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शेयर मार्केट में दोगुना मुनाफे का झांसा देकर 4.80 लाख की ठगी

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 अप्रैल 2026, 3:28 pm
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शेयर मार्केट में दोगुना मुनाफे का झांसा देकर 4.80 लाख की ठगी

अनदेखी: कॉल सेंटर जैसी कंपनी बना रखी थी ठगोरों ने, 23 सीपीयू, लैपटॉप, मोबाइल और सिम जब्त, पीड़ित से टर्मिनल खरीदने के नाम पर वसूले थे लाखों रुपए, कंपनी मालिक सहित 5 पर केस

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपए ठगने वाली कंपनी पर तुकोगंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इंफीनिक्स इन्फोटेक पर छापा मारकर मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। मामले में पुलिस ने कंपनी के मालिक सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

टीआई जितेंद्र सिंह यादव के मुताबिक देपालपुर निवासी 34 वर्षीय नीतिश भगत ने पुलिस को शिकायत में बताया कि नवंबर 2024 में उसे एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को इंफीनिक्स इन्फोटेक कंपनी का एमडी बताते हुए शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया।

शुरुआत में कंपनी की मैनेजर बताने वाली महिला ने डेमो दिखाया और टर्मिनल फीस के नाम पर 5900 रुपए जमा करवाए। इसके बाद अलग-अलग कर्मचारियों ने संपर्क कर निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

पीड़ित को पहले छोटे लाभ दिखाकर विश्वास में लिया गया। बाद में टर्मिनल खरीदने के नाम पर 1.80 लाख रुपए जमा करवाए गए और एंजल वन अकाउंट में 1 लाख रुपए डलवाए गए। अगले ही दिन खाते में 1.50 लाख रुपए दिखाकर लालच बढ़ाया गया, लेकिन जब रकम निकालने की कोशिश की तो पूरा पैसा गायब हो गया।

पीड़ित के अनुसार कंपनी ने अलग-अलग तरीकों से उससे कुल 4.80 लाख रुपए की ठगी की। शिकायत प्राप्त होने के बाद पुलिस ने बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स के सामने संचालित इंफीनिक्स इन्फोटेक के कार्यालय पर छापा मारकर तीन लोग संदीप, अनुराग और अनिमेष को गिरफ्तार कर मौके से 23 सीपीयू, 14 लैपटॉप, 4 डीवीआर , 2 मॉनीटर, 2 की-बोर्ड, 3 माउस, 1 वॉकी-टॉकी, 66 मोबाइल फोन, 28 सिम कार्ड, चेकबुक, चार्जर, फाइलें व अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कंपनी कॉल सेंटर की तरह काम कर लोगों को शेयर मार्केट में निवेश करने के नाम पर फंसाती थी। पुलिस ने कंपनी के संचालक मनीष पांडे और कर्मचारियों अनिमेष चौहान, संदीप त्यागी, अनुराग सांडलानी और नेहा जैन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले में मनीष पांडे और नेहा जैन की तलाश की जा रही है।

कॉल सेंटर की तरह चलता था ठगी का नेटवर्क
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ऑफिस में कॉल सेंटर सेटअप के जरिए लोगों को फोन कर निवेश के लिए प्रेरित करते थे। स्क्रिप्ट के आधार पर बातचीत कर लोगों को विश्वास में लिया जाता था और फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम जमा करवाई जाती थी।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आंध्रप्रदेश निवासी एक अन्य व्यक्ति से भी 4.26 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। पुलिस अब जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

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