खबर
Top News

फर्जी बैंक गारंटी घोटाला: महाकाल लोक बनाने वाली कंपनी उलझी; जमानत याचिका खारिज

KHULASA FIRST

संवाददाता

17 अप्रैल 2026, 3:06 pm
221 views
शेयर करें:
फर्जी बैंक गारंटी घोटाला

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश जल निगम में फर्जी बैंक गारंटी से जुड़ा बहुचर्चित घोटाला अब और बड़ा हो गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में गुजरात की दो कंपनियों सूरत की एमपी बाबरिया और अहमदाबाद की अंकिता कंस्ट्रक्शन के खिलाफ नया केस दर्ज किया है। इन पर करीब 67.74 करोड़ रुपए की फर्जी बैंक गारंटी देने का आरोप है।

184 करोड़ के मामले से जुड़ा नया खुलासा
यह कार्रवाई पहले से चर्चित 184 करोड़ रुपए की फर्जी बैंक गारंटी के मामले से जुड़ी है, जिसमें तीर्थ गोपीकॉन कंपनी की भूमिका सामने आई थी। अब जांच के दायरे में और कंपनियां आने से पूरे घोटाले का दायरा बढ़ गया है।

बाबरिया की जमानत याचिका खारिज
मामले में आरोपी मनोज बाबरिया की अग्रिम जमानत याचिका इंदौर जिला न्यायालय ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने इसे गंभीर आर्थिक अनियमितता मानते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।

खुद को बताया निर्दोष
मनोज बाबरिया का कहना है कि फर्जी बैंक गारंटी उन्हें सब-कॉन्ट्रैक्टर निकुंज पोकिया और राहुल गुप्ता के माध्यम से मिली थी और उन्हें इसकी वैधता की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि नोटिस मिलने के बाद उन्होंने 24 करोड़ रुपए की नई बैंक गारंटी जमा कर दी थी।

CBI का आरोप: साजिश कर दी गई फर्जी गारंटी
सीबीआई के मुताबिक, यह पूरा मामला साजिश के तहत किया गया, जिसमें मनोज बाबरिया और राहुल गुप्ता की भूमिका संदिग्ध है। जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

महाकाल लोक प्रोजेक्ट का दिया हवाला
अपनी दलील में बाबरिया ने महाकाल लोक कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट में काम करने का हवाला दिया और खुद को निर्दोष बताया, लेकिन कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज कर दिया।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इससे पहले तीर्थ गोपीकॉन केस में प्रमुख आरोपी महेश कुंभानी की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब नए केस दर्ज होने के बाद जांच और तेज हो गई है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!