चार महीने की काशी को मांसपेशियों की दुर्लभ बीमारी: इलाज का खर्च 15 करोड़; एक पिता की गुहार, एक मां के आंसू
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कहते हैं बेटियां घर की रौनक होती हैं, लेकिन प्रिकांको कॉलोनी निवासी सुनील कुमार दुबेपुरिया के डॉक्टर बेटे बहू रोहित और डॉ. प्रकृति की चार माह की बेटी काशी परिवार की रौनक के लिए ऐसी जंग लड़ रही है, जिसे अकेले जीत पाना नामुमकिन है।
काशी मांसपेशी की दुर्लभ और जानलेवा बीमारी ‘एसएमए टाइप-1 से जूझ रही है। मांसपेशियां साथ छोड़ रही हैं। एम्स भोपाल के डॉक्टरों का कहना है एकमात्र रास्ता ‘जोल्गेन्स्मा’ इंजेक्शन है, जिसकी कीमत लगभग 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है और यह केवल अमेरिका में ही उपलब्ध है। एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार के लिए 15 करोड़ की राशि जुटा पाना असंभव है।
काशी के पिता डॉ. रोहित दुबेपुरिया और माँ डॉ. प्रकृति सिसोदिया बच्ची का जीवन बचाने न केवल दर-दर भटक रहे हैं। बल्कि समय की कमी और बड़ी चुनौती के साथ शासन-प्रशासन से लेकर आम दानवीर, संस्थान व सहयोगी संगठनों से भी मदद की गुहार लगा रहे हैं।
उनका कहना है रहवासियों ने मदद का हाथ बढ़ाकर दानशीलता का परिचय दिया है। उम्मीद है इंदौर नया जीवन देने में पीछे नहीं हटेगा और एक छोटी सी मदद, काशी को एक नई जिंदगी दे सकेगी।
भोपाल के एम्स हॉस्पिटल में काशी का इलाज चल रहा है। वहां के डाक्टरों का कहना है अमेरिका की नोर्वाटिन कंपनी का इंजेक्शन झोलजेनरमा, जिसकी कीमत 1.72 मिलियन डालर, भारतीय मुद्रा में 15 करोड़ है। यह इंजेक्शन जितनी जल्दी लगेगा, उतनी जल्दी काशी की मांशपेशियों का प्राकृतिक स्वरुप लौटेगा।
काशी के पिता ने बताया सांसद शंकर लालवानी के माध्यम से प्रदेश और केन्द्र सरकार से भी मदद की गुहार लगाई है। नगर के दानवीर संस्थान, सामाजिक एवं राजनैतिक दल, व व्यक्ति विशेष भी मदद के लिए हाथ बढ़ाएं तो काशी को नया जीवन मिल सकता है।
डॉ. रोहित दुबेपुरिया ने बताया सहयोग के लिए उनसे 9039533426 व डॉ. प्रकृति सिसोदिया 9479515600 से संपर्क किया जा सकता है।
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