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200 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 22 लाख रुपए की ठगी: फर्जी फर्म का डायरेक्टर गिरफ्तार

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 अप्रैल 2026, 5:24 pm
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200 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 22 लाख रुपए की ठगी

18 बैंक खातों से करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शेयर बाजार में 200 प्रतिशत मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब 22 लाख रुपए की ठगी करने वाले फर्जी फर्म के डायरेक्टर को राज्य साइबर सेल जोन इंदौर ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बड़े भाई के साथ फर्जी कंपनी बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई थी। पुलिस को जांच में 18 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें करोड़ों रुपए के लेनदेन होने की आशंका है।

पुलिस के अनुसार फरियादी साउथ तुकोगंज स्थित एक निजी कंपनी में एचआर मैनेजर है। उसकी लिंक्डइन प्रोफाइल देखकर आरोपियों ने खुद को एशियन मार्केट सिक्योरिटिज कंपनी से जुड़ा बताते हुए संपर्क किया। इसके बाद मोबाइल पर लिंक भेजकर एक एप डाउनलोड कराई और शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 200 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया गया।

आरोपियों ने वाट्सएप कॉल और चैट के माध्यम से फरियादी को भरोसे में लेकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। फरियादी ने अपने तीन बैंक खातों से करीब 22 लाख रुपए निवेश कर दिए। जब उसने मुनाफे की राशि निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने 20 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स जमा करने का दबाव बनाया, जिसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ।

जांच में सामने आया कि आरोपी आयुष गुप्ता (31) निवासी चौपड़ा बाजार जीरापुर जिला राजगढ़ ने किराए के मकान लेकर अलग-अलग पते पर फर्जी फर्म के दस्तावेज तैयार कराए। आरोपी अपने आधार कार्ड में पता अपडेट कर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाता था और खातों का उपयोग अपने बड़े भाई के साथ मिलकर ठगी के लिए करता था।

साइबर सेल ने संदिग्ध बैंक खातों के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि कई पते फर्जी थे। इसके बाद टीम ने जिला राजगढ़ के जीरापुर क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध करना स्वीकार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

भाई पहले से साइबर केस में गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक आरोपी का बड़ा भाई चंडीगढ़ साइबर पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट से जुड़े एक अन्य मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में अन्य ठगी के मामलों का भी खुलासा हो सकता है। इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक सव्यसाची सराफ, उप पुलिस अधीक्षक नरेंद्र रघुवंशी, निरीक्षक अंजू पटेल, सुभाष सिंह, सउनि रामप्रकाश बाजपेई सहित टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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