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प्राधिकरण में फर्जी एनओसी कांड: बाबू हो गया फरार; विभागीय जांच के बाद एफआईआर की तैयारी

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 अप्रैल 2026, 2:39 pm
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प्राधिकरण में फर्जी एनओसी कांड

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) में फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) से जुड़े बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। मामले में विधि विभाग में पदस्थ एक कर्मचारी पर संदेह के बाद वह फरार हो गया है, जबकि प्राधिकरण ने उसके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

फर्जी एनओसी का मामला कैसे सामने आया
जांच के दौरान योजना 97 पार्ट-4, बिजलपुर क्षेत्र की एक जमीन से जुड़ी फर्जी एनओसी सामने आई। यह एनओसी लगभग 25 हजार वर्गफुट (करीब एक बीघा) जमीन से संबंधित बताई जा रही है।
इस फर्जी दस्तावेज के आधार पर नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से तीन बार अभिन्यास (layout) मंजूरी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार आवेदन खारिज कर दिया गया।

बाबू ड्यूटी से गायब, मोबाइल बंद
विधि शाखा में पदस्थ बाबू शिवम श्रीवास्तव, जो मूल रूप से समयपाल पद पर है, पिछले लगभग 10 दिनों से ड्यूटी से अनुपस्थित है। उसका मोबाइल बंद बताया जा रहा है और प्राधिकरण द्वारा उसके घर पर भी तलाश की गई, लेकिन वह वहां भी नहीं मिला। इसके बाद उसे फरार माना जा रहा है।

जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया
इंदौर विकास प्राधिकरण के विधि और भू-अर्जन अधिकारी सुदीप मीणा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और विभागीय जांच शुरू की जा रही है। जांच के बाद एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
प्राधिकरण में फर्जी एनओसी से जुड़े मामलों का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले योजना 97 पार्ट-2 और पार्ट-4 से जुड़े मामलों में भी गड़बड़ी सामने आ चुकी है। रेडिसन क्षेत्र के सामने एक बिजनेस पार्क में भी फर्जी एनओसी के इस्तेमाल के आरोप लगे थे। योजना 139 में अवैध कॉलोनी और फर्जी रजिस्ट्रियों के मामलों का भी खुलासा हुआ था।

सिस्टम में बदलाव की कोशिश
लगातार सामने आ रहे फर्जीवाड़े के मामलों के बाद प्राधिकरण ने एनओसी जारी करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है, ताकि पारदर्शिता बढ़ाई जा सके और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगाई जा सके।

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