नगर निगम बजट पर आज घमासान के आसार: सदन में बहस शुरू; दर्शक दीर्घा में एंट्री से पहले सख्त जांच
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर नगर निगम के 8455 करोड़ रुपए के बजट को लेकर आज सदन में चर्चा और बहस शुरू हो गई है। मंगलवार को बजट पेश होने से पहले ही श्रद्धांजलि के दौरान हंगामा देखने को मिला था, ऐसे में आज की बैठक में भी तीखे टकराव के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। स्थिति को देखते हुए निगम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दर्शक दीर्घा में एंट्री से पहले बाउंसर तैनात
मंगलवार को हुई नारेबाजी और विरोध को ध्यान में रखते हुए बुधवार को विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। दर्शक दीर्घा में प्रवेश से पहले बाउंसर तैनात किए गए हैं, जो हर व्यक्ति की जांच के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दे रहे हैं। खासतौर पर भागीरथपुरा मुद्दे को लेकर फिर से विरोध की आशंका जताई जा रही है।
प्रश्नकाल में निगम की जमीन पर उठा सवाल
बजट चर्चा शुरू होते ही प्रश्नों का दौर भी शुरू हो गया। कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने नगर निगम की जमीन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में विभागों के पास अपनी ही जमीन की स्पष्ट जानकारी नहीं होती और जानकारी मांगने पर जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाली जाती है। इसके अलावा उन्होंने संजीवनी केंद्रों की संख्या कम बताए जाने पर भी आपत्ति जताई और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।
महापौर ने मांगा समय, 7 दिन में जवाब देने की बात
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भदौरिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि संबंधित जानकारी सात दिन के भीतर तैयार कर प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने सभापति से इसके लिए उचित व्यवस्था बनाने का भी आग्रह किया।
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और पानी पर जोर
पेश किए गए बजट में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर खास फोकस रखा गया है। मास्टर प्लान की सड़कों को समय पर पूरा करने का लक्ष्य। नई सड़कों का निर्माण और अधूरी परियोजनाओं को गति। नर्मदा परियोजना के चौथे चरण को आगे बढ़ाना। नई पाइपलाइन बिछाने और पुरानी पाइपलाइन बदलने की योजना। हर वार्ड में पानी टेस्टिंग लैब स्थापित करने का प्रस्ताव।
इसके अलावा अमृत-2 और अन्य योजनाओं के तहत 1500 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें पानी की टंकियां, सीवरेज सिस्टम और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकास शामिल हैं।
“कोई नया टैक्स नहीं”
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया कि इस बजट में किसी भी प्रकार का नया टैक्स नहीं लगाया गया है और न ही मौजूदा टैक्स में वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि परिषद का कार्यकाल सीमित होने के कारण प्राथमिकता अधूरे कार्यों को समय पर पूरा करने पर है। राजस्व बढ़ाने के लिए पुराने बाजारों के पुनर्विकास, विज्ञापन अधिकारों के विस्तार और पार्किंग स्थलों को ठेके पर देने जैसी योजनाएं शामिल की गई हैं।
विपक्ष की तैयारी, तीखी बहस तय
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने संकेत दिए हैं कि बजट चर्चा के दौरान विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।उन्होंने आरोप लगाया कि बजट भाषण में कई तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। विपक्ष साफ-सफाई, पानी, सड़क, ट्रैफिक और शहर की व्यवस्थाओं को लेकर आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है।
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