शहर से लेकर गांवों तक तेंदुए की दहशत: आपसी संघर्ष में किसकी जान गई; क्यों चौंके वन विभाग के अधिकारी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महू से लेकर सांवेर तहसील के गांवों तक तेंदुए की दहशत लगातार बनी हुई है। इसी बीच एक तरफ वन विभाग की टीम सांवेर क्षेत्र के गांवों में तेंदुए के पंजों के निशान तलाश रही थी, वहीं दूसरी ओर महू क्षेत्र के जंगलों में तेंदुओं के बीच हुए संघर्ष की खबर ने विभाग को चौंका दिया। वन विभाग के अनुसार आशापुरा बीट के जंगलों में आपसी संघर्ष के दौरान एक बड़े तेंदुए ने करीब 18 माह की मादा तेंदुए को मार डाला।
गर्दन पर हमला कर किया शिकार, पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
महू फॉरेस्ट रेंज के अधिकारियों के मुताबिक संघर्ष के दौरान बड़े तेंदुए ने मादा तेंदुए की गर्दन पकड़कर उसकी सांस नली को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है।
वर्ष 2023 में बड़गौंदा नर्सरी के पास भी लगभग तीन साल के तेंदुए की इसी तरह आपसी संघर्ष में मौत हो चुकी है। मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम डीएफओ की मौजूदगी में कराया गया और बाद में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सांवेर के गांवों में दिनभर सर्च ऑपरेशन, किसानों से पूछताछ
इधर सांवेर तहसील के सिलोटिया, डकाच्या और आसपास के गांवों में वन विभाग की टीम दिनभर तेंदुए की मौजूदगी के संकेत तलाशती रही। टीम ने किसानों से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए और पंचनामा तैयार किया। सल्लूखेड़ी क्षेत्र में पिंजरा लगाकर एक पशु को रखा गया और बाद में टीम वापस लौट गई।
ग्रामीणों में दहशत, मजदूर पर तेंदुए के हमले का दावा
सांवेर क्षेत्र के इकाच्या निवासी सुरेश पटेल ने बताया कि गुरुवार रात उनके भाई के यहां काम करने वाले मजदूर प्रकाश पर तेंदुए ने हमला कर दिया। मजदूर के पास टॉर्च थी, जिसे उसने तेंदुए पर मारकर खुद को बचाया। बाद में उसे स्थानीय डॉक्टर के पास इलाज के लिए ले जाया गया। इसी तरह सुबह खेत पर काम करते समय एक अन्य ग्रामीण ने भी तेंदुए के अचानक झपटने का दावा किया, जिसके बाद वह डरकर पास के तालाब की ओर भाग गया।
किसानों की मांग- रात की बजाय दिन में बिजली सप्लाई हो
लगातार बढ़ती दहशत के बीच किसानों ने बिजली व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि रात 1 बजे के बजाय दिन में एक बार बिजली सप्लाई दी जाए, क्योंकि रात में खेतों में जाना खतरनाक हो गया है। साथ ही किसानों ने वन विभाग से ड्रोन के जरिए तेंदुए की निगरानी और सर्च अभियान चलाने की मांग भी की है।
वन विभाग की अपील:मूवमेंट की संभावना से इनकार नहीं
वन विभाग की ओर से रेंजर संगीता ठाकुर ने कहा कि भले ही तेंदुए के स्पष्ट पदचिन्ह हर जगह नहीं मिले हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इलाके में उनका मूवमेंट नहीं है। उन्होंने बताया कि विभाग ने संबंधित गांवों में अपने कर्मचारियों की गश्त और निगरानी बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!