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पीना छोड़ो, यह पानी तो नहाने लायक भी नहीं बचा: नल उगल रहे नालों जैसा काला व बदबूदार पानी

KHULASA FIRST

संवाददाता

28 फ़रवरी 2026, 1:46 pm
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पीना छोड़ो, यह पानी तो नहाने लायक भी नहीं बचा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में दूषित पानी की समस्या अब भयावह रूप लेती जा रही है। भागीरथपुरा में जहरीले पानी से हुई दर्जनों मौतों को लेकर मचे हड़कंप के बाद भी नगर निगम सबक लेता नहीं दिख रहा, जिसके चलते अब निपानिया क्षेत्र में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यहां नलों से आ रहे काले और बदबूदार पानी के कारण रहवासियों में त्वचा रोग की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि पानी को हाथ में लेकर सूंघने पर उसकी बदबू घंटों तक हाथों से नहीं जाती।

रहवासियों का आरोप है कि निगम कर्मचारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। चेंबर खोलकर गाद निकलवाने का ढोंग किया जा रहा है, जबकि समस्या जस की तस है। पार्षद को लगातार शिकायत करने के बावजूद एक सप्ताह से दूषित व बदबूदार पानी नलों से आ रहा है। इसका उपयोग कर कई लोग त्वचा रोग के शिकार हो रहे हैं।

शनिवार सुबह निगम की टीम तुलसी नगर-निपानिया क्षेत्र में पानी की जांच करने पहुंची, लेकिन जांच के दौरान ही निगम व्यवस्था की सच्चाई सामने आ गई। जब रहवासियों ने एक कर्मचारी से घर में आ रहे पानी को हाथ में लेकर सूंघने को कहा तो उसने साफ इनकार करते हुए कहा इतना गंदा पानी हाथ में ले लिया तो खाना नहीं खा पाऊंगा, इसकी बदबू घंटों तक जाती ही नहीं।

भागीरथपुरा में जहरीले पानी से लगातार हुई मौतों ने पूरे शहर को झकझोर दिया था और उम्मीद जताई जा रही थी कि निगम अब जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाएगा, लेकिन हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं।

गंभीर लापरवाही के चलते नागरिकों का स्वास्थ्य दांव पर लगा : होली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले शहरवासियों को साफ पानी देने के बजाय बदबूदार और गंदा पानी मिलना निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पॉश इलाके में गिने जाने वाले तुलसी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी हालात बदतर हैं।

सामने बड़े मॉल निर्माणाधीन हैं, ऊंची हाईराइज इमारतें खड़ी हो चुकी हैं और पासपोर्ट ऑफिस खुलने से क्षेत्र की पहचान बढ़ी, लेकिन मूलभूत सुविधा में शुमार साफ पानी के लिए रहवासियों को संघर्ष करना पड़ रहा है। शहर के कई इलाकों से बदबूदार पानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन निगम हर बार जांच और जल्द सुधार के दावे कर खानापूर्ति कर लेता है। इस गंभीर लापरवाही के चलते नागरिकों का स्वास्थ्य दांव पर लगा हुआ है।

समस्या से कब मिलेगी निजात...
जोन-8 के सबइंजीनियर आकाश लक्षकरी ने बताया क्षेत्र में बिल्डिंग निर्माण के दौरान कुछ स्थानों पर सड़क किनारे बने चेंबरों को नुकसान पहुंचा या उनमें लंबे समय से गाद जमा होने के कारण पाइपलाइन में गंदा पानी मिल रहा हो सकता है।

फिलहाल लाइन की सफाई करवाई जा रही है और व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि समस्या पूरी तरह कब तक हल होगी, इस बारे में फिलहाल स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। - आकाश लक्षकरी, सबइंजीनियर, जोन-8

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