट निवासी गौरव जैन और उनकी पत्नी विजेता जैन की शिकायत से हुई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि लसूड़िया थाने में पदस्थ तत्कालीन एसआई संजय विश्नोई सहित सिपाही प्रणीत भदौरिया, दिनेश गुर्जर, रवींद्र कुशवाह और दीपेंद्र मिश्रा ने सोने से जुड़े मामले में गंभीर अनियमितता की हैं।

प्रारंभिक जांच के आधार पर जोन-2 के डीसीपी कुमार प्रतीक ने सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो लसूड़िया थाने के प्रधान आरक्षक राकेश शर्मा का नाम भी सामने आया। बताया जा रहा है कि राकेश शर्मा ने ही गौरव जैन को गिरफ्तार कर ग्वालियर कोर्ट में पेश किया था।

इसी दौरान आरोप है कि वकील और अन्य कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर गौरव जैन से करीब 27 हजार रुपए वसूले गए। इसमें से लगभग 10 हजार रुपये थाने के सामने स्थित एक दुकानदार के ई-वॉलेट में ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।

जांच अधिकारी के अनुसार, अब इस पूरे मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ने के लिए सेवानिवृत्त सीएसपी राकेश गुप्ता से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। बताया गया है कि गुप्ता ने ग्वालियर कोर्ट से वारंट जारी कराने की प्रक्रिया में भूमिका निभाई थी, जिसके दस्तावेज आयुक्त कार्यालय में भी भेजे गए थे। पुलिस अब यह समझने का प्रयास कर रही है कि वारंट जारी कराने और केस की प्रक्रिया में उनकी भूमिका कितनी और किस स्तर तक रही।

आपराधिक रिकार्ड भी खंगाला जा रहा
विजय नगर एसीपी पराग सैनी ने पुष्टि की है कि राकेश गुप्ता को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, इस मामले में शिकायतकर्ता गौरव जैन और उनकी पत्नी विजेता जैन भी अब जांच के केंद्र में आ गए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गौरव जैन का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गौरव जैन ने सेवानिवृत्त सीएसपी गुप्ता को फोन कर बातचीत की, जिसमें कथित रूप से आत्महत्या की धमकी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है।

दोनों के बयानों पर नजर
राकेश गुप्ता ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि गौरव जैन की कार्यप्रणाली संदिग्ध रही है और वह कई लोगों पर झूठी शिकायतें कर दबाव बनाने तथा ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि गौरव जैन पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं और उसकी शिकायतों से कई लोग मानसिक रूप से परेशान हुए हैं।

इसके अलावा यह भी आरोप सामने आए हैं कि गौरव जैन ने महिला जज के पति तक को प्रताड़ित किया था, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच में की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

इस पूरे प्रकरण में अब तक पांच पुलिसकर्मियों के निलंबन के साथ-साथ एक प्रधान आरक्षक और सेवानिवृत्त सीएसपी के नाम जुड़ने से मामला और अधिक जटिल हो गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

एसीपी पराग सैनी ने बताया कि सभी डिजिटल लेन-देन, कॉल डिटेल्स और कोर्ट रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे प्रकरण का खुलासा हो। वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी खुलासे हो सकते हैं तथा कुछ और नाम भी सामने आ सकते हैं।

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