नगर निगम बजट पर टिकी नजरें: जानिये इस बार कितने करोड़ का होगा; किन मुद्दों पर हो सकता है हंगामा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर नगर निगम का बहुप्रतीक्षित बजट मंगलवार को पेश होगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव सुबह 11 बजे परिषद् सभागृह ‘अटल सदन’ में नए वित्तीय वर्ष का बजट प्रस्तुत करेंगे। बैठक की शुरुआत दिवंगतों को श्रद्धांजलि से होगी, जिसके बाद बजट भाषण शुरू होगा। हालांकि, बजट पेश होते ही हंगामे के आसार भी बन गए हैं। विपक्ष ने भागीरथपुरा जलकांड, अवैध निर्माण, भ्रष्टाचार और आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों पर घेराबंदी की तैयारी कर ली है।
8400 करोड़ के आसपास रहेगा बजट
इस वर्ष नगर निगम का बजट करीब 8400 करोड़ रुपए के आसपास रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 8174 करोड़ रुपए के बजट से थोड़ा अधिक होगा। हालांकि, वित्तीय स्थिति कमजोर होने के कारण इस बार कोई बड़ी नई सौगात मिलने की संभावना कम है। निगम का फोकस पुराने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने और अधूरे कामों को पूरा करने पर रहेगा।
8 अप्रैल को होगी बहस, विपक्ष करेगा घेराव
बजट पेश होने के बाद 8 अप्रैल को इस पर चर्चा और बहस होगी। कांग्रेस पार्षद दल ने संकेत दिए हैं कि भागीरथपुरा जलकांड, गंदे पानी की समस्या, अवैध निर्माण, टैक्स वसूली और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जोरदार विरोध किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे का कहना है कि पिछले बजट की कई घोषणाएं जमीन पर नहीं उतरीं और भागीरथपुरा जैसी घटनाओं ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
हर वार्ड में वॉटर टेस्टिंग लैब का प्लान
भागीरथपुरा जलकांड से सबक लेते हुए निगम ने अब हर वार्ड में पानी की जांच के लिए वॉटर टेस्टिंग लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। महापौर का दावा है कि इससे पानी की गुणवत्ता की तुरंत जांच हो सकेगी और शिकायतों का तेजी से समाधान होगा। शहर के कई इलाकों से लगातार दूषित पानी की शिकायतें सामने आती रही हैं। हाल ही में महालक्ष्मी नगर क्षेत्र की एक कॉलोनी में पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिलने का मामला भी सामने आया था।
1500 करोड़ के जल प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार
अमृत 2.0 योजना के तहत 1500 करोड़ रुपए से अधिक के पेयजल और सीवरेज प्रोजेक्ट्स को गति देने की योजना है। इनमें शामिल हैं: नई पानी टंकियों का निर्माण, नई पाइपलाइन बिछाना, पुरानी लाइनों का रिप्लेसमेंट, नर्मदा के चौथे चरण के कार्य। इन प्रोजेक्ट्स को पूरा होने में करीब 3 साल का समय लगेगा, लेकिन इस साल भी इन पर बड़ा खर्च प्रस्तावित है।
सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
केंद्र सरकार से मिली 468 करोड़ रुपए की राशि से मास्टर प्लान की 23 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 7 पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा: सुभाष मार्ग, छावनी, जिंसी से लक्ष्मीबाई प्रतिमा तक सड़क निर्माण, अन्नपूर्णा से रिंग रोड और तिलक नगर से गोयल नगर तक सड़कें, चंदन नगर से कालानी नगर तक नई सड़क। इन परियोजनाओं को इस साल पूरा करने या शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कोई नया टैक्स नहीं, लेकिन नई सौगात भी नहीं
नगर निगम इस बजट में संपत्ति कर और जलकर में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं करने जा रहा है। यानी आम नागरिकों पर सीधा टैक्स भार नहीं बढ़ेगा। हालांकि, निगम की खराब आर्थिक स्थिति के चलते इस बार कोई बड़ी नई घोषणा या प्रोजेक्ट भी शामिल नहीं किए जा रहे हैं। बजट मुख्य रूप से पुराने कामों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा।
अन्य योजनाएं भी जारी रहेंगी
हर वार्ड में योग केंद्र और संजीवनी क्लिनिक, 7 नए फायर स्टेशन शुरू करने की योजना, नई कचरा परिवहन गाड़ियों की खरीदी, सिरपुर, बिलावली और यशवंत सागर तालाब का विकास, 30 लाख दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन।
महापौर खुद तैयार कर रहे भाषण
इस बार बजट भाषण खास रहने वाला है, क्योंकि इसे निगम अधिकारी नहीं, बल्कि महापौर की निजी टीम तैयार कर रही है। इसमें कुछ नई घोषणाओं को शामिल करने की भी कोशिश की जा रही है।
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