बाढ़ राहत राशि घोटाला: तहसीलदार गिरफ्तार; की थी इतने करोड़ की हेराफेरी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, श्योपुर।
जिले की बड़ौदा तहसील में सामने आए करीब 2.5 करोड़ रुपए के बाढ़ राहत घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी नामों पर निकाली गई राहत राशि
यह घोटाला साल 2021 की भीषण बाढ़ के बाद सामने आया था, जिसमें पीड़ितों के लिए आई राहत राशि को फर्जी तरीके से निकाल लिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि कई अपात्र और काल्पनिक नामों पर भुगतान किया गया, जबकि असली पीड़ितों को सहायता नहीं मिल सकी।
ऑडिट में उजागर हुआ पूरा खेल
ऑडिट जांच में दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाने की पुष्टि हुई। इस मामले में बड़ौदा थाने में अपराध क्रमांक 439/23 दर्ज कर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत केस दर्ज किया गया है।
पद से हटते ही गिरफ्तारी
आरोपी अमिता सिंह तोमर को एक दिन पहले विजयपुर तहसीलदार पद से हटाया गया था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके ग्वालियर स्थित निवास से गिरफ्तार कर लिया।
जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज
आरोपी की जमानत याचिकाएं हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से पहले ही खारिज हो चुकी थीं। पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल ने बताया कि जांच जारी है और इस घोटाले में अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
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