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इस दिन से और सताएगी गर्मी: लू भी करेगी परेशान; पहले सप्ताह में आंधी के साथ बारिश की आशंका, जानिये अगले चार दिनों का हाल

KHULASA FIRST

संवाददाता

01 अप्रैल 2026, 11:22 am
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इस दिन से और सताएगी गर्मी

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश में अप्रैल का महीना मौसम के तेज बदलावों के साथ शुरू हो रहा है। महीने की शुरुआत जहां आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से होगी, वहीं 15 अप्रैल के बाद प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में आ जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार 1 से 4 अप्रैल तक प्रदेश के आधे हिस्से में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

कई जिलों में मौसम बदलने की संभावना
इस दौरान ग्वालियर, भिंड, दतिया, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार और खरगोन समेत कई जिलों में मौसम बदलने की संभावना है। पिछले दो दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश और ओले गिर चुके हैं, जिससे मौसम पूरी तरह अस्थिर बना हुआ है।

गर्मी का असर भी लगातार बढ़ रहा
हालांकि इस बदलाव के बीच गर्मी का असर भी लगातार बढ़ रहा है। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि खजुराहो, दमोह, रतलाम और नौगांव जैसे शहरों में पारा 39 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। भोपाल और जबलपुर में तापमान करीब 37 डिग्री, जबकि इंदौर और ग्वालियर में 36 डिग्री से अधिक रहा। यह संकेत है कि आने वाले दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ने वाली है।

साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय हैं, वहीं 2 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी असर दिखाएगा, जिसके कारण 4 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद जैसे ही ये सिस्टम कमजोर होंगे, तापमान में तेजी से बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी। दूसरे सप्ताह से ही गर्मी अपने तेवर दिखाने लगेगी और 15 अप्रैल के बाद लू चलने की पूरी संभावना है।

और गंभीर हो सकती है हालत
महीने के अंतिम दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जब ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के साथ धार, खरगोन, बड़वानी, खजुराहो और नौगांव जैसे इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

भीषण गर्मी का असर देखने को मिलेगा
दतिया, मुरैना और श्योपुर जैसे जिलों में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार जब तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक हो जाता है तो हीट वेव की स्थिति मानी जाती है, और 6.5 डिग्री से अधिक बढ़ने पर इसे सीवियर हीट वेव कहा जाता है। मध्य प्रदेश के ज्यादातर मैदानी इलाकों में 40 डिग्री के पार जाते ही लू का असर शुरू हो जाता है।

फरवरी और मार्च में भी मौसम ने कई बार करवट ली
इस साल फरवरी और मार्च में भी मौसम ने कई बार करवट ली है। फरवरी में चार बार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा। मार्च में भी चार चरणों में मौसम बदला, जिसमें 45 से ज्यादा जिलों में बारिश और 17 जिलों में ओले गिरे। इसका असर गेहूं, पपीता और केले जैसी फसलों पर पड़ा। अब अप्रैल में भी शुरुआती राहत के बाद तेज गर्मी का लंबा दौर देखने को मिल सकता है।

दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ता है
पिछले वर्षों के आंकड़े भी यही संकेत देते हैं कि अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ता है। भोपाल और इंदौर में तापमान 43 डिग्री तक, जबलपुर में 44 डिग्री तक और ग्वालियर में 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को 44.4 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया था। वहीं, इस महीने में आंधी और बारिश का ट्रेंड भी बना रहता है, जिससे मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलता है।

कुल मिलाकर, अप्रैल का पहला हफ्ता जहां राहत भरा रहेगा, वहीं महीने का दूसरा हिस्सा तेज गर्मी और लू के कारण चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की जरूरत है।

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