छात्राओं ने उठाए सुरक्षा पर सवाल: कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन; छेड़छाड़ और अभद्रता के लगाए आरोप
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। विभिन्न कॉलेजों की छात्राएं गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया।
इसमें बताया गया कि कॉलेज आने-जाने के दौरान उन्हें आए दिन छेड़छाड़, पीछा करने, अभद्र टिप्पणियां करने और अश्लील हरकतों जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। छात्राओं ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
'10 हजार से ज्यादा छात्राएं पढ़ती हैं, लेकिन सुरक्षा नहीं'
ज्ञापन में छात्राओं ने कहा कि कलेक्टर कार्यालय के आसपास स्थित स्कूलों और कॉलेजों में करीब 10 हजार छात्राएं अध्ययन करती हैं। छुट्टी के समय संस्थानों के बाहर असामाजिक तत्वों की भीड़ लग जाती है, जिससे छात्राओं को असुरक्षा का माहौल झेलना पड़ता है। उनका आरोप है कि कई युवक बाइक से पीछा करते हैं, फब्तियां कसते हैं और अभद्र व्यवहार करते हैं।
दुपट्टा खींचने और अश्लील हरकतों के आरोप
छात्राओं ने आरोप लगाया कि कई बार मनचले उनका दुपट्टा खींचने जैसी हरकतें करते हैं। कुछ युवकों पर अश्लील इशारे करने और सार्वजनिक स्थानों पर अभद्र व्यवहार करने के भी आरोप लगाए गए। छात्राओं का कहना है कि ऐसी घटनाओं के कारण वे रोज डर और तनाव के बीच कॉलेज आने-जाने को मजबूर हैं।
'पहले भी विरोध किया, लेकिन हालात नहीं बदले'
छात्राओं ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि पूर्व में छेड़छाड़ की एक घटना के बाद छात्राओं ने एक मनचले का विरोध भी किया था, लेकिन इसके बावजूद इलाके में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी।
'परिवार को बताएं तो पढ़ाई छूटने का डर'
छात्राओं ने कहा कि वे कई बार ऐसी घटनाओं की जानकारी अपने परिजनों को भी नहीं देतीं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि परिवार उनकी पढ़ाई बंद कर सकता है। उनका कहना है कि वे न केवल असामाजिक तत्वों से परेशान हैं, बल्कि अपने शिक्षा और भविष्य को लेकर भी चिंता में रहती हैं।
प्रशासन से की ये प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से छात्राओं ने प्रशासन से मांग की गई कि स्कूल, कॉलेज और छात्रावासों के आसपास स्थायी पुलिस तैनाती की जाए।संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
मनचलों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। छात्राओं की सुरक्षा के लिए नियमित पुलिस गश्त और विशेष हेल्प डेस्क की व्यवस्था की जाए।
कलेक्टर ने दिए निर्देश, लेकिन छात्राओं ने पूछा –कार्रवाई कब?
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने कॉलेज प्राचार्य और पुलिस अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि छात्राओं का कहना है कि केवल निर्देशों से स्थिति नहीं सुधरेगी, जब तक जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी।
छात्राओं ने कॉलेज परिसर के आसपास नियमित पुलिस गश्त, सीसीटीवी कैमरे, मिनी पुलिस चौकी और महिला सुरक्षा हेल्पलाइन की प्रभावी व्यवस्था की मांग की है।
महूनाका और कलेक्टर कार्यालय क्षेत्र की शराब दुकानों पर भी उठे सवाल
छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय से लेकर महुनाका चौराहे तक स्थित शराब दुकानों का भी विरोध किया। उनका आरोप है कि इन दुकानों के आसपास नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा लगातार प्रभावित हो रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा की बातें की जाती हैं, तो फिर ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में शराब दुकानों के संचालन की अनुमति क्यों दी जा रही है?
नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल
छात्राओं और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगाया है। उनका कहना है कि यदि लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, तो फिर कॉलेज क्षेत्रों में खुलेआम नशेड़ियों और मनचलों की मौजूदगी क्यों दिखाई दे रही है?
बस पास शुल्क वृद्धि ने बढ़ाई नाराजगी
सुरक्षा के मुद्दे के साथ-साथ छात्राओं ने सिटी बस पास शुल्क में की गई 400 रुपये की वृद्धि का भी विरोध किया। उनका कहना है कि एक ओर सुरक्षा का अभाव है, दूसरी ओर छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है।
छात्राओं ने मांग की कि पूर्व की महापौर पास योजना की तर्ज पर रियायती बस पास व्यवस्था पुनः लागू की जाए और शुल्क बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
छात्राओं का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रख दी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
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