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अक्षय तृतीया से पहले गैस सिलेंडर का संकट: टंकियों के लिए भटक रहे लोग; सप्लाई बुरी तरह प्रभावित, लंबा इंतजार बढ़ा रहा दिक्कत

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 अप्रैल 2026, 2:55 pm
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अक्षय तृतीया से पहले गैस सिलेंडर का संकट

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में अक्षय तृतीया के मौके पर होने वाली शादियों के चलते इस बार गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत सामने आ रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे, जिससे शादी वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है।

10–15 दिन की देरी, सप्लाई प्रभावित
शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद 10 से 15 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडरों का भी टोटा बना हुआ है, जिससे होटल, कैटरिंग और शादी आयोजनों पर सीधा असर पड़ रहा है।

शादियों में बढ़ी मांग, एजेंसियां असमर्थ
अक्षय तृतीया पर बड़ी संख्या में विवाह होने के कारण गैस सिलेंडरों की मांग अचानक बढ़ गई है। अनुमान है कि हजारों शादियां और सामूहिक विवाह समारोह आयोजित होंगे। एक सामान्य परिवार को 5 से 10 सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। शादी समारोह में यह संख्या दोगुनी हो जाती है। इतनी अधिक मांग के सामने गैस एजेंसियां पर्याप्त सप्लाई नहीं कर पा रही हैं, जिससे संकट और गहरा गया है।

सिफारिशों के सहारे गैस टंकियां
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई लोग गैस सिलेंडर पाने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहारा ले रहे हैं। कुछ लोग विधायकों से सिफारिश करवा रहे हैं तो कुछ स्थानीय नेताओं के जरिए एजेंसियों पर दबाव बनवा रहे हैं। इससे आम उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर मिलना और मुश्किल हो गया है।

डीजल और लकड़ी की भट्टियों की तैयारी
गैस की कमी को देखते हुए कई परिवार और सामाजिक संगठन वैकल्पिक व्यवस्थाओं की ओर बढ़ रहे हैं। डीजल स्टोव का इस्तेमाल बढ़ रहा है। लकड़ी की भट्टियों पर खाना बनाने की तैयारी की जा रही है। सामूहिक विवाह आयोजनों में भी गैस की जगह पारंपरिक तरीकों से भोजन बनाने की योजना बनाई जा रही है।

जनप्रतिनिधि भी दबाव में
लगातार आ रही सिफारिशों और मांग के कारण जनप्रतिनिधि भी असहज स्थिति में हैं। उन्हें बार-बार लोगों की मदद के लिए कहा जा रहा है, जबकि सप्लाई सीमित होने के कारण हर किसी की मांग पूरी कर पाना संभव नहीं है।

बढ़ सकती है परेशानी
यदि जल्द ही गैस सप्लाई में सुधार नहीं हुआ, तो अक्षय तृतीया के विवाह समारोहों में भोजन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इससे न केवल आयोजनकर्ताओं बल्कि मेहमानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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