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निगम मुख्यालय में फायर लाइन गायब: जिम्मेदारों के दफ्तरों में सुरक्षा भगवान भरोसे; जनता का क्या होगा

KHULASA FIRST

संवाददाता

24 मार्च 2026, 1:30 pm
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निगम मुख्यालय में फायर लाइन गायब

नॉवेल्टी मार्केट में सुरक्षा ताक पर

चंचल भारतीय 98936-44317 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांडों के बाद भी प्रशासन और नगर निगम प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। ‘खुलासा फर्स्ट’ की टीम ने जब शहर के सबसे महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों और भीड़भाड़ वाले व्यापारिक क्षेत्रों की पड़ताल की, तो सुरक्षा के तमाम बड़े दावों का सरेआम खुलासा हो गया।

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली और डराने वाली तस्वीर नगर निगम मुख्यालय की नई और पुरानी बिल्डिंग से सामने आई है, जहां फायर सुरक्षा की कोई पुख्ता लाइन ही मौजूद नहीं है। जिस विभाग पर पूरे शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दूसरों को कानून का सख्त पाठ पढ़ाने का जिम्मा है, वही खुद नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाकर बैठा है।

नगर निगम की नई बिल्डिंग में केवल ग्राउंड फ्लोर पर अधिकारियों के केबिन और कुछ शाखाएं आनन-फानन में शुरू कर दी गई हैं, लेकिन पूरी बिल्डिंग को अग्निकांड जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार नहीं किया गया है। यहां रखरखाव और मेंटेनेंस के अभाव में बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है।

दीवारों पर टंगे अग्निशमन सिलेंडरों की हालत बदतर है। नियमों के मुताबिक सिलेंडर पर निर्माण की तारीख, रिफिलिंग की तारीख, अगली सर्विस की एक्सपायरी और हाइड्रोलिक प्रेशर टेस्ट की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए, लेकिन निगम के दफ्तरों में दीवारों पर टंगे इन उपकरणों पर ऐसी कोई भी जानकारी मौजूद नहीं है। यह सीधे तौर पर कर्मचारियों और जनता की जान के साथ खिलवाड़ है।

अग्निकांड से भी सिस्टम ने कोई सबक नहीं लिया
दूसरी ओर, शहर का सबसे व्यस्ततम और संकरा इलाका जेल रोड स्थित नॉवेल्टी मार्केट वर्तमान में किसी बड़े हादसे के मुहाने पर खड़ा है। यहां करीब 80 से 100 दुकानें संचालित हो रही हैं, लेकिन पूरी बिल्डिंग में फायर सुरक्षा या अग्निशमन यंत्र का कोई प्रबंध नहीं दिखा।

मार्केट के ठीक पीछे इलेक्ट्रिक पावर स्टेशन और मंदिर स्थित है, जिससे खतरे की गंभीरता कई गुना और बढ़ जाती है। पड़ताल में यह कड़वी सच्चाई सामने आई कि संकरी गलियों और बेतहाशा ट्रैफिक के कारण यहां आपदा प्रबंधन या फायर ब्रिगेड के वाहनों का पहुंचना लगभग नामुमकिन है।

मार्केट के दुकान संचालक पलाश खुराना के मुताबिक, यहां फायर लाइन डालने की योजना पर विचार तो हुआ था और नियम अनुसार लाइन डालने का काम भी शुरू होने वाला था, लेकिन अव्यवस्था और भीड़भाड़ वाले इलाके का बहाना बनाकर काम करने वाली टीम ने सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं ली और भाग गए।

ब्रजेश्वरी एनएक्स कॉलोनी में हुए दर्दनाक अग्निकांड से भी सिस्टम ने कोई सबक नहीं लिया है। जब शहर के प्रथम नागरिक और कमिश्नर के बैठने वाले मुख्यालय में ही रखरखाव की कमी और सुरक्षा की बुनियादी फायर लाइन नदरद हो, तो शहर की अन्य असुरक्षित बिल्डिंगों पर कार्रवाई करने का नैतिक साहस विभाग कहां से लाएगा।

कलेक्ट्रेट परिसर में पूरी सजगता
हालांकि, इस भारी अव्यवस्था के बीच कलेक्टर कार्यालय से कुछ सकारात्मक और राहत भरी खबर जरूर मिली है। नाजिर शाखा के गौरव धोड़पकर ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी सजगता बरती जा रही है। प्रशासन यहां समय-समय पर तकनीकी और अग्निशमन यंत्रों का भौतिक सत्यापन और दुरुस्ती की बारीकी से जांच सुनिश्चित करता है।

बीते 14 मार्च को ही सभी अग्निशमन यंत्रों की कार्यक्षमता को परखा गया और उन्हें दुरुस्त पाया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में इनका प्रभावी उपयोग हो सके। कलेक्ट्रेट में अपनाई जा रही यह सतर्कता नगर निगम और नॉवेल्टी मार्केट जैसे क्षेत्रों के लिए एक मिसाल होनी चाहिए।

लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि नगर निगम की लापरवाही और व्यस्त मार्केटों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। शहर को केवल कागजी आपदा प्रबंधन की नहीं, बल्कि धरातल पर पुख्ता सुरक्षा इंतजामों की जरूरत है।

अगर समय रहते नगर निगम और नॉवेल्टी मार्केट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में फायर लाइन और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, तो आने वाले समय में होने वाले किसी भी नुकसान की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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