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फर्जी सिम नेटवर्क का खुलासा: 5 चेहरों से एक्टिवेट किए 450 सिम कार्ड; कई राज्यों तक फैला है जाल

KHULASA FIRST

संवाददाता

01 अप्रैल 2026, 6:47 pm
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फर्जी सिम नेटवर्क का खुलासा

खुलासा फर्स्ट, बालाघाट।
पुलिस ने एआई तकनीक की मदद से फर्जी सिम रैकेट का बड़ा खुलासा किया है। ‘फेस एनालिसिस टूल’ के जरिए पता चला कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच केवल पांच अलग-अलग चेहरों का उपयोग कर 450 सिम कार्ड एक्टिवेट किए गए।

उत्तरप्रदेश तक सप्लाई किए
पुलिस के अनुसार ये सिम पीओएस एजेंटों द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जारी किए गए और बाद में भोपाल व उत्तरप्रदेश तक सप्लाई किए गए। मामले में कोतवाली थाने में तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर कुल 19 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है।

एसआईटी का किया गठन
इस कार्रवाई का नेतृत्व आदित्य मिश्रा ने किया। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन फेस’ के तहत की गई। मामले की गहन जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया गया है।

डॉक्यूमेंट में करते थे एडिटिंग
जांच में सामने आया कि आरोपी आम लोगों के आधार कार्ड, वोटर आईडी जैसे दस्तावेजों की कॉपी जुटाकर उनमें एडिटिंग करते थे।

अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल
असली दस्तावेजों में फोटो बदलकर अपनी तस्वीर अपलोड की जाती थी और ओटीपी सत्यापन के लिए अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था। इस तरह दस्तावेज किसी और के नाम पर होते थे, जबकि सिम आरोपी के नियंत्रण में रहती थी।

एक ही चेहरे पर कई सिम का खुलासा
AI तकनीक ने चेहरे के विशेष बिंदुओं (फेस नोड्स) के आधार पर यह पहचान की कि कई सिम एक ही व्यक्ति के चेहरे से एक्टिवेट हुई हैं। एक महिला के चेहरे से 72 और एक अन्य व्यक्ति के चेहरे से 97 सिम जारी होने का खुलासा हुआ है।

कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
पुलिस को इस नेटवर्क के तार भोपाल, उत्तर प्रदेश, मंडला और डिंडोरी तक जुड़े मिले हैं। आशंका है कि इन सिम कार्ड्स का उपयोग साइबर अपराधों में किया गया हो।

पुलिस की कार्रवाई
एसपी आदित्य मिश्रा ने लोगों से अपील की है कि वे अपने पहचान पत्र किसी अनजान व्यक्ति को न दें और सिम जारी करते समय खुद मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित करें।

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